# जापान के खिलाफ अंपायर का फैसला पलटने पर भारतीय टीम की आलोचना, अंतिम ओवर की वाइड गेंद पर छिड़ा विवाद

> जापान के खिलाफ पांच ओवर के मुकाबले में अंपायर पर दबाव डालकर वाइड गेंद का फैसला बदलवाने को लेकर भारतीय टीम की सोशल मीडिया पर भारी फजीहत हो रही है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/japan-ke-khilapha-anpayara-ka-phaisala-palatane-para-bharatiya-tima-ki-alochana-antima-ovara-ki-vaida-genda-para-chhira-vivada-36481 · **Language:** Hindi
**Tags:** क्रिकेट, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, भारत बनाम जापान, आईसीसी नियम, वाइड बॉल विवाद, क्रिकेट अंपायरिंग

अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में जीत हासिल करने की होड़ कई बार खेल भावना और नैतिक सीमाओं को पीछे छोड़ देती है। आधुनिक क्रिकेट में हर हाल में जीत दर्ज करने की इसी मानसिकता का एक विवादित नजारा जापान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में देखने को मिला। भारतीय टीम, उसके कप्तान श्रेयस अय्यर और स्पिनर अक्षर पटेल ने मैदान पर अंपायर के एक अहम फैसले के खिलाफ जिस आक्रामक अंदाज में विरोध दर्ज कराया, उसने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। विश्व चैंपियन का दर्जा रखने वाली भारतीय टीम को इस गैर-जरूरी बर्ताव के चलते सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना और उपहास का सामना करना पड़ रहा है।

## अंतिम ओवर में अंपायर के फैसले पर खिलाड़ियों का कड़ा विरोध
यह पूरा विवाद पांच-पांच ओवर के सीमित मुकाबले के आखिरी ओवर के दौरान पैदा हुआ। मैच का रुख तय करने वाले इस निर्णायक ओवर की जिम्मेदारी अक्षर पटेल के हाथों में थी। ओवर के दौरान अक्षर ने एक गेंद फेंकी जो लेग स्टंप से काफी बाहर थी और पहली नजर में पूरी तरह अवैध लग रही थी। मैदानी अंपायर ने नियमों के अनुसार उसे तुरंत वाइड गेंद करार दे दिया। हालांकि, फैसला आते ही भारतीय खिलाड़ी अंपायर के फैसले को चुनौती देने आ पहुंचे। कप्तान श्रेयस अय्यर और गेंदबाज अक्षर पटेल अन्य साथियों के साथ मिलकर अंपायर के नजदीक पहुंच गए और अपने रसूख के दम पर फैसले पर दोबारा विचार करने का दबाव बनाने लगे।

भारतीय खेमे के इस कड़े विरोध और दबाव के बीच मैदानी अंपायर क्रिस थुरगेट और ब्राउन ने पिच के बीच आपस में विचार-विमर्श किया। दोनों अंपायरों ने बातचीत के बाद अपने मूल निर्णय को वापस ले लिया और उस गेंद को वैध डिलीवरी करार दे दिया। अंपायर के इस तरह झुकने और निर्णय पलटने के बाद यह गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ कि क्या विश्व चैंपियन जैसी दिग्गज टीम का एक उभरती हुई टीम के खिलाफ ऐसा आक्रामक रुख अपनाना खेल के मर्यादा के अनुकूल था।

## मैच का रुख बदलने वाली पांचवें ओवर की तीसरी गेंद
इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम का केंद्र पांचवें ओवर की तीसरी गेंद बनी। क्रीज पर जापान के बाएं हाथ के बल्लेबाज एलेकजेंडर शिराए मौजूद थे, जबकि सामने अक्षर पटेल मैच बचाने की जुगत में गेंदबाजी कर रहे थे। इस तीसरी गेंद से ठीक पहले भी अक्षर पटेल एक वाइड गेंद फेंक चुके थे, जिस पर बल्लेबाज एलेकजेंडर शिराए ने रिवर्स स्वीप शॉट खेलने का प्रयास किया था और अंपायर ने उसे बिना किसी हिचक के वाइड दिया था।

