गॉल टेस्ट में केएल राहुल को जीवनदान मिलने पर मची सनसनी, देवदत्त पडिक्कल की सलाह ने पलटा मैच का रुख श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मुकाबले के चौथे दिन मैदान पर एक दिलचस्प वाकया सामने आया जब केएल राहुल आउट होने के बाद डीआरएस के सहारे क्रीज पर टिके रहे। देवदत्त पडिक्कल के कहने पर लिए गए इस रिव्यू ने उन्हें नई जिंदगी दी। श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मुकाबले के चौथे दिन मैदान पर कुछ ऐसा हुआ जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। क्रिकेट के मैदान पर कई बार एक खिलाड़ी की छोटी सी समझदारी पूरी बाजी पलट देती है। कुछ ऐसा ही नजारा गॉल के मैदान पर देखने को मिला जब भारतीय उपकप्तान केएल राहुल लगभग पवेलियन लौटने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन उनके साथी खिलाड़ी देवदत्त पडिक्कल ने उन्हें रोक लिया। समय पर मिली उस सलाह का नतीजा यह हुआ कि राहुल को जीवनदान मिल गया और इसके बाद जो हुआ वह चर्चा का विषय बन गया। प्रभात जयसूर्या की फिरकी और अंपायर का फैसला यह पूरा वाकया भारतीय टीम की दूसरी पारी के 11वें ओवर के दौरान सामने आया। श्रीलंकाई स्पिनर प्रभात जयसूर्या गेंदबाजी कर रहे थे और उनकी एक गेंद राउंड द विकेट से आकर केएल राहुल के फ्रंट पैड पर जा लगी। गेंदबाज की जोरदार अपील पर मैदानी अंपायर ने पलक झपकते ही अपनी उंगली उठा दी और राहुल को पगबाधा यानी एलबीडब्ल्यू आउट करार दे दिया। स्थिति ऐसी थी कि खुद राहुल को भी यह लगा कि वह आउट हो चुके हैं और उन्होंने बिना किसी देरी के पवेलियन की तरफ बढ़ने के लिए कदम बढ़ा दिए। कप्तान शुभमन गिल भी डगआउट से यही मान बैठे थे कि फैसला बिल्कुल सही है। देवदत्त पडिक्कल की सूझबूझ से बचा विकेट जब सब कुछ खत्म लग रहा था, तब क्रीज पर दूसरे छोर पर खड़े देवदत्त पडिक्कल ने स्थिति को बिल्कुल अलग नजरिए से परखा। उन्होंने तुरंत केएल राहुल के पास जाकर चर्चा की और उन्हें डीआरएस यानी रिव्यू लेने के लिए मना लिया। पडिक्कल का मानना था कि राहुल ने शॉट खेलते समय अपने पैर काफी आगे निकाले थे, जिससे गेंद के स्टंप्स पर लगने की संभावना बहुत कम हो जाती है। राहुल शुरुआत में थोड़ा हिचकिचा रहे थे, लेकिन साथी खिलाड़ी के भरोसे पर उन्होंने रिव्यू लेने का फैसला कर लिया। डीआरएस में साफ हुई तस्वीर और मिला जीवनदान थर्ड अंपायर के पास मामला जाते ही दोनों खिलाड़ियों की सांसें थम सी गईं। रिप्ले में यह साफ दिखाई दिया कि गेंद ऑफ स्टंप के बाहर पिच हुई थी और पैड से टकराने के बाद स्टंप्स की तरफ जा रही थी। हालांकि जब बॉल ट्रैकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई। तकनीक ने यह साबित कर दिया कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से निकल रही थी, जिसका मतलब था कि राहुल पूरी तरह सुरक्षित हैं। गले मिलकर जताया आभार और आगे का हाल अंपायर के नॉट आउट के फैसले ने राहुल के चेहरे पर मुस्कान ला दी। अपनी खुशी छिपाए बिना राहुल ने तुरंत आगे बढ़कर देवदत्त पडिक्कल को गले लगा लिया और उनका शुक्रिया अदा किया। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच का यह आपसी भरोसा और खेल भावना देखने वालों के दिलों में बस गई। हालांकि इस किस्मत के सहारे मिले जीवनदान का राहुल ज्यादा देर तक फायदा नहीं उठा सके। पारी के 15वें ओवर में प्रभात जयसूर्या ने एक बार फिर अपनी फिरकी का जाल फैलाया और राहुल को अपना शिकार बना लिया। इस बार राहुल ने मिड-ऑन के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन बल्ला और गेंद का सही तालमेल नहीं बैठ पाया। गेंद हवा में लहराते हुए मिलान रथनायके के पास चली गई जिन्होंने एक आसान सा कैच लपककर राहुल की पारी का अंत कर दिया। भले ही राहुल इस मौके को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए, लेकिन पडिक्कल की सूझबूझ और मैदान पर दिखाई गई उनकी सतर्कता ने उस पल मैच को बेहद रोमांचक बना दिया। इसका आप पर असर यह खबर मुख्य रूप से खेल प्रेमियों और क्रिकेट प्रशंसकों से जुड़ी है: • क्रिकेट फैंस के लिए: यह घटना दिखाती है कि मैदान पर साथियों के बीच आपसी संवाद और भरोसा कितना महत्वपूर्ण होता है। सवाल-जवाब 1. केएल राहुल को किस मैच में जीवनदान मिला? केएल राहुल को भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले गॉल टेस्ट मैच की दूसरी पारी में जीवनदान मिला। 2. केएल राहुल को किस गेंदबाज ने आउट दिया था? श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाज प्रभात जयसूर्या ने राहुल को एलबीडब्ल्यू आउट किया था। 3. केएल राहुल को रिव्यू लेने के लिए किसने कहा था? देवदत्त पडिक्कल ने केएल राहुल को डीआरएस रिव्यू लेने की सलाह दी थी। 4. जीवनदान मिलने के बाद राहुल कितने ओवर टिक सके? जीवनदान मिलने के ठीक बाद 15वें ओवर में राहुल प्रभात जयसूर्या का शिकार बन गए। https://trendkia.com/cricket/galle-test-me-kl-rahul-ko-jivanadana-milne-par-machi-sunsani-18096 TrendKia — Har trend, sabse pehle.