ईशान किशन की नाबाद 80 रन की पारी और वैभव सूर्यवंशी के प्रहार से भारत ने श्रीलंका को दिया 170 रन का लक्ष्य एशियन गेम्स सेमीफाइनल में शीर्ष बल्लेबाजों के नाकाम रहने के बाद ईशान किशन के 80 नाबाद और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के 38 रनों ने भारत को 169/7 तक पहुंचाया। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एशियन गेम्स के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका की स्पिन गेंदबाजी के सामने भारतीय शीर्ष क्रम लड़खड़ा गया। संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे बड़े नाम जब सस्ते में पवेलियन लौट गए, तब बिहार से आने वाले दो युवा बल्लेबाजों ने मोर्चा संभालते हुए टीम इंडिया को संकट से बाहर निकाला। वैभव सूर्यवंशी की तेजतर्रार शुरुआत और उसके बाद ईशान किशन के आक्रामक अंदाज के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 169 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिससे श्रीलंका को फाइनल में जगह बनाने के लिए 170 रनों की चुनौती मिली। शुरुआती झटकों के बीच वैभव सूर्यवंशी का जबर्दस्त मुकाबला टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को लगातार झटके लगे और एक छोर से विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। इसके बावजूद दूसरे छोर पर 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी बिना किसी घबराहट के क्रीज पर टिके रहे। उन्होंने शुरुआत से ही अपनी टाइमिंग दिखाई और बेवजह का जोखिम लिए बिना स्मार्ट शॉट खेले। वैभव ने चौथे ओवर की पांचवीं और छठी गेंद पर लगातार दो चौके जड़कर स्पिन लेती पिच पर अपनी तकनीक का प्रमाण दिया। अगले ही ओवर में उन्होंने दबाव पूरी तरह विपक्षी खेमे पर डाल दिया। पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर चौका, पांचवीं पर छक्का और आखिरी गेंद पर फिर चौका लगाकर उन्होंने श्रीलंकाई खेमे में हलचल मचा दी। वैभव ने मात्र 21 गेंदों में 4 चौके और 2 छक्के उड़ाते हुए 38 रनों की परिपक्व पारी खेली। इस तरह समाप्त हुआ युवा वैभव सूर्यवंशी का संघर्ष वैभव की बहादुरी भरी पारी का अंत श्रीलंकाई कप्तान अराच्चिगे की घूमती गेंद पर हुआ। अराच्चिगे ने अपनी ग्रिप और शार्प टर्न के दम पर बल्लेबाज को छकाया। वैभव क्रीज से बाहर कदम निकालते हुए ऑफ-स्टंप से बाहर की गेंद को खेलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन गेंद बल्ले का मोटा बाहरी किनारा लेकर हवा में तैर गई। शॉर्ट थर्ड पर फील्डिंग कर रहे सिनेथ जयवर्धने ने जमीन से महज कुछ इंच ऊपर डाइव लगाकर शानदार कैच लपका और वैभव को पवेलियन लौटना पड़ा। यह विकेट अभिषेक शर्मा के आउट होने के अंदाज से काफी मिलता-जुलता दिखाई दिया। ईशान किशन का तूफानी अर्धशतक और नाबाद 80 रन की ऐतिहासिक पारी एकदिवसीय क्रिकेट में दोहरा शतक लगा चुके ईशान किशन ने इस दबाव भरे मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर का सबसे प्रभावशाली खेल दिखाया। अगर ईशान एक छोर पर डटकर 46 गेंदों में नाबाद 80 रन नहीं बनाते, तो टीम इंडिया बेहद गंभीर संकट में घिर सकती थी। उन्होंने शुरुआत संभलकर की और 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। पचास रन पूरे होते ही उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया और मैदान के चारों ओर बड़े प्रहार किए। अपनी पारी के दौरान ईशान ने 4 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े और अंत तक नाबाद रहते हुए टीम का स्कोर 169/7 तक ले गए। फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ंत की तैयारी इस नॉकआउट मुकाबले में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का चयन किया था। दोनों ही टीमें असामान्य परिस्थितियों से गुजरकर सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। भारत