जब नाथन एस्टल ने पानी पूरी बेचने वाले को थमा दिया मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड और 1000 पाउंड का इनाम साल 1996 के विश्व कप के दौरान न्यूजीलैंड के बल्लेबाज नाथन एस्टल ने नेट्स पर गेंदबाजी करने वाले एक स्थानीय पानी पूरी विक्रेता भरत शाह को अपना प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब और 1000 पाउंड का नकद पुरस्कार सौंप दिया था। क्रिकेट के मैदान पर मैन ऑफ द मैच का खिताब हासिल करना हर खिलाड़ी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। खिलाड़ी अपने खेल के दम पर इस सम्मान को पाने के लिए पूरी मेहनत करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कोई खिलाड़ी अपना यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड और प्राइज मनी किसी आम इंसान को गिफ्ट कर दे? ऐसा ही एक अनोखा और दिल जीतने वाला वाकया साल 1996 के विश्व कप के दौरान सामने आया था, जब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद में मुकाबला खेला जाना था। ऐसे हुई थी भरत शाह की अनोखी एंट्री इस पूरी कहानी की शुरुआत मैच से पहले अभ्यास के दौरान हुई थी। न्यूजीलैंड के दिग्गज खिलाड़ी नाथन एस्टल को उस समय नेट्स में अभ्यास के लिए एक गेंदबाज की सख्त जरूरत थी, लेकिन उन्हें कोई उपयुक्त नेट बॉलर नहीं मिल रहा था। उसी दौरान स्टेडियम के आसपास पानी पूरी बेचने वाले भरत शाह नाम के एक स्थानीय व्यक्ति पर उनकी नजर पड़ी। एस्टल ने बिना किसी पूर्व योजना के भरत को नेट पर आकर गेंदबाजी करने का अनुरोध किया। दिलचस्प बात यह थी कि भरत का क्रिकेट के पेशेवर सर्किट से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था, वे केवल एक आम विक्रेता थे। जब नेट बॉलर ने नाथन एस्टल को कर दिया बोल्ड नाथन एस्टल के कहने पर भरत शाह ने नेट्स पर कीवी बल्लेबाज को गेंद फेंकनी शुरू की। शुरुआत में एस्टल के लिए उस गेंदबाजी को समझना आसान नहीं रहा और वे लगातार पहली तीन गेंदों पर बीट हो गए। इसके बाद चौथी गेंद पर भरत ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एस्टल को क्लीन बोल्ड कर दिया। एक साधारण पानी पूरी बेचने वाले द्वारा इस तरह से गेंदबाजी किए जाने और कीवी बल्लेबाज को छकाने से एस्टल बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने भरत की तारीफ की और उन्हें कुछ और देर तक गेंदबाजी करने के लिए कहा, जिससे उन्हें मुकाबले से पहले एक बेहतरीन और अनूठा अभ्यास सत्र मिल गया। मैच में शानदार शतक और पुरस्कार का अनोखा तोहफा अभ्यास के बाद जब असल मुकाबले की बारी आई, तो नाथन एस्टल ने मैदान पर उतरकर अंग्रेजी गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शानदार 101 रनों की शतकीय पारी खेली। उनकी इस बेहतरीन पारी की बदौलत न्यूजीलैंड की टीम ने मैच में एक शानदार और यादगार जीत दर्ज की। मैच खत्म होने के बाद शानदार प्रदर्शन के लिए नाथन एस्टल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया और उन्हें पुरस्कार के रूप में 1000 पाउंड का चेक भी मिला। इसके बाद एस्टल ने जो किया, उसने इतिहास के पन्नों में इस घटना को हमेशा के लिए अमर कर दिया। उन्होंने अपना वह कीमती मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड और 1000 पाउंड की प्राइज मनी सीधे भरत शाह को सौंप दी, जिन्होंने मैच से पहले नेट्स में उनकी मदद की थी। साल 1996 के विश्व कप की यह घटना दुनियाभर में सुर्खियों का विषय बन गई थी। इस तरह भरत शाह ने बिना कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेले ही प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम करने का एक अनूठा और अद्भुत कारनामा कर दिखाया था, जिसे आज भी क्रिकेट प्रेमी बेहद प्यार से याद करते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह अनूठी घटना साल 1996 के विश्व कप के दौरान अहमदाबाद में घटी थी, जब न्यूजीलैंड के बल्लेबाज नाथन एस्टल को अभ्यास के लिए नेट गेंदबाजों की कमी का सामना करना पड़ा था। • अभ्यास की जरूरत: नाथन एस्टल को मैच से पहले अपनी बल्लेबाजी को निखारने के लिए तुरंत एक नेट बॉलर की आवश्यकता थी। • स्थानीय विक्रेता: स्टेडियम के पास पानी पूरी बेचने वाले भरत शाह ने एस्टल के अनुरोध पर नेट्स में गेंदबाजी की और उन्हें बोल्ड कर दिया। • शानदार प्रदर्शन: एस्टल ने मुख्य मैच में 101 रनों की शतकीय पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाई। • सम्मान का तोहफा: इस अनोखे अभ्यास और अपनी शानदार सफलता से खुश होकर एस्टल ने अपना मैन ऑफ द मैच पुरस्कार और 1000 पाउंड का चेक भरत को दे दिया। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस वर्ष की है? यह घटना साल 1996 के विश्व कप के दौरान की है। 2. नाथन एस्टल ने मैच में कितने रन बनाए थे? नाथन एस्टल ने मैच में 101 रनों की शतकीय पारी खेली थी। 3. पानी पूरी बेचने वाले का क्या नाम था? पानी पूरी बेचने वाले का नाम भरत शाह था। 4. नाथन एस्टल ने पुरस्कार में क्या दिया था? एस्टल ने अपना मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड और 1000 पाउंड का चेक भरत शाह को दे दिया था। 5. यह मुकाबला किस शहर में खेला गया था? यह मुकाबला अहमदाबाद में खेला गया था। प्रेरणा और सबक नाथन एस्टल और भरत शाह की यह कहानी दर्शाती है कि प्रतिभा किसी दायरे में नहीं बंधती और ईमानदारी से किया गया काम हमेशा सराहा जाता है। • अप्रत्याशित अवसर: जीवन में कब कौन सा अवसर मिल जाए, यह कोई नहीं जानता, इसलिए हर परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। • साادगी और विनम्रता: दुनिया के बड़े मुकाम हासिल करने के बाद भी अपनी मदद करने वाले आम इंसान को सम्मान देना महानता की निशानी है। • कड़ी मेहनत का फल: बिना किसी पेशेवर ट्रेनिंग के भी भरत शाह ने अपनी गेंदबाजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर के बल्लेबाज को प्रभावित किया, जो अभ्यास के महत्व को बताता है। • कृतज्ञता की भावना: नाथन एस्टल ने अपनी सफलता का श्रेय अकेले लेने के बजाय नेट्स में मदद करने वाले विक्रेता को साझा किया, जो खेल भावना की मिसाल है। https://trendkia.com/cricket/jaba-nathan-astle-ne-pani-puri-bechane-vale-ko-thama-diya-man-of-the-match-ka-avorda-aura-1000-paunda-ka-inama-52360 TrendKia — Har trend, sabse pehle.