गुवाहाटी में गरजा शुभमन गिल का बल्ला, 117 गेंदों में ठोका एकदिवसीय इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने केवल 117 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया। 406 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल और ईशान किशन के पुराने रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। असम के गुवाहाटी में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच में भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने कैरेबियाई गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए नया इतिहास रच दिया। 406 रनों के विशालकाय लक्ष्य के सामने 27 वर्षीय गिल ने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की और महज 117 गेंदों पर अपना दोहरा शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह पचास ओवरों के अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में सबसे तेज डबल सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। एकदिवसीय करियर में यह उनका दूसरा दोहरा शतक था, जिससे पहले उन्होंने जनवरी 2023 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध हैदराबाद में 200 रनों का आंकड़ा छुआ था। रोहित शर्मा की खास जमात में दूसरी बार नाम दर्ज पचास ओवरों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक से अधिक दोहरे शतक जड़ने की असाधारण उपलब्धि अब तक केवल रोहित शर्मा के पास थी, जिन्होंने 2013 में ऑस्ट्रेलिया और फिर 2014 व 2017 में श्रीलंका के खिलाफ तीन बार यह कारनामा किया था। गिल अब इस विशिष्ट सूची में शामिल होने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा रन चेज करते हुए सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी गिल के नाम दर्ज हो गया। उन्होंने 202 रनों के मुकाम पर पहुंचकर ग्लेन मैक्सवेल के 201 रनों के पिछले विश्व रिकॉर्ड को तोड़ दिया। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में सबसे कम गेंदों पर दोहरे शतक • शुभमन गिल: 117 गेंदें • ईशान किशन: 126 गेंदें • ग्लेन मैक्सवेल: 128 गेंदें • पथुम निसांका: 136 गेंदें • क्रिस गेल: 138 गेंदें चौतरफा प्रहार और रोहित के साथ ऐतिहासिक साझेदारी शुरुआती ओवरों से ही विपक्षी गेंदबाजों पर हावी होते हुए गिल ने अपना शतक मात्र 62 गेंदों में पूरा किया। इसके बाद उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज हो गई, जिससे उन्होंने केवल 89 गेंदों में 150 रनों की सीमा पार कर ली। इस तेज तर्रार पारी से उन्होंने ईशान किशन का पुराना भारतीय कीर्तिमान भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 103 गेंदों में 150 रन बनाए थे। पारी के दौरान रोहित शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए गिल ने 255 रनों की जोरदार भागीदारी निभाई, जो एकदिवसीय प्रारूप में किसी भी भारतीय सलामी जोड़ी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। रोहित ने 75 गेंदों में 101 रनों की शानदार पारी खेली और उनके आउट होने के बाद भी गिल की रन गति धीमी नहीं पड़ी। विराट कोहली के साथ रन गति को बरकरार रखा सलामी जोड़ी के टूटने के पश्चात क्रीज पर आए विराट कोहली ने आक्रामक तेवर अपनाए। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे क्रम पर मिलकर 35 गेंदों में 65 रनों की तेज तर्रार साझेदारी की। कोहली ने 19 गेंदों में 29 रन बनाए और बड़ा प्रहार करने के चक्कर में पवेलियन लौट गए, जिनका अद्भुत कैच शेर्फेन रदरफोर्ड ने बाउंड्री पर लपका। एक छोर पर साथी खिलाड़ियों के बदलाव के बावजूद गिल ने अंत तक विरोधी टीम पर अपना शिकंजा कसे रखा और टीम को जीत की राह पर बनाए रखा। इसका आप पर असर यह ऐतिहासिक पारी भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट में शीर्ष क्रम