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  "type": "article",
  "title": "टेस्ट क्रिकेट के वे 5 मुकाबले, जब एक ही दिन में बल्लेबाजों ने पीट डाले 500 से ज्यादा रन",
  "summary": "क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप को हमेशा से रक्षात्मक और अनुशासित खेल माना जाता है, लेकिन इतिहास में ऐसे कई मुकाबले हुए हैं जब बल्लेबाजों ने केवल एक दिन में पांच सौ से अधिक रन बनाकर गेंदबाजों के होश उड़ा दिए।",
  "content": "लाल गेंद के खेल को पारंपरिक रूप से अत्यधिक संयम, लंबी एकाग्रता और रक्षात्मक कला का मिश्रण माना जाता है, जहां बल्लेबाज एक-एक रन के लिए संघर्ष करते हैं। हालांकि, इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट के लंबे सफर में कुछ ऐसे विशेष दिन भी दर्ज हैं जब मैदान पूरी तरह बल्लेबाजों के कब्जे में आ गया और स्कोरबोर्ड पर रनों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पुराने सारे समीकरण पीछे छूट गए। वर्ष 1936 से लेकर आधुनिक समय तक दुनिया भर की पिचों पर ऐसे कई यादगार दिन आए हैं जब टीमों ने एक ही दिन के खेल में पांच सौ से अधिक रन जोड़े और विश्व रिकॉर्ड कायम किए।\n\nमैनचेस्टर में बना था आज तक का अटूट महाकीर्तिमान\nइंग्लैंड और भारत के बीच 25 जुलाई 1936 को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए मुकाबले का दूसरा दिन टेस्ट इतिहास के पन्नों में सबसे बड़े स्कोर वाला सिंगल डे साबित हुआ था। उस मुकाबले के दौरान गेंदबाजों के पास राहत पाने का कोई रास्ता नहीं बचा था क्योंकि दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने मिलकर पूरे दिन में केवल छह विकेट गंवाए और कुल 588 रन स्कोरबोर्ड पर टांग दिए। इंग्लैंड की ओर से बल्लेबाजी करते हुए वॉली हैमंड ने शानदार 167 रनों की पारी खेली, जबकि इसके बाद मैदान पर उतरी भारतीय पारी में ओपनर विजय मर्चेंट ने 114 रन और सैयद मुश्ताक अली ने 112 रन बनाकर शतक जड़े। नब्बे वर्ष बीत जाने के बाद भी यह रिकॉर्ड आज तक अजय बना हुआ है।\n\nलॉर्ड्स के मैदान पर जैक हॉब्स का ऐतिहासिक जलवा\nक्रिकेट के घर के रूप में प्रसिद्ध लॉर्ड्स के मैदान पर 28 जून 1924 को इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए मुकाबले के दूसरे दिन भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण उस पूरे दिन केवल दो विकेट हासिल करने में सफल रहा, जबकि दूसरी तरफ अंग्रेजी बल्लेबाजों ने अपनी शानदार तकनीक के बल पर 522 रन बना डाले। इस ऐतिहासिक दिन के सबसे बड़े नायक सर जैक हॉब्स रहे जिन्होंने अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन करते हुए 211 रनों की मैराथन दोहरी शतकीय पारी खेली, और उनका भरपूर साथ निभाते हुए हरबर्ट सुटक्लिफ ने भी 122 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया।\n\nकोलंबो में एशियाई पिचों पर श्रीलंका और बांग्लादेश की तूफानी पारियां\nइक्कीसवीं सदी के मुकाबलों की बात करें तो 21 जुलाई 2002 को कोलंबो के पीएसएस मैदान पर श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला गया मुकाबला भी इसी फेहरिस्त में शामिल है। दूसरे दिन के उस खेल में हालांकि गेंदबाजों को कुल नौ सफलताएं मिलीं, जो अन्य मुकाबलों की तुलना में थोड़ी ज्यादा थीं, फिर भी स्कोरबोर्ड पर कुल 509 रन चढ़ चुके थे। स्पिन और तेज गेंदबाजी के मिले-जुले हमलों का सामना करते हुए श्रीलंका के महान बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने 145 रनों की आक्रामक पारी खेली, जबकि उनके साथी खिलाड़ी अरविंदा डिसिल्वा ने नाबाद शतक बनाते हुए बाद में अपने दोहरे शतक यानी 206 रनों के आंकड़े को छुआ।