# ईरानी कप के लिए शेष भारत टीम के बल्लेबाजी कोच बने लक्ष्मी रतन शुक्ला

> बंगाल के मुख्य कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला को ईरानी कप के लिए शेष भारत की टीम का नया बल्लेबाजी कोच चुना गया है। वह जम्मू-कश्मीर के खिलाफ होने वाले मुकाबले में यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/irani-cup-ke-lie-rest-of-india-tima-ke-ballebaji-kocha-bane-laxmi-ratan-shukla-38070 · **Language:** Hindi
**Tags:** लक्ष्मी रतन शुक्ला, ईरानी कप, शेष भारत, रणजी ट्रॉफी, भारतीय क्रिकेट बोर्ड, देवाशीष मोहंती

घरेलू क्रिकेट में लंबा अनुभव रखने वाले बंगाल के मुख्य कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला को आगामी ईरानी कप मुकाबले के लिए शेष भारत टीम का बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। यह मुकाबला एक से पांच अक्टूबर तक श्रीनगर में खेला जाएगा, जहाँ शेष भारत की टीम जम्मू-कश्मीर की चुनौती का सामना करेगी। 46 वर्षीय पूर्व ऑलराउंडर शुक्ला के लिए यह राष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी है।

## सपोर्ट स्टाफ में अन्य दिग्गजों को भी मिली जिम्मेदारी
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ लक्ष्मी रतन शुक्ला पहली बार किसी औपचारिक पद पर काम करने जा रहे हैं। ईरानी कप के लिए गठित कोचिंग दल में उनके साथ पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज देवाशीष मोहंती को गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा मिलाप मेवादा को शेष भारत टीम का क्षेत्ररक्षण कोच बनाया गया है। शुक्ला घरेलू क्रिकेट में बंगाल टीम के साथ पिछले कुछ सत्रों से बतौर मुख्य कोच जुड़े रहे हैं। पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में उनके मार्गदर्शन में खेल रही बंगाल की टीम को सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी, जिससे श्रीनगर का यह मुकाबला उनके लिए खास अहमियत रखता है।

## युवा स्तर पर मिली शोहरत और राष्ट्रीय टीम तक का सफर
बंगाल के पूर्व कप्तान लक्ष्मी रतन शुक्ला ने अपने घरेलू करियर का आगाज 1997-98 सत्र में महाराष्ट्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच खेलकर किया था। युवा स्तर पर उनके दमदार प्रदर्शन ने उन्हें जल्द ही सुर्खियों में ला दिया था। इसके बाद 1998 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हुए यूथ वर्ल्ड कप के लिए उन्हें भारतीय अंडर-19 टीम में जगह मिली। सन 2000 की शुरुआत में उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनी के रूप में भी शामिल किया गया था, हालांकि चोट की दिक्कतों के चलते उन्हें वहां से हटना पड़ा।

## अंतरराष्ट्रीय करियर और आईपीएल की यात्रा
शुक्ला ने साल 1999 में भारत की सीनियर टीम के लिए तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने पेप्सी कप के दौरान श्रीलंका के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया, जहाँ उन्होंने चार ओवर की गेंदबाजी में 32 रन खर्चे थे। इसके बाद कोकाकोला सिंगापुर चैलेंज में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने अगले मुकाबले में उन्होंने अपेक्षाकृत बेहतर खेल दिखाया। हालांकि इसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें आगे मौके नहीं दिए और उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तीन मैचों तक ही सीमित रह गया। उस दौर में मीडिया के एक हिस्से ने उनकी तुलना कपिल देव से की थी, लेकिन वह उस मुकाम तक नहीं पहुंच सके। शुक्ला को सौरव गांगुली का बेहद करीबी माना जाता है। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में वह खिताब जीतने वाली कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम के सदस्य रहे और एक खिलाड़ी के तौर पर अपने अंतिम आईपीएल सत्र में वह दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से मैदान में उतरे थे।

