# गॉल में मानव सुथार की शास्त्रीय स्पिन का जादू, 10 विकेट चटकाकर ताजा की बिशन सिंह बेदी के सुनहरे दौर की यादें

> श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में 10 विकेट लेकर मानव सुथार ने न केवल भारत को बड़ी सफलता दिलाई, बल्कि हवा में गेंद तैराने की अपनी पुरानी कला से 70 के दशक के महान स्पिनरों की यादें भी ताजा कर दीं।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-08-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/galle-men-manav-suthar-ki-shastriya-spina-ka-jadu-10-viketa-chatakakara-taja-ki-bishan-singh-bedi-ke-sunahare-daura-ki-yaden-18391 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानव सुथार, भारत बनाम श्रीलंका, गॉल टेस्ट, बिशन सिंह बेदी, भारतीय क्रिकेट टीम, स्पिन गेंदबाजी

श्रीलंका के ऐतिहासिक गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए टेस्ट मुकाबले की दूसरी पारी में जब युवा भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की फिरकी पर विपक्षी बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आ रहे थे, तब क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को भारतीय क्रिकेट का वह स्वर्णिम दौर याद आ गया जब स्पिन गेंदबाजी की शास्त्रीय कला का डंका बजा करता था। गॉल की घूमती हुई पिच पर मानव सुथार ने अपनी कलात्मक उंगलियों का ऐसा जादू चलाया कि श्रीलंका के बल्लेबाज उनके जाल में उलझते चले गए। मानव ने दूसरी पारी में 6 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया और पूरे मैच में कुल 10 विकेट चटकाकर तहलका मचा दिया। अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर के शुरुआती दो मैचों में ही 17 विकेट हासिल करने का यह असाधारण कीर्तिमान न केवल उनकी क्रिकेट की समझ और क्षमता को दर्शाता है, बल्कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए एक बेहद मजबूत और सुनहरे भविष्य का संकेत भी देता है। जब वे मैदान पर गेंदबाजी कर रहे थे, तो कॉमेंट्री बॉक्स में बैठे तमाम दिग्गज उस दौर की स्मृतियों में खो गए जब बिशन सिंह बेदी, इरापल्ली प्रसन्ना, वेंकटराघवन और भगवत चंद्रशेखर जैसे महान गेंदबाजों की कला का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाता था।

## टी20 दौर में हवा में गेंद तैराने की पुरानी शास्त्रीय कला
आज के आधुनिक क्रिकेट में, जहां T20 प्रारूप के प्रभाव के कारण ज्यादातर स्पिन गेंदबाज तेज गति से फ्लैट गेंदबाजी करने और केवल रन रोकने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं मानव सुथार ने इस लीक से हटकर अपनी पारंपरिक गेंदबाजी शैली पर भरोसा दिखाया है। जहां ज्यादातर युवा स्पिनर छक्का खाने के डर से गेंद को हवा में ऊपर फेंकने से बचते हैं, वहीं मानव ने साहस दिखाते हुए गेंद को हवा में तैराने (फ्लाइट देने) का जोखिम उठाया। उनकी इसी बहादुरी और क्लासिक अंदाज ने क्रिकेट विश्लेषकों को अपना मुरीद बना लिया है।

पूर्व दिग्गज स्पिनर मुरली कार्तिक और कई अन्य विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि मानव सुथार जिस तरह से अपनी उंगलियों का इस्तेमाल करके गेंद को रिलीज करते हैं और अपने पूरे शरीर का संतुलन गेंदबाजी में लगाते हैं, वह सीधे 70 के दशक के महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी के सुनहरे दौर की याद दिलाता है। बेदी की ही तरह मानव गेंद को हवा में ऊपर की तरफ छोड़ते हैं, जिससे बल्लेबाज गच्छा खाकर क्रीज से बाहर निकलने पर मजबूर हो जाता है। उनकी गेंद हवा में तैरती हुई (ड्रिफ्ट होकर) बल्लेबाज की तरफ अंदर आती है और पिच पर टप्पा खाने के बाद अप्रत्याशित रूप से बाहर की ओर निकल जाती है। सबसे खास बात उनका फॉलो थ्रू है; गेंद फेंकने के बाद भी उनका शरीर पूरी तरह से नियंत्रित और संतुलित रहता है, जो केवल एक उच्च कोटि के शास्त्रीय स्पिनर में ही देखने को मिलता है।

## तकनीकी अनुशासन: गेंद छोड़ते वक्त सिर की अचूक स्थिरता
गेंदबाजी की इस शास्त्रीय कला के अलावा, क्रिकेट के तकनीकी विश्लेषक जिस खूबी के सबसे ज्यादा कायल हुए हैं, वह है गेंद फेंकते समय मानव सुथार के सिर की अचूक स्थिरता। स्पिन गेंदबाजी में सटीकता, लाइन और लेंथ पर निरंतर नियंत्रण बनाए रखने के लिए गेंदबाज के सिर का स्थिर रहना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि गेंद रिलीज करते वक्त सिर जरा सा भी झुकता या हिलता है, तो टप्पा भटकने की संभावना बढ़ जाती है।

