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  "title": "भारत-पाकिस्तान फिर मैदान में आमने-सामने? आईसीसी बना रहा त्रिकोणीय सीरीज का खाका",
  "summary": "आईसीसी दुबई में होने वाली बैठक में भारत-पाकिस्तान के बीच त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय सीरीज कराने के विकल्प पर चर्चा कर सकता है, क्योंकि द्विपक्षीय सीरीज पर भारत सरकार की सहमति नहीं है।",
  "content": "भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट मैदान में फिर आमने-सामने आने की चर्चा नए सिरे से गरम हो गई है। इस बार सीधे द्विपक्षीय सीरीज की जगह एक तीन या चार टीमों वाले टूर्नामेंट का रास्ता तलाशा जा रहा है, ताकि दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच बरसों से ठप पड़ा क्रिकेट संपर्क किसी तरह बहाल हो सके। क्रिकेट प्रशासन के करीबी सूत्रों की मानें तो यह प्रस्ताव दुबई में जल्द होने वाली आईसीसी की बैठक में सामने आ सकता है, जहां मुख्य एजेंडा 2027 से 2031 तक के फ्यूचर टूर प्रोग्राम और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कार्यक्रम को अंतिम रूप देना है।\n\nबहु-देशीय टूर्नामेंट पर जोर क्यों\nआईसीसी के भीतर एक तबका मानता है कि तीन या चार टीमों को साथ जोड़ने वाला टूर्नामेंट सिर्फ दो देशों की सीरीज से कहीं ज्यादा कमाई करा सकता है, क्योंकि इसमें बाजार का दायरा बढ़ जाता है, प्रसारण अधिकारों की कीमत ऊंची लगती है और प्रायोजकों की दिलचस्पी भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि नब्बे के दशक के आखिरी सालों और उसके बाद के शुरुआती वर्षों में खूब चलन में रही मल्टी-टीम सीरीज की परंपरा को फिर जिंदा करने की कोशिश हो रही है, जब शारजाह और सिंगापुर जैसे मैदानों पर तीन-चार देशों के बीच ऐसे मुकाबले लगभग हर साल हुआ करते थे और दर्शकों में इनकी खासी लोकप्रियता थी।\n\n2013 के बाद से थमा है सीधा मुकाबला\nभारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज साल 2013 में हुई थी, उसके बाद से दोनों मुल्कों के बीच सरकारी स्तर पर तल्खी बढ़ती चली गई और क्रिकेट बोर्डों ने अलग से सीरीज आयोजित करने की योजना ही टाल दी। तब से दोनों टीमें सिर्फ आईसीसी के टूर्नामेंटों, चैंपियंस ट्रॉफी या एशिया कप जैसे बड़े मंचों पर ही एक-दूसरे से भिड़ती हैं, वह भी सिर्फ तब जब दोनों टीमें ग्रुप या नॉकआउट चरण में आमने-सामने आ जाएं। अगर तीन या चार टीमों वाली सीरीज की बात करें, तो ऐसा आखिरी मौका जून 2008 में आया था, जब बांग्लादेश की मेजबानी में किटप्लाई कप खेला गया था और उसमें मेजबान टीम के साथ भारत और पाकिस्तान दोनों शामिल थे। यानी करीब सत्रह साल से इस तरह का कोई त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय आयोजन नहीं हो पाया है जिसमें दोनों पड़ोसी टीमें साथ खेली हों।\n\nपीसीबी की मांग, भारत सरकार की सख्ती\nपाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड लंबे समय से यह चाहता रहा है कि आईसीसी और एशियाई क्रिकेट परिषद के तय कार्यक्रमों से इतर भी भारत के साथ ज्यादा मैच तय हों, ताकि दोनों देशों के दर्शकों को साल में सिर्फ एक बार होने वाले मुकाबले से ज्यादा मौका मिल सके। मगर भारत सरकार का रुख शुरू से ही बेहद स्पष्ट रहा है, दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनयिक ठंडेपन को देखते हुए किसी भी तरह की द्विपक्षीय सीरीज को मंजूरी नहीं दी जाएगी। यही वजह है कि सीधी सीरीज की जगह अब बहु-देशीय विकल्प पर बात बढ़ रही है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान के साथ अलग से सीरीज खेलने जैसी बाध्यता नहीं रहती और सरकार की नीति से भी टकराव नहीं होता।\n\nदुबई की बैठक और तटस्थ मैदानों की शर्त\nदुबई में प्रस्तावित इस बैठक में टेस्ट खेलने वाले सभी बारह देशों और आठ एसोसिएट सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं, जहां आने वाले चार सालों के पूरे अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर मुहर लगनी है। अगर भारत और पाकिस्तान को साथ लेकर किसी बहु-देशीय सीरीज पर सहमति बनती है, तो उसका आयोजन स्थल संयुक्त अरब अमीरात, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया में से कोई एक हो सकता है। दरअसल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच पहले से एक अनौपचारिक समझ है कि दोनों टीमें आपस में सिर्फ तटस्थ मैदानों पर ही खेलेंगी, अपने-अपने देश में एक-दूसरे की मेजबानी नहीं करेंगी, चाहे टूर्नामेंट किसी भी मंच पर क्यों न हो।