ईश सोढ़ी को पछाड़कर मिचेल सैंटनर बने न्यूजीलैंड के सबसे अनुभवी T20I क्रिकेटर भारत के विरुद्ध पांचवें टी20 मैच में मैदान पर उतरते ही कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर ने 143 मुकाबले खेलकर अपने देश के लिए नया कीर्तिमान स्थापित किया। हैमिल्टन के सेडन पार्क में भारत के विरुद्ध पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने के साथ ही न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर के नाम एक नया मील का पत्थर दर्ज हो गया। मैदान पर कदम रखते ही वह अपने देश के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। यह सैंटनर के करियर का 143वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच है, जिसके बूते उन्होंने अपनी ही टीम के लेग स्पिनर ईश सोढ़ी को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। न्यूजीलैंड की ओर से सर्वाधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी कीवी टीम के लिए सबसे छोटे प्रारूप में सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने की दौड़ में अब मिचेल सैंटनर 143 मैचों के साथ सबसे आगे निकल चुके हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड ईश सोढ़ी के नाम दर्ज था, जिन्होंने न्यूजीलैंड की जर्सी में 142 मुकाबले खेले थे। अनुभवी तेज गेंदबाज टिम साउदी इस सूची में तीसरे स्थान पर काबिज हैं, जिनके नाम 126 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच दर्ज हैं। पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल 122 मैचों के साथ चौथे पायदान पर मौजूद हैं। वहीं, मध्यक्रम के आक्रामक बल्लेबाज डेरिल मिचेल 109 मुकाबले खेलकर इस खास फेहरिस्त में पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। भारत के खिलाफ गेंदबाजी में भी तोड़ा था सोढ़ी का कीर्तिमान सैंटनर का यह ऐतिहासिक सफर सिर्फ मैचों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ठीक पहले खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भी उन्होंने ईश सोढ़ी का एक बड़ा गेंदबाजी रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उस मैच में 4 ओवर में 24 रन देकर 2 विकेट चटकाते हुए सैंटनर भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए थे। उस प्रदर्शन के बाद भारत के खिलाफ उनके विकेटों की कुल संख्या 32 पहुंच गई, जबकि सोढ़ी 30 विकेटों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए। इस मामले में इंग्लैंड के क्रिस जॉर्डन 24 विकेट लेकर तीसरे, जबकि जोफ्रा आर्चर और आदिल रशीद 22-22 विकेटों के साथ संयुक्त रूप से अगले स्थानों पर मौजूद हैं। अंतिम टी20 के लिए दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन में फेरबदल इस पांचवें और अंतिम मुकाबले के लिए दोनों ही टीमों ने अपनी अंतिम एकादश में अहम बदलाव किए हैं। न्यूजीलैंड की टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन में एक परिवर्तन करते हुए तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर को खेलने का अवसर दिया है। दूसरी तरफ, भारतीय टीम ने दो बदलाव किए हैं। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार एक मैच के विश्राम के बाद वापस लौटे हैं, जबकि मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को भी अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। इन दोनों की वापसी के चलते युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव और ऑलराउंडर अक्षर पटेल को इस मुकाबले की प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा है। इसका आप पर असर क्रिकेट प्रेमियों और प्रशंसकों के लिए यह मुकाबला दोनों टीमों की बेंच स्ट्रेंथ और टी20 विश्व कप की रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ प्रस्तुत करता है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: दर्शकों को न्यूजीलैंड के सबसे अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर को एक नए ऐतिहासिक कीर्तिमान के साथ कप्तानी करते देखने का अवसर मिला। यह मैच दोनों टीमों के बीच द्विपक्षीय सीरीज के तकनीकी संतुलन को समझने में मदद करता है। • भारतीय टीम संयोजन के लिए: भुवनेश्वर कुमार और वरुण चक्रवर्ती की अंतिम एकादश में वापसी से टीम प्रबंधन को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए गेंदबाजी गहराई परखने का मौका मिला। मयंक यादव और अक्षर पटेल को बाहर बैठाकर प्रबंधन ने अपने वर्कलोड मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी। • गेंदबाजी रिकॉर्ड्स के संदर्भ में: भारत के खिलाफ सर्वाधिक 32 विकेट लेने का सैंटनर का रिकॉर्ड आगामी मैचों में भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ उनके प्रभाव को और पुख्ता करता है। यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि भारतीय शीर्ष क्रम के सामने बाएं हाथ की स्पिन कितनी प्रभावी चुनौती साबित होती रही है। • फैंटेसी गेमिंग और दर्शकों के लिए: एकादश में तीन महत्वपूर्ण बदलावों के कारण मैच से पहले अपनी टीम चुनने वाले प्रशंसकों को अपनी रणनीतियां तुरंत बदलनी पड़ीं। भुवनेश्वर और टिकनर जैसे गेंदबाजों का शामिल होना पावरप्ले और डेथ ओवरों के समीकरण को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। ऐसा क्यों हुआ मिचेल सैंटनर का यह नया कीर्तिमान लंबे समय तक लगातार फिटनेस बनाए रखने और सीमित ओवरों के प्रारूप में कीवी टीम का मुख्य आधार बने रहने का सीधा परिणाम है। • लगातार टीम में चयन: सैंटनर ने 143 मैच पूरे कर यह मुकाम इसलिए हासिल किया क्योंकि वह वर्षों से न्यूजीलैंड के प्रमुख स्पिनर और विश्वसनीय निचले क्रम के हिटर रहे हैं। निरंतर फॉर्म और उपलब्धता ने उन्हें ईश सोढ़ी के 142 मैचों के रिकॉर्ड से आगे निकलने का मार्ग दिया। • चौथे मुकाबले का प्रभाव: चौथे टी20 मैच में 4 ओवर में 24 रन देकर 2 विकेट झटकने के बाद सैंटनर ने भारत के खिलाफ 32 विकेट का आंकड़ा छू लिया था। इस व्यक्तिगत फॉर्म ने पांचवें मैच में उनके नेतृत्व और प्लेइंग इलेवन में स्थान को और मजबूत किया। • गेंदबाजी विविधता की जरूरत: अंतिम मैच में दोनों टीमों द्वारा प्लेइंग इलेवन में बदलाव पिच और परिस्थितियों के अनुरूप रणनीति बनाने के कारण हुआ। न्यूजीलैंड को अतिरिक्त तेज गेंदबाजी के लिए टिकनर की आवश्यकता थी, जबकि भारत ने भुवी और वरुण को वापस लाकर अपनी विविधता बढ़ाई। सवाल-जवाब 1. मिचेल सैंटनर ने न्यूजीलैंड के लिए कितने टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं? भारत के खिलाफ पांचवें टी20 मैच में मैदान पर उतरकर मिचेल सैंटनर ने अपना 143वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। 2. सैंटनर ने सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में किसका रिकॉर्ड तोड़ा? सैंटनर ने अपनी ही टीम के लेग स्पिनर ईश सोढ़ी का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 142 मुकाबले खेले थे। 3. भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड किसके पास है? मिचेल सैंटनर के नाम 32 विकेटों के साथ यह रिकॉर्ड है, जबकि ईश सोढ़ी 30 विकेटों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 4. पांचवें टी20 मैच के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में क्या बदलाव हुए? भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार और वरुण चक्रवर्ती की वापसी हुई, जबकि मयंक यादव और अक्षर पटेल को बाहर रखा गया। 5. न्यूजीलैंड की प्लेइंग इलेवन में कौन सा बदलाव किया गया? न्यूजीलैंड की टीम ने अपनी अंतिम एकादश में एक बदलाव करते हुए तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर को शामिल किया। https://trendkia.com/cricket/ish-sodhi-ko-pachharakara-mitchell-santner-bane-new-zealand-ke-sabase-anubhavi-t20i-kriketara-54346 TrendKia — Har trend, sabse pehle.