# IND vs NZ: आकिब नबी नहीं बल्कि अंशुल कंबोज पर चयनकर्ताओं का भरोसा क्यों है पूरी तरह सही, जानें ये तीन बड़ी वजहें

> अंशुल कंबोज की टीम इंडिया में वापसी पर चल रही बहस के बीच उनके चयन को सही ठहराने वाले तीन अहम कारण सामने आए हैं, जिसमें उनका घरेलू क्रिकेट का शानदार प्रदर्शन और न्यूजीलैंड की पिचों पर उनकी गेंदबाजी शैली की उपयोगिता शामिल है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/ind-vs-nz-aaqib-nabi-nahi-balki-anshul-kamboj-par-chayanakartaon-ka-bharosa-kyon-hai-poori-tarah-sahi-jaane-ye-teen-badi-wajah-49177 · **Language:** Hindi
**Tags:** अंशुल कंबोज, आकिब नबी, भारतीय क्रिकेट टीम, न्यूजीलैंड सीरीज, रणजी ट्रॉफी

भारतीय क्रिकेट टीम में हाल ही में हुए बदलावों के बाद से चयन प्रक्रिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दो साल पहले इंग्लैंड के दौरे पर अंशुल कंबोज के पदार्पण से पहले उन्हें लेकर काफी उम्मीदें थीं। उन्हें भविष्य का सितारा माना जा रहा था, लेकिन मैनचेस्टर में खेले गए चौथे और ड्रॉ रहे टेस्ट मैच में उनका प्रदर्शन फीका रहा था। उस मुकाबले में उन्होंने 18 ओवर फेंके और 4.94 की इकॉनमी से 89 रन खर्च करते हुए केवल एक विकेट हासिल किया। इस साधारण प्रदर्शन के बाद उन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर रहना पड़ा और चयनकर्ताओं ने अन्य गेंदबाजों को आजमाया। हालांकि, अब हरियाणा के इस तेज गेंदबाज की राष्ट्रीय टीम की योजनाओं में धमाकेदार वापसी हुई है। महज 15 दिन के भीतर उन्हें पहले वनडे में आजमाया गया और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भी टीम में चुन लिया गया है।

इस चयन के सामने आने के बाद खेल प्रेमियों और जानकारों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ आलोचकों का मानना है कि अंशुल कंबोज की बजाय आकिब नबी को मौका मिलना चाहिए था, जबकि कुछ अन्य जानकारों की नजर में मुकेश कुमार एक अधिक प्रभावी विकल्प साबित हो सकते थे। तमाम बहसों के बीच यह समझना जरूरी है कि चयनकर्ताओं ने आकिब नबी को नजरअंदाज कर अंशुल कंबोज पर जो दांव खेला है, उसके पीछे ठोस आधार और आंकड़े मौजूद हैं। आइए उन तीन प्रमुख वजहों पर विस्तार से नजर डालते हैं जो यह साबित करती हैं कि यह फैसला बिल्कुल सही दिशा में उठाया गया कदम है।

## घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन
छब्बीस साल के अंशुल कंबोज ने पिछले कुछ समय से घरेलू सर्किट में अपनी गेंदबाजी से लगातार प्रभावित किया है। हाल ही में समाप्त हुए रणजी ट्रॉफी सत्र में उन्होंने हरियाणा के लिए खेलते हुए हिमाचल प्रदेश के खिलाफ मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। इस मुकाबले की दोनों पारियों में उन्होंने कुल छह विकेट झटके और अपनी टीम को छह अंकों की अहम जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में 56 रन देकर चार और दूसरी पारी में मात्र 18 रन देकर दो बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। इसके अलावा, उन्होंने पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के खिलाफ खेले गए मुकाबलों में भी अपनी छाप छोड़ी। पहले मैच में उन्होंने तीन विकेट अपने नाम किए और दूसरे मैच की दोनों पारियों में भी तीन और शिकार किए। हालांकि 3 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ उनका एकदिवसीय पदार्पण यादगार नहीं रहा था, जहां उन्होंने 17 रन का योगदान जरूर दिया लेकिन 82 रन लुटाने के बावजूद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली थी।