का क्वार्टर फाइनल मैच अफगानिस्तान के खिलाफ बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिसके बाद बेहतर रैंकिंग के आधार पर टीम इंडिया को अंतिम चार में प्रवेश मिला। श्रीलंका का क्वार्टर फाइनल भी नेपाल के खिलाफ इसी तरह बारिश से प्रभावित रहा था और वे भी बेहतर रैंकिंग से आगे बढ़े। पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जिससे इस मैच की विजेता टीम का मुकाबला गोल्ड मेडल के लिए पाकिस्तान से होगा। इसका आप पर असर क्रिकेट प्रशंसकों के लिए इस सेमीफाइनल मुकाबले का सीधा असर एशियाई खेलों में पदक की दौड़ और टीम संयोजन पर पड़ता है। • पदक की दौड़: भारत अगर यह मुकाबला जीतता है तो उसका सामना सीधे स्वर्ण पदक के लिए पाकिस्तान से होगा। हारने की स्थिति में टीम को कांस्य पदक के मैच में बांग्लादेश से भिड़ना पड़ेगा। • खिलाड़ियों का भविष्य: ईशान किशन की यह पारी राष्ट्रीय टीम में उनके स्थान को मजबूत आधार प्रदान करती है। चयनकर्ताओं की नजर उनके इस दबाव झेलने वाले प्रदर्शन पर जरूर रहेगी। • युवा प्रतिभा: 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन ने दिखाया है कि युवा प्रतिभाएं बड़े मंच पर बिना दबाव के खेल सकती हैं। इससे घरेलू क्रिकेट से आने वाले नए खिलाड़ियों को बड़े मौके मिलने की राह आसान होगी। • मुकाबले का रोमांच: 170 रनों का लक्ष्य इस घूमती पिच पर श्रीलंका के लिए आसान नहीं रहने वाला है। दर्शकों को दूसरी पारी में कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ भारतीय टीम का शीर्ष क्रम बिखरने और अंत में 169 रन का स्कोर खड़ा होने के पीछे पिच की परिस्थितियां और व्यक्तिगत रणनीतियां मुख्य वजह रहीं। • स्पिन के अनुकूल पिच: कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क की सतह पर गेंद तेजी से ग्रिप कर रही थी और स्पिनरों को शार्प टर्न मिल रहा था। इसी वजह से तकनीकी रूप से सक्षम संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सके। • आक्रामक और समझदारी भरी रणनीति: वैभव सूर्यवंशी ने अनावश्यक जोखिम न लेते हुए खराब गेंदों पर बाउंड्री बटोरीं, जबकि ईशान किशन ने पहले अपनी नजरें जमाईं और 33 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद बड़े शॉट्स खेले। • टॉस का फैसला: श्रीलंकाई कप्तान ने परिस्थितियों को भांपते हुए टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी ताकि भारतीय बल्लेबाजों को अनिश्चित उछाल और टर्न में फंसाया जा सके। सवाल-जवाब 1. ईशान किशन ने श्रीलंका के खिलाफ मैच में कितने रन बनाए? ईशान किशन ने 46 गेंदों पर 4 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 80 रनों की पारी खेली। 2. वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी में कितने रन जोड़े? 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 21 गेंदों का सामना करते हुए 4 चौके और 2 छक्कों की मदद से 38 रन बनाए। 3. भारत ने श्रीलंका को जीत के लिए कितना लक्ष्य दिया? भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 169 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 170 रनों का लक्ष्य रखा। 4. एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम कौन सी है? पाकिस्तान ने पहले सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को हराकर गोल्ड मेडल मुकाबले में जगह बनाई है। 5. भारत और श्रीलंका सेमीफाइनल में किस आधार पर पहुंचे थे? दोनों टीमों के क्वार्टर फाइनल मैच बारिश की वजह से रद्द हो गए थे, जिसके बाद बेहतर रैंकिंग के आधार पर दोनों को सेमीफाइनल में प्रवेश मिला। https://trendkia.com/cricket/ishan-kishan-ki-nabada-80-rana-ki-pari-aura-vaibhav-suryavanshi-ke-prahara-se-india-ne-sri-lanka-ko-diya-170-rana-ka-lakshya-41048 TrendKia — Har trend, sabse pehle.