# रवींद्र जडेजा का अनोखा रिकॉर्ड, टी20 इंटरनेशनल करियर में नहीं लगा पाए एक भी अर्धशतक

> भारत के दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने अपने पूरे टी20 इंटरनेशनल करियर में 74 मैच खेलने के बाद भी एक भी फिफ्टी नहीं जड़ी है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-08-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/indian-world-cup-winner-ravindra-jadeja-never-scored-a-single-t20i-fifty-21256 · **Language:** Hindi
**Tags:** रवींद्र जडेजा, टी20 इंटरनेशनल, भारतीय क्रिकेट, टी20 वर्ल्ड कप, क्रिकेट रिकॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के बाबर आजम के नाम दर्ज है, जिन्होंने 42 बार यह कमाल किया है। वहीं भारतीय बल्लेबाजों की फेहरिस्त में विराट कोहली शीर्ष पायदान पर काबिज हैं, जिन्होंने भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जिताने में बहुत अहम भूमिका निभाई। विराट कोहली के बाद इस सूची में रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे विश्व कप विजेता खिलाड़ी शामिल हैं, लेकिन एक ऐसा भी चौंकाने वाला तथ्य है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। भारत के प्रमुख ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा अपने लंबे टी20 इंटरनेशनल करियर के दौरान एक भी अर्धशतक जमाने में कामयाब नहीं हो सके।

## सफलता के साथ टी20 को अलविदा
विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ ही 37 साल के रवींद्र जडेजा ने भी टी20 वर्ल्ड कप 2024 में भारत की ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद इस फॉर्मेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था। जडेजा ने साल 2009 में टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था और तब से लेकर अब तक वह टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलते रहे हैं। टी20 प्रारूप से संन्यास के बाद भी जडेजा भारत की टेस्ट और वनडे टीमों के अहम स्तंभ बने हुए हैं। उनके इस सफर का यह आंकड़ा बेहद दिलचस्प है कि गेंद और बल्ले से मैच का पासा पलटने वाले इस खिलाड़ी ने 74 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में भाग लिया, मगर एक भी फिफ्टी अपने नाम नहीं कर पाए। इसके बावजूद वह टी20 वर्ल्ड कप समेत भारत की कई बड़ी खिताबी जीत का हिस्सा रहे हैं।

## अंतरराष्ट्रीय टी20 के आंकड़े और रिकॉर्ड
रवींद्र जडेजा ने भारत के लिए अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला 10 फरवरी 2009 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के मैदान पर खेला था। लगभग 15 साल तक चले उनके इस टी20 इंटरनेशनल सफर का समापन 29 जून 2024 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ब्रिजटाउन में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले के साथ हुआ। जडेजा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 41 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 515 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 46 रन रहा। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 21.45 का और स्ट्राइक रेट 127.16 का दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय टी20 में उनके बल्ले से 39 चौके और 14 छक्के निकले, लेकिन इतने लंबे करियर के बावजूद उनके खाते में एक भी अर्धशतक नहीं जुड़ पाया।

## समग्र टी20 करियर की तस्वीर
अगर केवल अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबलों की सीमाओं से बाहर निकलकर उनके पूरे टी20 करियर पर नजर डाली जाए, तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई देती है। जडेजा ने अब तक अपने कुल टी20 करियर में 360 मुकाबले खेले हैं और 263 पारियों में बल्लेबाजी की है, जिसमें उन्होंने कुल 4251 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका कुल बल्लेबाजी औसत 27.42 और स्ट्राइक रेट 131.08 का रहा है। सबसे खास बात यह है कि संपूर्ण टी20 करियर में उनके नाम 5 अर्धशतक दर्ज हैं, हालांकि यहां भी वह शतक का आंकड़ा छूने में नाकाम रहे। समग्र टी20 क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ नाबाद स्कोर 77 रन है और उन्होंने कुल 320 चौके तथा 146 छक्के लगाए हैं।