की आक्रामकता और आधुनिक बल्लेबाजी दृष्टिकोण का नया मानक स्थापित करती है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: 406 रनों जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐसा आक्रामक खेल एकदिवसीय प्रारूप के प्रति दर्शकों के रोमांच को कई गुना बढ़ा देता है। गिल की यह पारी दिखाती है कि पचास ओवरों के मैच में किसी भी लक्ष्य को हासिल करना मुमकिन है। • टीम संयोजन पर प्रभाव: कप्तान के रूप में गिल की यह मैच जिताऊ क्षमता टीम इंडिया के शीर्ष क्रम में स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित करती है। इससे आगामी वैश्विक टूर्नामेंटों के लिए भारतीय टीम का मनोबल अत्यधिक मजबूत होगा। • प्रतिद्वंद्वी टीमों के लिए सबक: विपक्षी गेंदबाजों के लिए 400 से अधिक का स्कोर सुरक्षित रखने की पुरानी सोच अब अप्रभावी साबित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों को शुरुआती पावरप्ले और मध्य ओवरों में रक्षात्मक रणनीतियां पूरी तरह बदलनी होंगी। • घरेलू क्रिकेटरों को प्रेरणा: गिल का स्ट्राइक रेट प्रबंधन युवा भारतीय बल्लेबाजों को लंबी पारियों में भी आक्रामक बने रहने की सीख देता है। घरेलू स्तर पर खिलाड़ी अब बड़ी पारियों को तेज गति से खेलने का नया दृष्टिकोण अपनाएंगे। ऐसा क्यों हुआ यह अविश्वसनीय पारी 406 रनों के विशालकाय लक्ष्य के दबाव, असाधारण बल्लेबाजी फॉर्म और शीर्ष क्रम की बेहतरीन साझेदारियों का सीधा परिणाम थी। • विशाल लक्ष्य का दबाव: वेस्टइंडीज द्वारा खड़ा किया गया 406 रनों का स्कोर सामान्य गति से हासिल नहीं किया जा सकता था। इस कारण भारतीय सलामी बल्लेबाजों को पहली ही गेंद से आक्रामक रुख अपनाना अनिवार्य हो गया था। • रोहित शर्मा का शुरुआती सहयोग: रोहित शर्मा ने दूसरे छोर से 75 गेंदों में 101 रन बनाकर दबाव पूरी तरह बांट लिया। दोनों के बीच 255 रनों की तेज साझेदारी ने गिल को बिना किसी हिचक के बड़े प्रहार करने की छूट दी। • गिल का उत्कृष्ट फॉर्म: 27 साल के गिल पहले भी न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन बना चुके थे और उनके पास लंबी पारी को गति देने का अनुभव था। उन्होंने शतक 62 गेंदों में और 150 रन 89 गेंदों में पूरे कर विपक्षी गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। सवाल-जवाब 1. शुभमन गिल ने कितनी गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया? शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मैच में मात्र 117 गेंदों पर अपना दोहरा शतक पूरा किया। 2. एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का पिछला रिकॉर्ड किसके नाम था? गिल से पहले सबसे तेज दोहरे शतक का रिकॉर्ड ईशान किशन के नाम था, जिन्होंने 126 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। 3. गिल ने लक्ष्य का पीछा करते हुए किसका व्यक्तिगत स्कोर रिकॉर्ड तोड़ा? गिल ने 202 रनों का स्कोर पार कर ग्लेन मैक्सवेल के लक्ष्य का पीछा करते हुए बनाए गए 201 रनों के सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के रिकॉर्ड को तोड़ा। 4. शुभमन गिल ने अपना पहला एकदिवसीय दोहरा शतक कब और किसके खिलाफ लगाया था? गिल ने जनवरी 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में अपने करियर का पहला एकदिवसीय दोहरा शतक लगाया था। 5. इस मैच में भारत किस लक्ष्य का पीछा कर रहा था और गिल ने किसके साथ सबसे बड़ी साझेदारी की? भारतीय टीम 406 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी और गिल ने रोहित शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 255 रनों की साझेदारी की। https://trendkia.com/cricket/guvahati-men-garaja-shubman-gill-ka-balla-117-gendon-men-thoka-ekadivasiya-itihasa-ka-sabase-teja-dohara-shataka-40678 TrendKia — Har trend, sabse pehle.