# ईशान किशन का बड़ा बयान, कहा- लोग चाहे जो कहें, मुझे रेड बॉल क्रिकेट खेलना बेहद पसंद है

> दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी करने वाले ईशान किशन ने रेड बॉल क्रिकेट को लेकर अपनी पसंद खुलकर जाहिर की है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/ishan-kishan-ka-bada-bayan-kaha-log-chahe-jo-kahein-mujhe-red-ball-cricket-khelna-behad-pasand-hai-21982 · **Language:** Hindi
**Tags:** ईशान किशन, दलीप ट्रॉफी, ईस्ट जोन, फर्स्ट क्लास क्रिकेट, रणजी ट्रॉफी, भारतीय क्रिकेट

ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। ईस्ट जोन ने अपने 65वें फर्स्ट-क्लास मैच में नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ एकतरफा मुकाबला खेलते हुए पारी और 210 रनों के विशाल अंतर से बड़ी जीत दर्ज की। इससे पहले ईशान ने अपना 64वां फर्स्ट-क्लास मुकाबला नवंबर 2025 में रणजी ट्रॉफी के दौरान बड़ौदा के खिलाफ खेला था। इस मैच के बाद से लेकर अब तक वे घरेलू और इंटरनेशनल मुकाबलों को मिलाकर कुल 59 मैच खेल चुके हैं।

## व्हाइट बॉल से रेड बॉल क्रिकेट में ढलने की चुनौती
लगातार व्हाइट बॉल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए लाल गेंद के फॉर्मेट में तुरंत ढलना कभी भी आसान नहीं होता है। बेंगलुरु में चल रहे दलीप ट्रॉफी के मुकाबलों के दौरान इस बात पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग फॉर्मेट के बीच तेजी से सामंजस्य बिठाना क्रिकेटरों के लिए एक कड़ी चुनौती होती है। जब कोई खिलाड़ी सीमित ओवरों के खेल से निकलकर रेड बॉल क्रिकेट में कदम रखता है, तो मैदान की रणनीति और परिस्थितियां बिल्कुल बदल जाती हैं। हालांकि, उनका मानना है कि इन तमाम बदलावों के साथ खुद को ढालना ही इस खेल का असली रोमांच और खूबसूरती है।

## खिलाड़ियों की जिंदगी और उनका इंटरनेशनल करियर
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने बताया कि एक पेशेवर क्रिकेटर का जीवन बाहर से जितना सहज नजर आता है, हकीकत में वह उतना सरल नहीं होता है। दर्शकों को लगता है कि खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं, मैच खेलते हैं और वापस लौट जाते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे उनके दिमाग में लगातार तमाम तरह की बातें चलती रहती हैं। अगर उनके करियर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वे देश के लिए अब तक 32 वनडे और 55 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। इसके अलावा, इंडियन प्रीमियर लीग में भी उन्होंने 134 मुकाबले खेले हैं। वहीं बात अगर सबसे लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट की करें, तो वे अब तक भारत के लिए केवल 2 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं।

## रेड बॉल क्रिकेट और टेस्ट टीम में वापसी की इच्छा
जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या वे भविष्य में दोबारा टेस्ट टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के सौ प्रतिशत हामी भरी। उनका यह साफ तौर पर कहना है कि जिस किसी खिलाड़ी ने भी अपने करियर में एक बार भी टेस्ट क्रिकेट का स्वाद चखा है, उसे यह फॉर्मेट अपने आप भाने लगेगा। सबसे लंबे फॉर्मेट का अपना एक अलग इतिहास और महत्व है, जो हर खिलाड़ी की तकनीक और खेल को बेहतर बनाने में मदद करता है। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि भले ही लोग इस पर आसानी से विश्वास न करें, लेकिन उन्हें रेड बॉल क्रिकेट खेलना सचमुच बहुत पसंद है और उनका ध्यान सिर्फ मैदान पर रन बनाने तथा अपनी टीम को जीत दिलाने पर रहता है।

## इसका आप पर असर
**खेल प्रेमियों के लिए:** यह बयान खिलाड़ियों के संघर्ष और फॉर्मेट बदलने की कठिनाइयों को समझने का एक नया नजरिया देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में किस टीम ने प्रवेश किया है?
ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन की टीम दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही है।

### 2. ईशान किशन ने नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ मैच में क्या प्रदर्शन किया?
ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन को एक पारी और 210 रनों के विशाल अंतर से हराया, जो ईशान का 65वां फर्स्ट-क्लास मैच था।

### 3. ईशान किशन ने भारत के लिए अब तक कितने वनडे और टी-20 मैच खेले हैं?
उन्होंने भारत के लिए 32 वनडे, 55 टी-20 इंटरनेशनल और 2 टेस्ट मैच खेले हैं।

### 4. क्या ईशान किशन दोबारा टेस्ट टीम में खेलना चाहते हैं?
हाँ, ईशान किशन ने सौ प्रतिशत सहमति जताते हुए कहा है कि उन्हें रेड बॉल क्रिकेट बहुत पसंद है और वे टेस्ट टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं।

## प्रेरणा और सबक
**कठिनाइयों से पार पाना:** अलग-अलग फॉर्मेट की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए अपने मुख्य लक्ष्य पर फोकस बनाए रखना सीखें।

**ईमानदार लगन:** किसी भी काम में सफलता के लिए उसकी मूल चुनौतियों से प्यार करना जरूरी है, भले ही लोग उस पर तुरंत विश्वास न करें।

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