आयरलैंड और इंग्लैंड में मिली हार के बाद एबी डिविलियर्स ने गौतम गंभीर और भारतीय टीम को दी नसीहत आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की खराब हार के बाद एबी डिविलियर्स ने टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को आईपीएल से बाहर निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के अनुकूल ढलने की सलाह दी है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टी20 टीम के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। टीम इंडिया की लगातार हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर की कार्यप्रणाली और रणनीतियों को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञ कड़े सवाल उठा रहे हैं। इन सबके बीच, पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एबी डिविलियर्स ने भारतीय टीम को एक कठोर लेकिन यथार्थवादी मंत्र दिया है। बिना किसी विशेष खिलाड़ी का नाम लिए, उन्होंने साफ शब्दों में चेताया कि आईपीएल में रनों का अंबार लगाने वाले खिलाड़ियों को अब जमीनी हकीकत को समझना होगा। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर समय आक्रामक होकर या 'पांचवें गियर' में खेलने का नजरिया कारगर साबित नहीं होता है। एबी डिविलियर्स की दो टूक सलाह एबी डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर टीम इंडिया के हालिया फ्लॉप शो को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीएल के माहौल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कठिन स्तर में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा, 'चिंता के कई विषय हैं। गौतम गंभीर पर निश्चित रूप से दबाव बढ़ेगा और उन्हें यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि टीम का भविष्य क्या होगा। हालांकि, उनके पास टीम को बेहतर बनाने की क्षमता है। इस हार को एक बुरे अनुभव के बजाय एक 'वेक-अप कॉल' के रूप में देखा जाना चाहिए। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले सितारों को थोड़ा धैर्य रखने और वास्तविकता को समझने की जरूरत है।' डिविलियर्स का यह मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के लिए मानसिक और तकनीकी लचीलापन बेहद जरूरी है। इंटरनेशनल क्रिकेट की कड़ी चुनौतियां डिविलियर्स ने आगे विस्तार से समझाया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छिपने का कोई मौका नहीं होता। आईपीएल में अक्सर बल्लेबाज कमजोर गेंदबाजी आक्रमण का फायदा उठाते हुए आसानी से रन बटोर लेते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक विपक्षी गेंदबाज विश्व स्तरीय होता है। उन्होंने कहा, 'आपको केवल एक या दो गियर में सीमित नहीं रहना है। आप हर गेंद को छक्के के लिए नहीं खेल सकते। अंतरराष्ट्रीय मंच पर परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना सबसे बड़ी कला है, जिसे अभी सीखने की जरूरत है।' गौतम गंभीर की चयन नीति पर सवाल इस दौरे पर टीम इंडिया की विफलता के बाद कोच गौतम गंभीर की चयन प्रक्रिया की कड़ी आलोचना हुई है। क्रिकेट गलियारों में इस बात पर बहस तेज है कि टीम में निरंतरता क्यों नहीं है। खिलाड़ियों को मौका देने के बजाय 'म्यूजिकल चेयर्स' का खेल चलने से टीम का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है। वैभव सूर्यवंशी और अनुभवी संजू सैमसन के बीच टीम संयोजन में लगातार बदलाव के फैसलों को प्रशंसकों ने गलत ठहराया है। इसके अतिरिक्त, वाशिंगटन सुंदर और तिलक वर्मा पर अत्यधिक भरोसा दिखाने और फ्लॉप होने के बावजूद उन्हें टीम से न हटाने पर भी गंभीर को कटघरे में खड़ा किया गया है। डिविलियर्स के अनुसार, कोच के साथ-साथ मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ियों को भी व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेनी होगी। वैभव सूर्यवंशी का फीका इंटरनेशनल सफर इस दौरे पर सभी की नजरें युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी पर थीं, जो इस दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले इकलौते भारतीय थे। आईपीएल में 776 रनों का विशाल स्कोर बनाने और सबसे कम उम्र के 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर' का खिताब जीतने के बाद उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय पदार्पण बेहद निराशाजनक रहा। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में उन्हें मौका मिला, लेकिन वह एक बार भी 15 रनों का आंकड़ा नहीं छू सके। यद्यपि उन्होंने अन्य बल्लेबाजों की तुलना में अधिक आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन खराब प्रदर्शन के कारण चौथे मैच में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इस निर्णय ने चयन नीति पर और अधिक सवाल खड़े कर दिए हैं कि आईपीएल के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक को इतनी जल्दबाजी में बाहर क्यों किया गया। धैर्य रखने की अपील निराश प्रशंसकों को संबोधित करते हुए डिविलियर्स ने धैर्य की बात कही है। उन्होंने याद दिलाया कि टीम इस समय एक बड़े संक्रमण काल से गुजर रही है। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज, जिन्होंने 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, उनकी कमी को भरना रातों-रात संभव नहीं है। साथ ही, जसप्रीत बुमराह जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाजों का कार्यभार प्रबंधन द्विपक्षीय सीरीज के दौरान टीम की गेंदबाजी को कमजोर बना देता है। डिविलियर्स ने अंत में कहा, 'भारत को 4-0 से हारते देखना काफी दर्दनाक था, लेकिन अनुभवहीन टीम के साथ यह अप्रत्याशित नहीं था। आपको नेतृत्व और टीम निर्माण में थोड़ा धैर्य रखना होगा। कोई भी रातों-रात बुमराह, विराट या रोहित नहीं बन सकता। भारतीय टीम निश्चित रूप से बेहतर खेल सकती थी, लेकिन कई मौकों पर स्पष्ट गेम प्लान का अभाव दिखा।' इसका आप पर असर भारत में: प्रशंसकों को टीम के पुनर्निर्माण के दौरान धैर्य रखने की आवश्यकता है क्योंकि बदलाव के इस दौर में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं। सवाल-जवाब 1. एबी डिविलियर्स ने भारतीय टीम को क्या सलाह दी है? डिविलियर्स ने कहा कि आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच बड़ा अंतर है और खिलाड़ियों को हर समय आक्रामक खेलने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार ढलना सीखना चाहिए। 2. गौतम गंभीर की आलोचना क्यों हो रही है? कोच गंभीर की चयन नीति में स्थिरता की कमी और बार-बार खिलाड़ियों को बदलने के फैसलों के कारण उनकी आलोचना की जा रही है। 3. वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन कैसा रहा? वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय पदार्पण निराशाजनक रहा, जहां वह इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में 15 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सके। 4. विराट और रोहित की कमी क्यों महसूस हो रही है? विराट कोहली और रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास लेने के बाद, उनकी जगह लेने वाले युवा खिलाड़ियों को अनुभव की कमी का सामना करना पड़ रहा है। https://trendkia.com/cricket/ireland-aur-england-mein-mili-haar-ke-baad-ab-de-villiers-ne-gautam-gambhir-aur-indian-team-ko-di-naseehat-7951 TrendKia — Har trend, sabse pehle.