गुवाहाटी में 405 रन के चेज के बाद भड़के गौतम गंभीर, फ्लैट विकेट को बताया खेल के साथ मजाक बरसापारा में वेस्टइंडीज के 405 रन का पीछा करते हुए भारत की रिकॉर्ड जीत के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने पिच की तीखी आलोचना की है। उन्होंने बल्ले और गेंद के बीच संतुलन की वकालत करते हुए गेंदबाजों को संरक्षण देने की मांग उठाई। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में 30 सितंबर की रात खेले गए मुकाबले ने एकदिवसीय क्रिकेट में पिचों के मिजाज पर नई बहस छेड़ दी है। मैच में गेंदबाजों की बेबसी साफ नजर आई और बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां पूरी तरह मुफीद रहीं। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो उसके एकदिवसीय इतिहास का सबसे बड़ा टोटल है। भारतीय टीम ने इस विशालकाय लक्ष्य को महज औपचारिकता बनाते हुए 39 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया और एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा रन चेज दर्ज किया। इस एकतरफा मुकाबले के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने पिच की प्रकृति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हेड कोच ने उठाए पिच की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल मुकाबला समाप्त होने के बाद मैच के आधिकारिक प्रसारक स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान गौतम गंभीर ने पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल से चर्चा में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस मुकाबले की तुलना एक तमाशे से करते हुए कहा कि यह खेल के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। ## "मैं बल्ले और गेंद के बीच और ज्यादा मुकाबला देखना चाहता हूं।" गंभीर ने स्पष्ट किया कि 400 से अधिक रनों के मुकाबले टीवी प्रसारकों और सांख्यिकी प्रेमियों को भले ही रोमांचित करते हों, लेकिन यह खेल के दीर्घकालिक भविष्य के लिए नुकसानदेह हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक गेंदबाजों के लिए सतह पर कोई मदद नहीं होगी, मुकाबला एकतरफा बना रहेगा और खेल की प्रतिस्पर्धात्मक भावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी। उनका मानना है कि पिचों में ऐसा संतुलन अनिवार्य है जहां गेंदबाजों को भी अपनी कला दिखाने का उचित अवसर मिले। इसी मुकाबले में सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने अपने एकदिवसीय करियर का दूसरा दोहरा शतक जमाते हुए सबसे तेज डबल सेंचुरी का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया। सोशल मीडिया पर दर्शकों और जानकारों की तीखी प्रतिक्रियाएं सड़क जैसी सपाट पिच पर मैच खत्म होने के बाद विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर प्रशंसकों का आक्रोश फूट पड़ा। दर्शकों ने बरसापारा मैदान की सुविधाओं, पिच की तैयारी और मैच के दौरान मैदान पर दिख रही व्यवस्थाओं की कड़ी आलोचना की। खेल समीक्षक समीप राजगुरु ने सोशल मीडिया मंच X पर पिच क्यूरेशन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऐसे विकेटों पर गेंदबाज पूरी तरह मुकाबले से बाहर हो जाते हैं और पूरा खेल केवल बल्लेबाजों की आपसी जंग बनकर रह जाता है। वहीं पत्रकार अरणी बसु ने X पर टिप्पणी करते हुए रेखांकित किया कि इस प्रकार के सपाट और असंतुलित विकेट प्रशंसकों को पचास ओवर के प्रारूप से दूर करने का मुख्य कारण बन रहे हैं। तिरुवनंतपुरम के बाद अब गुवाहाटी में भी गेंदबाजों की यह लाचारी देखने को मिली है, जहां गेंद और बल्ले का संघर्ष पूरी तरह नदारद दिखा। वर्ल्ड कप की तैयारियों और प्राथमिकताओं पर उठती चिंताएं क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि जब पिच निर्माण और मैचों के आयोजन से जुड़े फैसले केवल व्यावसायिक हितों और दर्शकों को लुभाने के आधार पर लिए जाने लगें, तो खेल की तकनीकी गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे भारी-भरकम स्कोर वाले मुकाबलों से