गौतम गंभीर की कोचिंग टीम में बदलाव की आहट: दो बड़े सहयोगियों के इस्तीफे की अटकलें भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के दो प्रमुख सहयोगी इंग्लैंड दौरे के बाद अपना पद छोड़ सकते हैं। बीसीसीआई और इन कोचों के बीच भविष्य को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। भारतीय मेंस क्रिकेट टीम के कोचिंग सेटअप में बड़े बदलाव की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। मुख्य कोच गौतम गंभीर की कोर टीम के दो बेहद अहम सदस्य, तेज गेंदबाजी कोच मोर्न मोर्कल और सहायक कोच रयान टेन डोशेट के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि मौजूदा इंग्लैंड दौरे के संपन्न होने के बाद ये दोनों दिग्गज अपने-अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला कर सकते हैं। कोचिंग स्टाफ में क्यों है उथल-पुथल? विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, रयान टेन डोशेट को साल भर टीम के साथ लगातार सफर करने की अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं को निभाने में काफी कठिनाई महसूस हो रही है। दूसरी ओर, मोर्न मोर्कल भी अपने अगले कदमों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि टेन डोशेट इंटरनेशनल क्रिकेट के व्यस्त कैलेंडर और पूरे वर्ष यात्रा करने की थकान से तालमेल बिठाने में सहज नहीं हैं। उन्होंने अपनी इन चुनौतियों से बीसीसीआई को पहले ही अवगत करा दिया है। बीसीसीआई का रुख और बैकअप प्लान फिलहाल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दोनों कोचों के साथ निरंतर संपर्क में है और किसी समाधान तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। बोर्ड की प्राथमिकता यह है कि उनकी चिंताओं का निपटारा किया जाए ताकि वे गौतम गंभीर के साथ अपनी जिम्मेदारी जारी रख सकें। हालांकि, यदि बातचीत विफल रहती है और ये कोच टीम का साथ छोड़ने का मन बना लेते हैं, तो बोर्ड ने पहले से ही अपनी वैकल्पिक रणनीति तैयार कर ली है। आईपीएल और गंभीर का पुराना नाता यह ध्यान देने योग्य है कि मोर्न मोर्कल और रयान टेन डोशेट को मुख्य कोच गौतम गंभीर की विशेष सिफारिश पर ही टीम इंडिया में शामिल किया गया था। इससे पहले ये दोनों सदस्य आईपीएल की कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) जैसी फ्रेंचाइजी में गंभीर के साथ काम कर चुके हैं। उन दोनों के कोचिंग स्टाइल और कार्यक्षमता ने गंभीर को काफी प्रभावित किया था। चर्चा है कि यदि टेन डोशेट भारतीय टीम से अलग होते हैं, तो वे किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ सकते हैं, जहां उनकी व्यस्तता साल में केवल दो-तीन महीने तक ही सीमित रहती है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्न मोर्कल के अगले निर्णय पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। आगामी दौरे और नई व्यवस्था की संभावना भारतीय टीम के आने वाले व्यस्त शेड्यूल के मद्देनजर बीसीसीआई कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इंग्लैंड दौरे के तुरंत बाद भारतीय टीम को तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा करना है। इस दौरे पर गौतम गंभीर और उनका नियमित स्टाफ ब्रेक पर रहेगा। उस दौरान राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण कार्यवाहक मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे और उनके साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का कोचिंग स्टाफ भी टीम के साथ रहेगा। इसके बाद श्रीलंका दौरे पर 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज में गौतम गंभीर दोबारा कमान संभालेंगे। लक्ष्मीपति बालाजी की एंट्री की संभावना मोर्न मोर्कल का बीसीसीआई के साथ वर्तमान अनुबंध इंग्लैंड दौरे तक ही सीमित है। यदि वे अपने करार को आगे नहीं बढ़ाते हैं, तो श्रीलंका दौरे के लिए बीसीसीआई लक्ष्मीपति बालाजी को अस्थायी तेज गेंदबाजी कोच के रूप में शामिल करने का विकल्प तलाश सकता है। लक्ष्मीपति बालाजी के पास आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ काम करने और घरेलू क्रिकेट में लंबा कोचिंग अनुभव है। इस समय भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की तैयारियों में जुटी है। इस सीरीज के समापन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि गंभीर की कोचिंग टीम का स्वरूप आगे क्या रहने वाला है। टीम के थिंक-टैंक के लिए शुरुआती दौर में ही महत्वपूर्ण सदस्यों का इस प्रकार विचार करना निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। इसका आप पर असर • भारत में: कोचिंग स्टाफ में बदलाव से टीम की तैयारियों और प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है, जिस पर क्रिकेट प्रेमियों की नजर रहेगी। • खेल जगत में: बीसीसीआई के फैसलों का भारतीय क्रिकेट के रणनीतिक ढांचे और भविष्य के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. मोर्न मोर्कल और रयान टेन डोशेट क्यों इस्तीफा दे सकते हैं? रयान टेन डोशेट को साल भर यात्रा करने में दिक्कत हो रही है, जबकि मोर्न मोर्कल अपने भविष्य के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। 2. क्या बीसीसीआई दोनों कोचों को रखने की कोशिश कर रहा है? हां, बीसीसीआई इन दोनों के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी चिंताओं का समाधान ढूंढ रहा है ताकि वे टीम के साथ बने रहें। 3. जिम्बाब्वे दौरे पर टीम का कोच कौन होगा? जिम्बाब्वे दौरे पर मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनका स्टाफ ब्रेक पर रहेंगे, और वीवीएस लक्ष्मण कार्यवाहक मुख्य कोच की भूमिका निभाएंगे। 4. यदि मोर्न मोर्कल इस्तीफा देते हैं, तो कौन सा नाम चर्चा में है? यदि मोर्कल का अनुबंध आगे नहीं बढ़ता है, तो लक्ष्मीपति बालाजी को श्रीलंका दौरे के लिए अस्थायी तेज गेंदबाजी कोच के रूप में शामिल किया जा सकता है। https://trendkia.com/cricket/gautam-gambhir-ki-kochinga-tima-men-badalava-ki-ahata-do-bare-sahayogiyon-ke-istiphe-ki-atakalen-7325 TrendKia — Har trend, sabse pehle.