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  "type": "article",
  "title": "ईरानी कप में बरपाया कहर, आकाशदीप और मुकेश कुमार ने न्यूजीलैंड सीरीज से पहले ठोकी दावेदारी",
  "summary": "ईरानी कप में जम्मू एंड कश्मीर के खिलाफ कुल 14 विकेट झटकने के बाद तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और आकाशदीप ने चोट से उबरते हुए भारतीय टेस्ट टीम में वापसी का मजबूत दावा पेश किया है।",
  "content": "घरेलू क्रिकेट में बेहतर मौकों की तलाश में अपने गृह राज्य को छोड़कर दूसरी टीम का रुख करना भारतीय क्रिकेट में एक पुरानी परंपरा रही है। खासतौर पर बिहार से निकलकर बंगाल की ओर रुख करने वाले खिलाड़ियों की फेहरिस्त काफी लंबी है, जिसके सबसे प्रमुख और ताजा उदाहरण तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और आकाशदीप हैं। कुछ महीने पहले तक यह दोनों गेंदबाज राष्ट्रीय टीम के पेस अटैक में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर विरोधी बल्लेबाजों पर दबाव बना रहे थे। चोटों के चलते दोनों खिलाड़ी मैदान से दूर हुए और अब राष्ट्रीय टीम के मुख्य चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने की पुरजोर कोशिश में जुटे हैं।\n\nश्रीनगर में चला दोनों तेज गेंदबाजों का जादू\nईरानी कप के मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया की तरफ से मैदान पर उतरते हुए इन दोनों तेज गेंदबाजों ने रणजी ट्रॉफी विजेता जम्मू एंड कश्मीर के बल्लेबाजों को टिकने का मौका नहीं दिया। श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में खेले गए इस मैच में घरेलू दर्शकों के सामने दोनों गेंदबाजों की स्विंग का विपक्षी बल्लेबाजों के पास कोई तोड़ नहीं था। आकाशदीप ने मुकाबले में 6 विकेट चटकाए, जबकि मुकेश कुमार ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 8 शिकार किए। यह शानदार प्रदर्शन केवल अपनी टीम को जीत दिलाने तक सीमित नहीं था, बल्कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए चयनकर्ताओं और मुख्य कोच गौतम गंभीर को कड़ा संदेश भी था।\n\nचोट से उबरने और वापसी की जद्दोजहद\nमुकेश कुमार और आकाशदीप के लिए यह खिताबी मुकाबला केवल एक घरेलू ट्रॉफी जीतने से कहीं ज्यादा अहम था। मुकेश जुलाई 2024 के बाद से भारत की राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं और मैदान पर लगातार पसीना बहाकर चयनकर्ताओं के फैसले को गलत साबित करना चाहते हैं। दूसरी ओर, आकाशदीप कमर के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर की गंभीर समस्या से उबरने के बाद करीब आठ महीनों के लंबे अंतराल के बाद अपना पहला प्रतिस्पर्धी मैच खेल रहे थे। इस महत्वपूर्ण मुकाबले के दौरान दो राष्ट्रीय चयनकर्ता बाउंड्री के पास बैठकर दोनों गेंदबाजों की फिटनेस और लय पर पैनी नजर रख रहे थे।\n\nसासाराम और गोपालगंज से बंगाल तक का संघर्ष\nइन दोनों तेज गेंदबाजों की कहानी बेहद संघर्षपूर्ण रही है। बिहार के सासाराम के मूल निवासी आकाशदीप साल 2010 में अपने चाचा के साथ रहने के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे थे। कुछ वर्षों बाद बिहार के ही गोपालगंज जिले से ताल्लुक रखने वाले मुकेश कुमार भी कोलकाता आए, ताकि वह अपने पिता के टैक्सी के काम में हाथ बंटा सकें। शुरुआती दिनों में दोनों में से किसी के भी माता-पिता को उनके बेटे का क्रिकेटर बनने का सपना रास नहीं आ रहा था। तमाम सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद दोनों ने अपनी मेहनत के दम पर बंगाल की रणजी टीम में जगह पक्की की और आगे चलकर भारतीय टीम की जर्सी पहनने का गौरव हासिल किया। इन दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों को मान्यता देते हुए कुछ महीने पहले बिहार सरकार ने उन्हें पुलिस विभाग में डीएसपी के पद पर नियुक्त किया था, जहां दोनों ने अपनी ड्यूटी भी संभाल ली है।\n\nकाउंटी अनुभव और टीम में जगह बनाने की कड़ी चुनौती\nमुकेश कुमार मौजूदा समय में जबर्दस्त लय में नजर आ रहे हैं। दलीप ट्रॉफी में उन्होंने सर्वाधिक 12 विकेट अपने नाम किए थे और इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड जाकर इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में भी प्रभावी गेंदबाजी की थी। हालांकि, भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी पंक्ति में जगह बनाना अब बिल्कुल आसान नहीं रह गया है। दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में लंबे कद के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ की टीम में दस्तक हो चुकी है, जिन्हें शुभमन गिल का नजदीकी माना जाता है। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में आकिब नबी अपनी लगातार धारदार गेंदबाजी से सभी को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा भी तेज गेंदबाजी के विकल्प के तौर पर बेहद मजबूत दावेदार हैं। अब देखना होगा कि नवंबर और दिसंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में चयनकर्ता किन तेज गेंदबाजों पर भरोसा जताते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह प्रदर्शन भारतीय टेस्ट टीम की तेज गेंदबाजी बेंच स्ट्रेंथ को मजबूती देने और आगामी टेस्ट चयन को प्रभावित करने वाला है।\n\n• क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में प्रमुख तेज गेंदबाजों को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिए जाने पर इन दोनों को मौका मिल सकता है। इससे घरेलू क्रिकेट में बेहतर लय दिखा रहे गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोबारा देखने का अवसर मिलेगा।\n• बिहार और बंगाल के युवा खिलाड़ियों के लिए: छोटे शहरों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की उनकी यात्रा युवा प्रतिभाओं के लिए प्रोत्साहन बनेगी। सीमित सुविधाओं के बावजूद दूसरे राज्यों से खेलकर टीम इंडिया और सरकारी नौकरी पाने का रास्ता स्पष्ट होता है।\n• टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के लिए: आठ महीनों बाद आकाशदीप की सफल वापसी और मुकेश की निरंतरता से पेस विकल्पों की कमी दूर होगी। आगामी सीरीज से पहले तेज गेंदबाजी के चयन में प्रतिस्पर्धा और मजबूत हो गई है।\n• प्रतिद्वंद्वी युवा तेज गेंदबाजों के लिए: दलीप और ईरानी कप के इन आंकड़ों ने बेंच पर मौजूद अन्य दावेदारों के लिए चयन का पैमाना ऊंचा कर दिया है। बाकी युवा गेंदबाजों को टीम में स्थान पाने के लिए अपने प्रदर्शन में और निरंतरता लानी होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह स्थिति दोनों गेंदबाजों के चोटों से उबरने और घरेलू टूर्नामेंटों में शानदार वापसी के कारण बनी है।\n\n• ईरानी कप में घातक स्पेल: श्रीनगर में रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेलते हुए आकाशदीप ने 6 और मुकेश कुमार ने 8 विकेट चटकाए। इस मैच जिताऊ प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को उनकी वर्तमान लय और फिटनेस का प्रत्यक्ष प्रमाण दिया।\n• चोट और टीम से बाहर रहने का दौर: आकाशदीप आठ महीनों से निचले हिस्से के स्ट्रेस फ्रैक्चर से जूझ रहे थे, जबकि मुकेश जुलाई 2024 के बाद से राष्ट्रीय टीम से बाहर थे। दोनों खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने के लिए यह प्रमुख लाल गेंद मुकाबला था।\n• आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम: नवंबर और दिसंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज खेलनी है। राष्ट्रीय चयनकर्ता मैदान पर मौजूद रहकर बैकअप तेज गेंदबाजों की फिटनेस और फॉर्म का आकलन कर रहे थे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ईरानी कप में आकाशदीप और मुकेश कुमार ने कुल कितने विकेट लिए?\nईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए खेलते हुए आकाशदीप ने 6 विकेट और मुकेश कुमार ने दोनों पारियों में कुल 8 विकेट झटके।\n\n2. मुकेश कुमार और आकाशदीप मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं?\nआकाशदीप बिहार के सासाराम के रहने वाले हैं, जबकि मुकेश कुमार बिहार के गोपालगंज जिले से ताल्लुक रखते हैं।\n\n3. आकाशदीप कितने समय बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटे हैं?\nआकाशदीप कमर के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबरने के बाद लगभग आठ महीनों में अपना पहला मैच खेल रहे थे।\n\n4. बिहार सरकार ने हाल ही में इन दोनों क्रिकेटरों को क्या जिम्मेदारी दी है?\nबिहार सरकार ने खेल में उनके योगदान को देखते हुए कुछ महीने पहले दोनों को पुलिस विभाग में डीएसपी नियुक्त किया है।\n\n5. दलीप ट्रॉफी में मुकेश कुमार का प्रदर्शन कैसा रहा था?\nमुकेश कुमार ने दलीप ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी करते हुए टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 12 विकेट हासिल किए थे।\n\n6. टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए दोनों को किन अन्य तेज गेंदबाजों से प्रतिस्पर्धा मिल रही है?\nउन्हें गुरनूर बराड़, आकिब नबी, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा जैसे उभरते और अनुभवी तेज गेंदबाजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।",
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  "category": "क्रिकेट",
  "publishedAt": "2026-10-05",
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