मैच के दौरान कॉमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने मानव के बॉलिंग एक्शन का बारीकी से विश्लेषण करते हुए बताया कि जब मानव अपनी उंगलियों से गेंद को रिलीज करते हैं, तो उनका सिर बिल्कुल स्थिर रहता है। इस परफेक्ट अलाइनमेंट और शारीरिक संतुलन की वजह से उन्हें गेंद की लेंथ पर अद्भुत नियंत्रण हासिल होता है। यही कारण था कि गॉल की मुश्किल पिच पर, जहां अन्य गेंदबाज अपनी सही लाइन और लेंथ पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहां मानव ने एक ही सटीक जगह पर लगातार गेंदबाजी करके श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर निरंतर दबाव बनाए रखा और उन्हें गलतियां करने पर मजबूर कर दिया।

## भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए लंबी रेस का नया सितारा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती दो टेस्ट मैचों में ही 17 विकेट हासिल करना कोई तुक्का या महज संयोग नहीं हो सकता। यह प्रदर्शन साबित करता है कि मानव सुथार में लंबी रेस का घोड़ा बनने के सभी गुण मौजूद हैं। भारतीय टेस्ट क्रिकेट को लंबे समय से एक ऐसे पारंपरिक बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर की तलाश रही है, जो रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल की मौजूदगी के बीच या उनके बाद लंबे स्पेल फेंक सके और नियमित रूप से विपक्षी टीम के विकेट निकाल सके।

गॉल टेस्ट के इस सनसनीखेज प्रदर्शन के बाद मानव सुथार ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर मजबूती से खींचा है। यदि वे अपनी इस गेंदबाजी कला, अनुशासन और निरंतरता को आगे भी इसी तरह बनाए रखते हैं, तो आने वाले लंबे समय तक वे भारतीय टेस्ट टीम की जर्सी में विरोधी टीम के बल्लेबाजों को अपनी फ्लाइट और ड्रिफ्ट के जाल में फंसाते हुए नजर आएंगे।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** टेस्ट क्रिकेट प्रेमियों को शास्त्रीय स्पिन गेंदबाजी का नया दौर देखने को मिल रहा है, जिससे पारंपरिक स्पिन कला के प्रति युवाओं का आकर्षण बढ़ेगा।

**प्रशंसकों के लिए:** टी20 के इस दौर में लगातार एक जगह पर गेंद डालकर दबाव बनाने की पुरानी कला को फिर से मैदान पर देखने का अवसर मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. मानव सुथार ने गॉल टेस्ट मैच में कितने विकेट लिए?
मानव सुथार ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में 6 विकेट और पूरे मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए।

### 2. अपने शुरुआती दो टेस्ट मैचों में मानव सुथार का रिकॉर्ड कैसा रहा है?
मानव सुथार ने अपने शुरुआती दो टेस्ट मैचों में कुल 17 विकेट लेकर बेहद शानदार रिकॉर्ड बनाया है।

### 3. मानव सुथार की गेंदबाजी की तुलना किस महान भारतीय गेंदबाज से की जा रही है?
क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने मानव सुथार की ड्रिफ्ट, लूप और फ्लाइट की तुलना भारत के महान बाएं हाथ के स्पिनर बिशन सिंह बेदी से की है।

### 4. अजय जडेजा ने मानव सुथार की गेंदबाजी की किस तकनीकी खूबी की तारीफ की?
अजय जडेजा ने बताया कि गेंद रिलीज करते समय मानव सुथार का सिर बिल्कुल स्थिर रहता है, जिससे उन्हें गेंद के टप्पे और सटीकता पर गजब का नियंत्रण मिलता है।

### 5. आधुनिक क्रिकेट में मानव सुथार की शैली क्यों खास मानी जा रही है?
जहां आजकल के ज्यादातर स्पिनर तेज और फ्लैट गेंदबाजी करते हैं, वहीं मानव सुथार गेंद को हवा में ऊपर छोड़ते हैं और फ्लाइट व ड्रिफ्ट से बल्लेबाजों को चकमा देते हैं।

## प्रेरणा और सबक
**मानव सुथार के प्रदर्शन से सीख:**

- **अपनी मूल कला पर भरोसा रखें:** जब हर कोई तेज और फ्लैट गेंदबाजी कर रहा था, तब मानव ने गेंद को हवा में तैराने और अपनी पारंपरिक कला पर विश्वास बनाए रखा।
- **तकनीकी अनुशासन और स्थिरता:** गेंद फेंकते समय सिर को बिल्कुल स्थिर रखना दिखाता है कि बुनियादी अभ्यास पर ध्यान देना सफलता की कुंजी है।
- **धैर्य और सटीकता:** एक ही टप्पे पर लगातार गेंदबाजी करके बल्लेबाज को दबाव में लाना यह सिखाता है कि सफलता के लिए निरंतरता कितनी जरूरी है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._