\n\nद ओवल पर इंग्लिश बल्लेबाजों का चौतरफा प्रहार\nवर्ष 1924 के उस करिश्मे के ठीक ग्यारह साल बाद, 17 अगस्त 1935 को लंदन के द ओवल मैदान पर इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका एक बार फिर एक विशाल स्कोर वाले दिन के गवाह बने। मैच के तीसरे दिन अंग्रेजी बल्लेबाजों ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी की जमकर धुनाई करते हुए आठ विकेट के नुकसान पर पूरे दिन में 508 रन बना डाले, जो टेस्ट इतिहास में पांच सौ से अधिक रन बनने का चौथा मौका था। इस बड़े स्कोर की मुख्य नींव मध्यक्रम के बल्लेबाज मॉरिस लेलैंड ने 161 रनों की पारी खेलकर रखी और उनका साथ विकेटकीपर बल्लेबाज लेस एम्स ने नाबाद 148 रन बनाकर दिया।\n\nरावलपिंडी में मॉडर्न दौर का आक्रामक अंदाज\nपारंपरिक शैली से बिल्कुल उलट मॉडर्न क्रिकेट के सबसे तेज और अनोखे रूप का नमूना 1 दिसंबर 2022 को रावलपिंडी में देखने को मिला जब इंग्लैंड की टीम ने अपने नए आक्रामक अंदाज का प्रदर्शन किया। मेहमान टीम के बल्लेबाजों ने मैच के पहले ही दिन पाकिस्तानी गेंदबाजों की हर रणनीति को ध्वस्त करते हुए केवल चार विकेट खोकर 506 रन बना डाले, जो टेस्ट इतिहास में किसी भी मैच के पहले ही दिन पांच सौ रन पार करने का इकलौता उदाहरण है। उस दिन एक ही पारी में चार बल्लेबाजों ने शतक जड़ने का कारनामा किया जिनमें जैक क्रॉली ने 122 रन, बेन डकेट ने 107 रन, ऑली पोप ने 108 रन और तेज तर्रार अंदाज में खेलते हुए हैरी ब्रूक ने नाबाद 101 रन बनाए।\n\nइसका आप पर असर\nक्रिकेट प्रेमियों के लिए: यह जानकारी खेल के ऐतिहासिक पहलुओं और लंबे प्रारूप में बल्लेबाजों के वर्चस्व को समझने में मदद करती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. टेस्ट क्रिकेट के एक दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड किसके नाम है?\nयह रिकॉर्ड 25 जुलाई 1936 को मैनचेस्टर में इंग्लैंड और भारत के बीच खेले गए मैच के नाम है, जब एक दिन में 588 रन बने थे।\n\n2. मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन भारत की ओर से किन बल्लेबाजों ने शतक बनाए थे?\nभारतीय ओपनर विजय मर्चेंट ने 114 रन और सैयद मुश्ताक अली ने 112 रन बनाए थे।\n\n3. लॉर्ड्स के मैदान पर 1924 में किसने दोहरा शतक लगाया था?\nसर जैक हॉब्स ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 211 रनों की मैराथन दोहरी शतकीय पारी खेली थी।\n\n4. टेस्ट इतिहास में पहले ही दिन 500 रन बनाने वाली पहली टीम कौन सी है?\nइंग्लैंड ने 1 दिसंबर 2022 को रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ मैच के पहले दिन 4 विकेट पर 506 रन बनाए थे।",
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  "category": "क्रिकेट",
  "publishedAt": "2026-08-09",
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