हांगकांग सिक्सेस में शशांक सिंह के 15 गेंदों पर अर्धशतक से भारत ने बांग्लादेश को आखिरी गेंद पर हराया हांगकांग सिक्सेस में लगातार तीन पराजयों के बाद भारतीय टीम ने मिशन रोड ग्राउंड पर बांग्लादेश के खिलाफ 5 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। हांगकांग सिक्सेस में लगातार तीन झटके झेलने के बाद भारतीय टीम ने आखिरकार जीत का स्वाद चख लिया है। 1 नवंबर को मिशन रोड ग्राउंड पर आयोजित मुकाबले में भारत ने बेहद कड़े संघर्ष के बीच बांग्लादेश को आखिरी गेंद पर 5 विकेट से पराजित किया। इस मुकाबले में पहले गेंद से कप्तान क्रुणाल पांड्या ने कमाल दिखाया और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए शशांक सिंह की विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख पलट दिया। इस जीत के साथ भारतीय दल ने टूर्नामेंट में अपनी पहली सफलता दर्ज की है। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी और अबू हिदर रोनी का तूफानी अर्धशतक टॉस के समय भारतीय कप्तान ने पहले क्षेत्ररक्षण का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम ने निर्धारित 6 ओवरों के भीतर 5 विकेट के नुकसान पर 116 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इस पारी के मुख्य आकर्षण बांग्लादेश के कप्तान अबू हिदर रोनी रहे, जिन्होंने क्रीज पर आते ही चौतरफा प्रहार किए। रोनी ने मात्र 18 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 62 रनों की पारी खेली, जिसमें 8 छक्के और 3 चौके शामिल थे। बांग्लादेश के अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी कैमियो खेले। हबीबुर रहमान सोहन ने 6 गेंदों में 18 रन जोड़े, जबकि सब्बीर रहमान ने 4 गेंदों पर 13 रन बनाए। इसके साथ ही चौधरी मोहम्मद रिजवान ने 5 गेंदों में 12 रनों का योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में कप्तान क्रुणाल पांड्या सबसे असरदार साबित हुए। क्रुणाल ने अपने कोटे के 2 ओवरों में 25 रन खर्च करके 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। वहीं राहुल त्रिपाठी ने भी 1 विकेट हासिल कर विरोधी टीम को कुछ हद तक सीमित करने का प्रयास किया। 117 रनों का पीछा, शशांक सिंह की आतिशी फिफ्टी और अंतिम गेंद पर जीत जीत के लिए मिले 117 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को तेज शुरुआत की सख्त दरकार थी। शशांक सिंह ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और बांग्लादेशी गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। शशांक ने केवल 15 गेंदों में 7 छक्के और 1 चौका जड़ते हुए 50 रन पूरे किए और नियमानुसार अर्धशतक के बाद रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर आ गए। उनके अलावा शीर्ष क्रम में राहुल त्रिपाठी ने भी आक्रामक तेवर दिखाए और 12 गेंदों पर 3 चौकों व 3 छक्कों की मदद से 32 रन जुटाए। मैच जब अंतिम क्षणों के रोमांच में पहुंचा, तब क्रीज पर मौजूद नितीश राणा और राहुल तेवतिया ने धैर्य बनाए रखा। नितीश राणा ने 4 गेंदों पर नाबाद 10 रन बनाए, जबकि राहुल तेवतिया ने 5 गेंदों में नाबाद 16 रन बनाकर अंतिम गेंद पर भारत को जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया। ऑलराउंड खेल और 3 विकेट चटकाने के कारण क्रुणाल पांड्या को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। ग्रुप-सी की तीन शुरुआती पराजयों के बाद मिला संबल इस रोमांचक मुकाबले से पूर्व ग्रुप-सी में भारतीय अभियान बेहद निराशाजनक रहा था। टूर्नामेंट के शुरुआती तीनों मैचों में टीम को लगातार पराजय का सामना करना पड़ा था। भारतीय टीम को पहले मैच में पाकिस्तान के हाथों 4 विकेट से मात मिली थी। इसके बाद दूसरे मुकाबले में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारत को 6 विकेट से