इसके बाद तीसरी गेंद पर बल्लेबाज ने फिर से रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की। यह गेंद पिछली वाइड की तुलना में लेग स्टंप से कहीं अधिक बाहर निकल गई। जैसे ही अंपायर ने इसे वाइड घोषित करने का इशारा किया, भारतीय खेमे में खलबली मच गई। श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल ने फौरन अंपायर को घेर लिया और यह तर्क पेश किया कि बल्लेबाज ने अपना स्टांस बदलकर शॉट खेलने की कोशिश की थी, लिहाजा इसे वाइड नहीं माना जाना चाहिए। लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए अंपायरों ने अपना फैसला रद्द कर दिया। अंततः भारतीय टीम इस मुकाबले को केवल 2 रन के अंतर से जीतने में सफल रही। यदि वह फैसला वापस नहीं लिया जाता और अतिरिक्त रन जुड़ता, तो यह रोमांचक मैच टाई की स्थिति में पहुंच जाता।

## आईसीसी का स्विच हिट नियम और तकनीकी हकीकत
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी के मौजूदा नियमों के अनुसार, यदि कोई बल्लेबाज गेंदबाज के हाथ से गेंद छूटने से ठीक पहले या उसी क्षण रिवर्स हिट अथवा स्विच हिट खेलने का प्रयास करता है, तो विकेट के दोनों किनारों (ऑफ और लेग) को नियमों की नजर में ऑफ-साइड जैसा ही दर्जा दिया जाता है। अंपायरों ने इसी नियम का हवाला देते हुए माना कि बल्लेबाज ने क्रीज पर अपनी स्थिति बदली थी, जिसके आधार पर लेग-साइड की वाइड गेंद को खारिज कर दिया गया।

हालांकि, वीडियो रीप्ले पर गौर करने से एक अलग ही तकनीकी पहलू सामने आता है। रीप्ले से स्पष्ट होता है कि बल्लेबाज ने अपनी ग्रिप में कोई बदलाव नहीं किया था, बल्कि उसने केवल सामान्य रिवर्स स्वीप शॉट खेलने का प्रयास किया था। विवाद को गहराने वाली बात यह भी रही कि इसी ओवर की पूर्ववर्ती गेंद पर भी बल्लेबाज ने बिल्कुल ऐसा ही रिवर्स स्वीप आजमाया था और उस वक्त अंपायर ने गेंद को वाइड करार दिया था। ऐसे में यह सवाल अनसुलझा रह जाता है कि एक जैसी परिस्थिति में एक गेंद वाइड और दूसरी पूरी तरह वैध कैसे मानी जा सकती है।

## बिना डीआरएस के अंपायर पर दबाव बनाने को लेकर उठे सवाल
क्रिकेट विशेषज्ञों और खेल प्रेमियों के बीच मुख्य असहमति इस बिंदु पर है कि बल्लेबाज एलेकजेंडर शिराए ने शॉट खेलने के लिए अपनी शारीरिक मुद्रा गेंद हाथ से छूटने के काफी बाद में बदली थी। मुकाबले में डिसीजन रिव्यू सिस्टम यानी डीआरएस की तकनीक उपलब्ध नहीं थी। ऐसी स्थिति में केवल शारीरिक हाव-भाव और मौखिक दबाव के जरिए अंपायरों को निर्णय बदलने पर विवश करने को लेकर भारतीय टीम की भारी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया मंच ट्विटर पर चल रही बहसों में प्रशंसकों का कहना है कि अंपायर की मानवीय त्रुटि अपनी जगह हो सकती है, लेकिन जापान जैसी बेहद कमजोर और अनुभवहीन टीम के खिलाफ भारतीय टीम द्वारा ऐसा दबाव बनाया जाना खेल भावना के सर्वथा विपरीत है।

## इसका आप पर असर
इस विवाद ने बिना वीडियो तकनीक वाले छोटे मुकाबलों में अंपायरिंग की निष्पक्षता और खेल भावना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