## करियर के शीर्ष फॉर्म और रिकॉर्ड्स का साथ
अंशुल कंबोज के क्रिकेट करियर में सबसे बड़ा मोड़ घरेलू सत्र 2024-25 के दौरान आया, जब उन्होंने मात्र छह मैचों में ही 34 विकेट चटकाकर सनसनी फैला दी थी। इस दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया और केरल के खिलाफ एक ही पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले टूर्नामेंट के इतिहास के केवल तीसरे गेंदबाज बने। उनकी यह लय दलीप ट्रॉफी 2024 में भी जारी रही, जहां उन्होंने तीन मैचों में 16 विकेट चटकाए और शानदार प्रदर्शन के दम पर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का गौरव हासिल किया। इन बड़े मुकाबलों में लगातार विकेट निकालने की उनकी क्षमता ने उन्हें लाल गेंद के क्रिकेट में एक भरोसेमंद स्ट्राइक गेंदबाज के रूप में स्थापित कर दिया है, जिसे चयनकर्ता नजरअंदाज नहीं कर सकते थे।

## न्यूजीलैंड की पिचों के अनुकूल गेंदबाजी शैली
आगामी मुकाबला न्यूजीलैंड की धरती पर होना है, जहां की पिचें और परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए काफी अनुकूल मानी जाती हैं। अंशुल कंबोज की सीम और स्विंग कराने की क्षमता इन हालातों में भारतीय टीम के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के अनुरूप उन्हें खुद को ढालना होगा, लेकिन यह श्रृंखला उन्हें अपनी काबिलियत साबित करने का बेहतरीन अवसर देगी। यह सीरीज स्पष्ट कर देगी कि उन्होंने अपने शुरुआती अनुभवों से कितना सुधार किया है और वह किसी भी मामले में आकिब नबी से कमतर नहीं हैं।

## इसका आप पर असर
अंशुल कंबोज के चयन से यह साफ है कि घरेलू क्रिकेट में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में तरजीह दी जा रही है।

- **घरेलू खिलाड़ियों को प्रोत्साहन:** इस फैसले से घरेलू सर्किट में पसीना बहाने वाले युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। यह संदेश जाता है कि रणजी और अन्य टूर्नामेंट्स के आंकड़े चयन का मुख्य आधार बने रहेंगे।
- **विदेशी दौरों की रणनीति:** न्यूजीलैंड की चुनौतीपूर्ण पिचों पर सीम गेंदबाजों की भूमिका अहम होती है, जिससे भारत की गेंदबाजी आक्रमण को नई धार मिलने की उम्मीद है।

## ऐसा क्यों हुआ
अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किए जाने के पीछे उनका हालिया घरेलू प्रदर्शन और पिच की मांग मुख्य कारण रहे हैं।

- **घरेलू क्रिकेट में विकेटों की झड़ी:** रणजी ट्रॉफी में 34 विकेट और दलीप ट्रॉफी में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने के बाद उनका दावा सबसे मजबूत हो गया था।
- **ऐतिहासिक उपलब्धि:** केरल के खिलाफ पारी के सभी 10 विकेट चटकाने वाले इतिहास के तीसरे गेंदबाज बनने के बाद उनका कद घरेलू क्रिकेट में काफी बढ़ गया था।
- **विदेशों में परिस्थितियों की मांग:** न्यूजीलैंड की सीम और स्विंग के अनुकूल पिचों पर पारंपरिक तेज गेंदबाजों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने यह फैसला लिया।

## सवाल-जवाब

### 1. अंशुल कंबोज को किन मुकाबलों के लिए टीम में चुना गया है?
अंशुल कंबोज को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली दो मैच की टेस्ट सीरीज के लिए टीम में जगह मिली है।

### 2. अंशुल कंबोज ने किस घरेलू टूर्नामेंट में 34 विकेट लिए थे?
उन्होंने 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान छह मैचों में 34 विकेट लिए थे।

### 3. अंशुल कंबोज ने किस टीम के खिलाफ एक पारी में सभी 10 विकेट लिए थे?
उन्होंने केरल के खिलाफ खेलते हुए एक पारी में सभी 10 विकेट लेने का कारनामा किया था।

### 4. वेस्टइंडीज के खिलाफ अंशुल कंबोज के पहले वनडे के आंकड़े क्या थे?
उन्होंने 3 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में 17 रन बनाए थे और 82 रन देकर कोई विकेट नहीं लिया था।

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