हराया था, जबकि तीसरे मैच में इंग्लैंड ने 3 विकेट से जीत दर्ज की थी। लगातार तीन झटकों के बाद मिली इस जीत ने भारतीय खेमे को बहुप्रतीक्षित राहत प्रदान की है। इसका आप पर असर हांगकांग सिक्सेस में भारत की इस जीत ने लगातार तीन पराजयों के बाद प्रशंसकों और टीम के मनोबल को मजबूती दी है। • प्रशंसकों के लिए: लगातार तीन मैचों में निराशाजनक हार झेलने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को एक बेहद रोमांचक मुकाबले में जीत देखने को मिली। आखिरी गेंद पर निकले परिणाम ने इस तेज प्रारूप के प्रति दर्शकों की रुचि और रोमांच को बढ़ा दिया है। • खिलाड़ियों के अभियान पर: शुरुआती तीन मैचों में शिकस्त के बाद मिली यह जीत खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को फिर से बहाल करने में मददगार साबित होगी। टूर्नामेंट में आगे के मुकाबलों के लिए टीम का मनोबल सुधरेगा। • शशांक सिंह के प्रदर्शन पर: मात्र 15 गेंदों में 50 रन बनाकर शशांक सिंह ने सीमित ओवरों और तेज प्रारूपों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता को दोबारा साबित किया है। यह प्रदर्शन भविष्य के अवसरों में उनकी साख को और मजबूत करेगा। • टूर्नामेंट अंक तालिका पर: इस जीत ने भारत के अभियान में अंक तालिका का खाता खोल दिया है। शून्य की स्थिति से बाहर निकलकर टीम ने टूर्नामेंट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। ऐसा क्यों हुआ भारतीय टीम को यह जीत शशांक सिंह की विस्फोटक बल्लेबाजी और अंतिम ओवरों में संयम बनाए रखने की बदौलत मिली, जिसने विपक्षी टीम के बड़े स्कोर को पार करने में मदद की। • विस्फोटक व्यक्तिगत पारियां: अबू हिदर रोनी के 18 गेंदों पर 62 रनों के जवाब में शशांक सिंह ने 15 गेंदों पर 50 रन जड़कर रन गति को जरूरी सीमा से नीचे नहीं आने दिया। राहुल त्रिपाठी के 32 रनों ने भी मध्य में आवश्यक गति बनाए रखी। • क्रुणाल पांड्या की नियंत्रित गेंदबाजी: छह ओवर के छोटे प्रारूप में जहां बल्लेबाजों का दबदबा रहता है, वहां क्रुणाल ने 25 रन देकर 3 अहम विकेट निकाले। इन विकेटों की वजह से बांग्लादेश का स्कोर और अधिक विशाल होने से रुक गया। • दबाव में अंतिम ओवर का खेल: लक्ष्य बड़ा होने के बावजूद नितीश राणा और राहुल तेवतिया ने अंतिम पलों में घबराने के बजाय आवश्यक रन जुटाए। पांच गेंदों पर 16 रनों की तेवतिया की तेज पारी ने आखिरी गेंद पर जीत सुनिश्चित की। सवाल-जवाब 1. भारत और बांग्लादेश का यह मुकाबला कब और कहां खेला गया? यह मुकाबला 1 नवंबर को मिशन रोड ग्राउंड पर हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट के दौरान खेला गया। 2. भारतीय टीम ने यह मैच कितने विकेट से जीता? भारतीय टीम ने बांग्लादेश को अंतिम गेंद पर 5 विकेट से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। 3. शशांक सिंह ने इस मैच में कितने रन बनाए? शशांक सिंह ने 15 गेंदों पर 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से 50 रनों की पारी खेली और फिर रिटायर्ड हर्ट हुए। 4. बांग्लादेश की ओर से सर्वोच्च स्कोर किसने बनाया? बांग्लादेश के कप्तान अबू हिदर रोनी ने 18 गेंदों पर 8 छक्कों और 3 चौकों के साथ नाबाद 62 रन बनाए। 5. क्रुणाल पांड्या का इस मैच में गेंदबाजी प्रदर्शन कैसा रहा? क्रुणाल पांड्या ने 2 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 6. इस मैच से पहले भारत का टूर्नामेंट में रिकॉर्ड क्या था? भारत को ग्रुप-सी में शुरुआती तीनों मैचों में पाकिस्तान से 4 विकेट, यूएई से 6 विकेट और इंग्लैंड से 3 विकेट से हार मिली थी। https://trendkia.com/cricket/hangakanga-siksesa-men-shashank-singh-ke-15-gendon-para-ardhashataka-se-india-ne-bangladesh-ko-akhiri-genda-para-haraya-54279 TrendKia — Har trend, sabse pehle.