\n\n2025 एशिया कप के बाद और गहरी हुई खटास\nइस पूरे मसले में सबसे बड़ी अड़चन भारत सरकार और बीसीसीआई का रुख ही है, और 2025 के एशिया कप के बाद यह तल्खी और बढ़ गई। उस टूर्नामेंट के दौरान कुछ ऐसी घटनाएं हुईं जिन्होंने खेल भावना पर सवाल खड़े कर दिए, नतीजतन पुरुष, महिला और आयु-वर्ग की तमाम प्रतियोगिताओं में भारत-पाकिस्तान मैचों के बाद होने वाली परंपरागत हैंडशेक की रस्म तक रोक दी गई। टूर्नामेंट का अंत भी विवाद में हुआ, जब पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी पर आरोप लगा कि विजेता भारतीय टीम के ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद उन्होंने वह ट्रॉफी अपने पास ही रख ली, जिसकी काफी आलोचना भी हुई।\n\nआगे की राह आसान नहीं\nभारत सरकार की नीति बार-बार यही रही है कि देश किसी भी बहु-देशीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से परहेज नहीं करेगा, शर्त सिर्फ इतनी है कि वह मुकाबला द्विपक्षीय सीरीज का हिस्सा न हो। इसी सोच के चलते त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय सीरीज को एक ऐसा बीच का रास्ता माना जा रहा है जो दोनों देशों के लिए राजनीतिक रूप से स्वीकार्य भी रहे और क्रिकेट का जुड़ाव भी बना रहे, साथ ही आईसीसी और प्रसारकों की कमाई भी सुनिश्चित हो। असली सवाल अब यही है कि नई दिल्ली इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है और क्या बीसीसीआई आईसीसी की इस पहल को हरी झंडी देने के लिए तैयार होता है।\n\nइसका आप पर असर\nअगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो भारत और पाकिस्तान के करोड़ों क्रिकेट फैंस को बरसों बाद दोनों टीमों को किसी नियमित टूर्नामेंट में एक साथ देखने का मौका मिल सकता है।\n\n• क्रिकेट फैंस के लिए: अभी दोनों टीमें सिर्फ बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में ड्रॉ के सहारे ही आमने-सामने आती हैं। त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय सीरीज तय होने पर भारत-पाकिस्तान मुकाबला देखने की संभावना नियमित रूप से बढ़ जाएगी।\n• प्रसारकों और विज्ञापन बाजार के लिए: बहु-देशीय टूर्नामेंट से प्रसारण अधिकारों की कीमत और विज्ञापन राजस्व दोनों बढ़ने की उम्मीद है, जिसका फायदा भारत-पाकिस्तान मैच दिखाने वाले चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को मिलेगा।\n• यात्रा करने वाले दर्शकों के लिए: अगर टूर्नामेंट यूएई, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया में होता है तो फैंस को मैच देखने के लिए इन्हीं तटस्थ देशों की यात्रा करनी होगी, भारत या पाकिस्तान में सीधा मुकाबला अब भी नहीं होगा।\n• अभी सिर्फ प्रस्ताव: भारत सरकार और बीसीसीआई की मंजूरी के बिना यह योजना आगे नहीं बढ़ेगी, इसलिए फैंस को टिकट या यात्रा योजना बनाने से पहले आधिकारिक फैसले का इंतजार करना चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आईसीसी की यह नई योजना क्या है?\nआईसीसी भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज की जगह त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय सीरीज कराने की संभावना पर विचार कर रहा है।\n\n2. यह मुद्दा कब उठ सकता है?\nदुबई में होने वाली आईसीसी की आगामी बैठक में, जहां 2027-2031 फ्यूचर टूर प्रोग्राम पर भी चर्चा होनी है।\n\n3. भारत और पाकिस्तान ने आखिरी बार द्विपक्षीय सीरीज कब खेली थी?\nसाल 2013 में।\n\n4. आखिरी बार बहु-देशीय सीरीज कब खेली गई थी जिसमें दोनों टीमें शामिल थीं?\nजून 2008 में बांग्लादेश की मेजबानी में हुए किटप्लाई कप में।\n\n5. संभावित टूर्नामेंट कहां आयोजित हो सकता है?\nसंयुक्त अरब अमीरात, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया जैसे तटस्थ स्थलों पर।\n\n6. भारत सरकार का रुख क्या है?\nसरकार द्विपक्षीय सीरीज के खिलाफ है, लेकिन बहु-देशीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार नहीं करती।\n\n7. 2025 एशिया कप में क्या विवाद हुआ था?\nपीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी पर आरोप लगा कि विजेता भारतीय टीम के ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद उन्होंने ट्रॉफी अपने पास रख ली, और परंपरागत हैंडशेक भी बंद कर दिया गया।",
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  "category": "क्रिकेट",
  "publishedAt": "2026-09-06",
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    "भारत पाकिस्तान क्रिकेट",
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