- **क्रिकेट प्रशंसकों के लिए:** यह घटना दिखाती है कि बिना डीआरएस तकनीक वाले मैचों में मैदानी अंपायरों के फैसलों पर खिलाड़ियों के स्टारडम का अनुचित प्रभाव पड़ सकता है। भविष्य में एसोसिएट टीमों के खिलाफ होने वाले ऐसे सीमित ओवरों के टूर्नामेंट्स में तटस्थ और सख्त अंपायरिंग नियमों की मांग तेज होगी।
- **युवा खिलाड़ियों के लिए:** मैच के नतीजे को बदलने के लिए नियमों की तकनीकी व्याख्या और अंपायर पर दबाव बनाने की इस घटना से खेल भावना को ठेस पहुंची है। नए खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच नियमों की सही जानकारी और अंपायर के सम्मान को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई है।
- **अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रशासन के लिए:** एसोसिएट देशों के साथ मैचों में अंपायरिंग के स्तर और दबाव प्रबंधन के प्रोटोकॉल पर पुनर्विचार की जरूरत महसूस हो रही है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मैदानी अंपायर दिग्गज अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के मौखिक दबाव में आकर अपना निष्पक्ष रुख न बदलें।
- **प्रतियोगिता आयोजकों के लिए:** पांच ओवर जैसे बेहद संक्षिप्त प्रारूपों में एक अतिरिक्त रन भी पूरे मैच की दिशा तय कर देता है। आयोजकों पर अब ऐसे संवेदनशील मुकाबलों में भी बुनियादी वीडियो समीक्षा प्रणाली लागू करने का दबाव बढ़ेगा ताकि मानवीय त्रुटियों और विवादों को टाला जा सके।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद पांच ओवर के कड़े मुकाबले के अंतिम ओवर में अंपायर के फैसले और आईसीसी के वाइड बॉल नियमों की व्याख्या के टकराव के कारण उत्पन्न हुआ। मैच में डीआरएस जैसी समीक्षा तकनीक न होने से मैदानी दबाव ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया।

- **प्रत्यक्ष कारण:** पांचवें ओवर की तीसरी गेंद लेग स्टंप से काफी बाहर फेंकी गई थी, जिसे अंपायर ने पहले वाइड दिया लेकिन श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल के जोरदार विरोध के बाद अंपायरों ने फैसला वापस ले लिया। रीप्ले के अनुसार बल्लेबाज एलेकजेंडर शिराए ने केवल सामान्य रिवर्स स्वीप आजमाया था और अपनी ग्रिप नहीं बदली थी, फिर भी अंपायरों ने दबाव में आकर निर्णय पलट दिया।
- **समीक्षा तकनीक का अभाव:** इस मुकाबले में डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) की सुविधा मौजूद नहीं थी, जिसके चलते मैदानी अंपायरों को खिलाड़ियों के सामने बिना किसी थर्ड अंपायर सत्यापन के खुद ही फैसला लेना पड़ा। तकनीकी बैकअप न होने से भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ियों को अंपायरों को प्रभावित करने का पूरा मौका मिल गया।
- **आईसीसी नियमों की विरोधाभासी व्याख्या:** आईसीसी नियमावली के तहत स्विच हिट या रिवर्स शॉट की मुद्रा लेने पर दोनों किनारों को ऑफ-साइड जैसा माना जाता है, परंतु इससे ठीक पिछली गेंद पर समान रिवर्स स्वीप पर अंपायर ने वाइड दिया था। एक जैसी परिस्थितियों में लगातार दो गेंदों पर अलग-अलग पैमाना अपनाने से फैसले की वैधता संदिग्ध हो गई।

## सवाल-जवाब

### 1. अंपायर ने किस गेंद पर दिया गया वाइड का फैसला वापस लिया?
पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर जब अक्षर पटेल ने लेग स्टंप के बाहर गेंद फेंकी, तो अंपायर ने पहले वाइड दिया और बाद में भारतीय खिलाड़ियों के विरोध पर फैसला वापस ले लिया।

### 2. भारतीय टीम ने अंपायर के सामने क्या तर्क रखा था?
कप्तान श्रेयस अय्यर और गेंदबाज अक्षर पटेल का तर्क था कि बल्लेबाज एलेकजेंडर शिराए ने रिवर्स स्वीप खेलने के लिए स्टांस बदला था, इसलिए गेंद को वाइड नहीं माना जाना चाहिए।

### 3. आईसीसी का नियम रिवर्स हिट या स्विच हिट की स्थिति में वाइड गेंद को लेकर क्या कहता है?
आईसीसी नियमों के अनुसार, यदि बल्लेबाज गेंद छूटने से ठीक पहले रिवर्स या स्विच हिट खेलने का प्रयास करता है, तो लेग और ऑफ दोनों पक्षों को ऑफ-साइड जैसा माना जाता है।

### 4. यदि अंपायर वाइड का फैसला वापस नहीं लेते तो मैच का नतीजा क्या होता?
भारत यह मैच महज 2 रन से जीता था, इसलिए यदि वह अतिरिक्त रन रद्द नहीं होता तो यह मुकाबला टाई हो जाता।

### 5. मुकाबले में कौन से अंपायर अंपायरिंग कर रहे थे?
मैच में क्रिस थुरगेट और ब्राउन मैदानी अंपायर की भूमिका निभा रहे थे, जिन्होंने आपस में विचार करने के बाद निर्णय बदला था।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._