रवींद्र जडेजा की असली पहचान हमेशा से एक शानदार ऑलराउंडर की रही है और गेंदबाजी में भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टी20 में बेहतरीन प्रदर्शन किया। खेले गए 74 टी20 इंटरनेशनल मैचों की 71 पारियों में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने कुल 54 विकेट अपने नाम किए। इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 3 रन देकर 15 विकेट रहा और उनका गेंदबाजी औसत 29.85 तथा इकॉनमी रेट 7.13 का रहा। यानी भले ही वह बल्लेबाजी में पचास रनों के आंकड़े को न छू सके हों, लेकिन गेंदबाजी में वह हमेशा टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हुए। यदि उनके संपूर्ण टी20 करियर को देखा जाए तो आंकड़े और भी ज्यादा प्रभावशाली नजर आते हैं। उन्होंने 360 मैचों की 326 पारियों में गेंदबाजी करते हुए कुल 245 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 16 रन देकर 5 विकेट लेना रहा और उनके नाम टी20 क्रिकेट में तीन पांच विकेट हॉल के अलावा एक चार विकेट हॉल भी दर्ज है।

## महान ऑलराउंडर्स की कतार में नाम
रवींद्र जडेजा ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक ऐसे बहुमुखी ऑलराउंडर की भूमिका निभाई है, जो पारी के निचले क्रम में आकर तेजी से रन बटोरने के साथ-साथ अपनी घातक गेंदबाजी और चुस्त फील्डिंग से किसी भी समय मैच का रुख बदल सकता है। टी20 इंटरनेशनल को अलविदा कहने के बाद भी वह टेस्ट और वनडे प्रारूप में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 350 विकेट पूरे किए हैं, जिसके साथ ही वह इस फॉर्मेट में 4000 से अधिक रन और 350 विकेट लेने वाले दुनिया के केवल चौथे ऑलराउंडर बन गए हैं। टी20 इंटरनेशनल में बल्लेबाजी के दौरान कम मौके मिलने और लगातार निचले क्रम पर उतरने के कारण वह कभी अर्धशतक नहीं जड़ पाए, लेकिन टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। टेस्ट फॉर्मेट में जडेजा के नाम 28 अर्धशतक और 6 शतक दर्ज हैं, जबकि वनडे मैचों में भी उन्होंने 13 बार पचास का आंकड़ा पार किया है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह अनोखा रिकॉर्ड क्रिकेट प्रेमियों को यह याद दिलाता है कि किसी भी खिलाड़ी की महानता केवल व्यक्तिगत अर्धशतकों से नहीं बल्कि टीम के लिए उसके कुल योगदान और संकट के समय उपयोगिता से आंकी जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. रवींद्र जडेजा ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर में कुल कितने रन बनाए?
रवींद्र जडेजा ने टी20 इंटरनेशनल में 41 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए कुल 515 रन बनाए।

### 2. टी20 इंटरनेशनल में रवींद्र जडेजा का सर्वोच्च स्कोर कितना रहा?
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जडेजा का सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 46 रन रहा।

### 3. रवींद्र जडेजा ने टी20 इंटरनेशनल से कब संन्यास लिया?
रवींद्र जडेजा ने 29 जून 2024 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया।

### 4. रवींद्र जडेजा ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर में कुल कितने विकेट चटकाए?
जडेजा ने 74 टी20 इंटरनेशनल मैचों की 71 पारियों में गेंदबाजी करते हुए कुल 54 विकेट लिए।

### 5. संपूर्ण टी20 करियर में रवींद्र जडेजा के नाम कितने अर्धशतक दर्ज हैं?
अपने संपूर्ण टी20 करियर में जडेजा के नाम 5 अर्धशतक दर्ज हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 77 रन है।

## प्रेरणा और सबक
**कड़ी मेहनत और निरंतरता:** भले ही रवींद्र जडेजा टी20 इंटरनेशनल में कोई अर्धशतक नहीं लगा पाए, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी और फील्डिंग में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम में अपनी जगह पक्की रखी।

**विभिन्न भूमिकाओं में ढलना:** निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने के बावजूद उन्होंने अपनी ऑलराउंडर क्षमता से टेस्ट और वनडे में बड़े मुकाम हासिल किए।

**हार न मानने की जिद:** सीमित अवसरों के मिलने के बावजूद उन्होंने अपने खेल को लगातार बेहतर बनाया और भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं।

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