## इसका आप पर असर
इस नियुक्ति से घरेलू क्रिकेट के प्रमुख मुकाबलों में कोचिंग रणनीतियों और खिलाड़ियों की तकनीक पर सीधा असर देखने को मिलेगा।

- **क्रिकेट प्रेमियों के लिए:** एक से पांच अक्टूबर के बीच श्रीनगर में ईरानी कप का यह अहम मुकाबला देखने को मिलेगा। इस मैच में शेष भारत और रणजी में मजबूत प्रदर्शन करने वाली जम्मू-कश्मीर टीम के बीच कड़ी टक्कर होगी।
- **घरेलू खिलाड़ियों के लिए:** शेष भारत टीम के बल्लेबाजों को बंगाल के अनुभवी कोच से लाल गेंद क्रिकेट की बारीकियां सीखने का अवसर मिलेगा। इससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
- **कोचिंग दल के लिए:** देवाशीष मोहंती और मिलाप मेवादा के साथ मिलकर शुक्ला की यह तिकड़ी टीम के संतुलन को बेहतर करेगी। बोर्ड के साथ शुक्ला का यह पहला आधिकारिक कार्यकाल उनके भविष्य के कोचिंग असाइनमेंट्स के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
- **रणजी प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में:** पिछले रणजी सेमीफाइनल में बंगाल को हराने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम के खिलाफ यह मुकाबला तकनीकी रणनीति की कड़ी परीक्षा होगा। दोनों ही पक्ष श्रीनगर की परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने का प्रयास करेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह नियुक्ति आगामी घरेलू सत्र के प्रतिष्ठित ईरानी कप मैच की तैयारियों के तहत भारतीय क्रिकेट बोर्ड द्वारा की गई है।

- **टूर्नामेंट की आवश्यकता:** शेष भारत टीम को जम्मू-कश्मीर के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए एक पूर्ण सपोर्ट स्टाफ की आवश्यकता थी। इसी योजना के तहत बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण के लिए अलग-अलग कोच चुने गए।
- **घरेलू अनुभव को प्राथमिकता:** लक्ष्मी रतन शुक्ला पिछले कुछ सत्रों से बंगाल के मुख्य कोच के रूप में लगातार सक्रिय रहे हैं। उनके प्रथम श्रेणी अनुभव और टीम संचालन क्षमता को देखते हुए बल्लेबाजी कोच का पद दिया गया।
- **पूर्व प्रदर्शन की पृष्ठभूमि:** पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में जम्मू-कश्मीर ने सेमीफाइनल में बंगाल को पराजित किया था। उस मुकाबले के दोनों पक्षों से परिचित होने के कारण शुक्ला की समझ इस मैच की रणनीतियों में उपयोगी मानी गई।

## सवाल-जवाब

### 1. ईरानी कप के लिए शेष भारत टीम का बल्लेबाजी कोच किसे नियुक्त किया गया है?
बंगाल के मुख्य कोच और पूर्व भारतीय ऑलराउंडर लक्ष्मी रतन शुक्ला को शेष भारत टीम का बल्लेबाजी कोच बनाया गया है।

### 2. ईरानी कप का यह मुकाबला कब और कहाँ खेला जाएगा?
यह मुकाबला एक से पांच अक्टूबर तक श्रीनगर में आयोजित होगा, जहाँ शेष भारत की टीम जम्मू-कश्मीर से भिड़ेगी।

### 3. शेष भारत के कोचिंग स्टाफ में अन्य कौन से दिग्गज शामिल हैं?
देवाशीष मोहंती को गेंदबाजी कोच और मिलाप मेवादा को क्षेत्ररक्षण कोच की जिम्मेदारी दी गई है।

### 4. लक्ष्मी रतन शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट रिकॉर्ड क्या रहा है?
शुक्ला ने 1999 में भारत के लिए तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले शामिल थे।

### 5. आईपीएल में शुक्ला किन टीमों की ओर से खेल चुके हैं?
वह खिताब विजेता कोलकाता नाइटराइडर्स टीम का हिस्सा रहे और अपने अंतिम आईपीएल सत्र में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेले।

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