आईपीएल से हट सकता है इंपैक्ट प्लेयर नियम, बीसीसीआई ने सभी दस फ्रेंचाइजी से माँगा फीडबैक आईपीएल के सबसे विवादित माने जाने वाले इंपैक्ट प्लेयर नियम को आगामी सीजन से हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इस संबंध में सभी दस आईपीएल टीमों से फीडबैक माँगा है। भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय बने रहने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के इंपैक्ट प्लेयर नियम पर जल्द ही बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इस नियम को लेकर चल रहे लंबे विवाद के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है और सभी दस फ्रेंचाइजी टीमों से इस संबंध में लिखित प्रतिक्रिया माँगी है। इस फीडबैक के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि आगामी सीजन में इस नियम को बरकरार रखा जाए या इसे पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए। खिलाड़ियों और दिग्गजों का कड़ा विरोध इंडियन प्रीमियर लीग में इंपैक्ट प्लेयर नियम के आने के बाद से ही देश के कई बड़े क्रिकेटरों और दिग्गजों ने इसका खुला विरोध किया है। भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा, स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल और ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या जैसे दिग्गज खिलाड़ी सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि यह नियम खेल के पारंपरिक संतुलन को बिगाड़ रहा है। इसके अलावा क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी इस नियम को समाप्त करने की वकालत की है। आलोचकों का मानना है कि इस नियम की वजह से ऑलराउंडर्स की भूमिका सीमित हो रही है और खेल केवल बल्लेबाजों और गेंदबाजों तक सिमट कर रह गया है। भारतीय क्रिकेट पर क्या पड़ रहा है असर विशेषज्ञों और वरिष्ठ खिलाड़ियों का यह भी कहना है कि इंपैक्ट प्लेयर नियम के कारण युवा खिलाड़ियों और उभरती हुई प्रतिभाओं के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस नियम के तहत टीमों को मैच के दौरान एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज उतारने की छूट मिलती है, जिससे गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों को अपनी पूरी क्षमता दिखाने का मौका नहीं मिल पाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका असर भारतीय टीम के चयन और खिलाड़ियों के कौशल विकास पर भी पड़ रहा है, क्योंकि घरेलू टी20 लीग में मिलने वाला अनुभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की माँग से मेल नहीं खा रहा है। बीसीसीआई का अगला कदम सभी दस फ्रेंचाइजी टीमों से फीडबैक मिलने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड इस पर अंतिम निर्णय लेगा। बोर्ड यह देखना चाहता है कि विभिन्न टीमों के प्रबंधन और कोच इस नियम के पक्ष में हैं या इसके खिलाफ। टीमों से मिलने वाले इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए ही आगामी सत्र के लिए नियमों में बदलाव या संशोधन किए जाएंगे। यदि अधिकांश टीमों ने इसके खिलाफ अपनी राय दी, तो अगले सीजन से यह नियम आईपीएल का हिस्सा नहीं रहेगा। इसका आप पर असर आईपीएल से इंपैक्ट प्लेयर नियम के हटने से टीमों की रणनीति और खिलाड़ियों के चयन पर सीधा असर पड़ेगा। - भारत में: क्रिकेट प्रेमियों को फिर से पारंपरिक खेल देखने को मिलेगा जहाँ ऑलराउंडर्स की भूमिका अहम होगी। घरेलू खिलाड़ियों के कौशल विकास में भी सुधार होगा। - रणनीति में बदलाव: फ्रेंचाइजी टीमों को अब केवल विशेषज्ञ बल्लेबाजों या गेंदबाजों के भरोसे रहने के बजाय संतुलित एकादश तैयार करनी होगी। - खिलाड़ियों का भविष्य: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन के लिए युवा खिलाड़ियों को सभी विभागों में अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर मिलेगा। - मैच का रोमांच: मैच के दौरान होने वाले tactical बदलाव सीमित होंगे, जिससे खेल अधिक प्रतिस्पर्धी और अनिश्चितता से भरा हो जाएगा। - फैंस की प्रतिक्रिया: इस बदलाव का स्वागत उन दर्शकों द्वारा किया जाएगा जो लंबे समय से इस नियम को खेल की आत्मा के खिलाफ मान रहे थे। सवाल-जवाब 1. इंपैक्ट प्लेयर नियम को हटाने पर क्यों विचार किया जा रहा है? इस नियम के कारण खेल का पारंपरिक संतुलन बिगड़ने और ऑलराउंडर्स की भूमिका सीमित होने के कारण इसे हटाने पर विचार किया जा रहा है। 2. बीसीसीआई ने इस मामले में क्या कदम उठाया है? बीसीसीआई ने आगामी सीजन से पहले सभी दस आईपीएल फ्रेंचाइजी टीमों से इस नियम पर फीडबैक मँगवाया है। 3. किन प्रमुख खिलाड़ियों ने इस नियम का विरोध किया है? रोहित शर्मा, शुभमन गिल, हार्दिक पंड्या और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों ने इस नियम का कड़ा विरोध किया है। 4. इस नियम के हटने से किस पर असर पड़ेगा? इस नियम के हटने से टीमों की रणनीति, प्लेइंग इलेवन के चयन और युवा खिलाड़ियों के कौशल विकास पर सीधा असर पड़ेगा। https://trendkia.com/cricket/ipl-se-hata-sakata-hai-impact-player-niyama-bcci-ne-sabhi-dasa-franchises-se-manga-feedback-24980 TrendKia — Har trend, sabse pehle.