आगामी बड़े टूर्नामेंटों या वर्ल्ड कप की ठोस तैयारी संभव नहीं है। लगातार सपाट पिचों पर खेलने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को दबाव की परिस्थितियों और प्रतिस्पर्धी पिचों पर खुद को परखने का मौका नहीं मिल पाता है, जो आगे चलकर टीम संतुलन के लिए चुनौती बन सकता है। इसका आप पर असर क्रिकेट प्रेमियों और प्रशंसकों के लिए यह मैच स्टेडियम अनुभव और वनडे प्रारूप की भविष्य की गुणवत्ता से जुड़े सीधे सवाल खड़े करता है। • क्रिकेट प्रेमियों के लिए: एकदिवसीय मैचों में एकतरफा चौकों और छक्कों की भरमार से मुकाबले का असली रोमांच खत्म हो रहा है। बल्ले और गेंद के बीच उचित संतुलन न मिलने से दर्शक पचास ओवर के प्रारूप में दिलचस्पी खो रहे हैं। • गुवाहाटी में दर्शकों के लिए: बरसापारा स्टेडियम में खेल देखने पहुंचे स्थानीय दर्शकों को महंगे टिकट के बावजूद तकनीकी समस्याओं और विज्ञापनों की अधिकता का सामना करना पड़ा। भविष्य में घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के संतुलित मैचों की मांग तेज हो सकती है। • आगामी टूर्नामेंटों की तैयारी: लगातार सपाट पिचों पर खेलने से भारतीय गेंदबाजों को दबाव में बेहतर प्रदर्शन का अभ्यास नहीं मिल पा रहा है। आगामी विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम के प्रदर्शन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। • घरेलू क्रिकेट क्यूरेशन: बोर्ड और आयोजकों पर पिचों को पूरी तरह पाटा बनाने के बजाय गेंदबाजों के अनुकूल सतह तैयार करने का दबाव बढ़ेगा। इससे भविष्य में अन्य मैदानों पर अधिक प्रतिस्पर्धी और संतुलित मैच देखने को मिल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ गुवाहाटी के बरसापारा मैदान पर बल्लेबाजों के अत्यधिक प्रभुत्व और गेंदबाजों की बेबसी के पीछे कई संगठनात्मक और रणनीतिक कारक रहे हैं। • सपाट पिच का निर्माण: मैच के लिए तैयार की गई सतह पर गेंदबाजों, खासकर तेज गेंदबाजों और स्पिनरों, के लिए किसी भी तरह की गति, उछाल या सीम मूवमेंट मौजूद नहीं थी। गेंद बिना किसी बदलाव के सीधे बल्ले पर आ रही थी जिससे दोनों पारियों में आसानी से 400 से अधिक रन बने। • व्यावसायिक दबाव और दर्शक आकर्षण: प्रसारणकर्ताओं और मनोरंजन को प्राथमिकता देने की रणनीति के तहत अक्सर हाई-स्कोरिंग पिचों को बढ़ावा दिया जाता है। इस व्यावसायिक दृष्टिकोण के चलते गेंदबाजों के हितों और खेल के तकनीकी संतुलन को नजरअंदाज कर दिया गया। • तिरुवनंतपुरम जैसी परिस्थितियों का दोहराव: इससे पहले तिरुवनंतपुरम में भी गेंदबाजों के लिए ऐसी ही निराशाजनक परिस्थितियां देखी गई थीं। लगातार ऐसे विकेट मिलने से खिलाड़ियों और जानकारों के बीच क्यूरेशन प्रक्रिया को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया। सवाल-जवाब 1. गुवाहाटी मैच में भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर क्यों भड़क गए? गौतम गंभीर ने बरसापारा स्टेडियम की फ्लैट पिच की आलोचना करते हुए कहा कि बल्ले और गेंद के बीच संतुलन के बिना ऐसा मैच क्रिकेट नहीं बल्कि मजाक है। 2. वेस्टइंडीज और भारत के मुकाबले में क्या नया रिकॉर्ड बना? वेस्टइंडीज ने अपने इतिहास का सर्वोच्च स्कोर 405 रन बनाया, जिसके जवाब में भारत ने 39 गेंद पहले लक्ष्य हासिल कर वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज किया। 3. इस मुकाबले में शुभमन गिल ने क्या कीर्तिमान स्थापित किया? शुभमन गिल ने एकदिवसीय क्रिकेट में अपना दूसरा दोहरा शतक लगाया और वनडे प्रारूप में सबसे तेज डबल सेंचुरी बनाने का रिकॉर्ड बनाया। 4. सोशल मीडिया पर क्रिकेट जानकारों ने पिच को लेकर क्या चिंता जताई? विशेषज्ञों का कहना था कि सपाट पिचों से गेंदबाज खेल से पूरी तरह बाहर हो जाते हैं और ऐसी एकतरफा व्यवस्था दर्शकों को वनडे प्रारूप से दूर कर रही है। https://trendkia.com/cricket/guwahati-men-405-rana-ke-cheja-ke-bada-bharake-gautam-gambhir-phlaita-viketa-ko-bataya-khela-ke-satha-majaka-40770 TrendKia — Har trend, sabse pehle.