जसप्रीत बुमराह का घटता वर्कलोड क्या टीम इंडिया के लिए है बड़ा खतरा, 970 दिन में खेले सिर्फ 3 वनडे जसप्रीत बुमराह पिछले 970 दिनों में सिर्फ 3 वनडे मैच खेल पाए हैं, जिससे उनकी फिटनेस और बीसीसीआई के वर्कलोड मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम की गेंदबाजी आक्रमण की मजबूत धुरी रहे हैं, लेकिन पीठ की पुरानी चोट के बाद से वह लगातार फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड उनकी फिटनेस को सुरक्षित रखने के लिए लगातार वर्कलोड मैनेजमेंट की नीति अपनाता रहा है, लेकिन खेल के मैदान की वास्तविक चुनौतियां खिलाड़ियों को अधिक समय तक शारीरिक समस्याओं से मुक्त नहीं रख पाती हैं। अपने अनोखे गेंदबाजी एक्शन और सटीक यॉर्कर के दम पर उन्होंने जितनी बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, उतना ही उनके शरीर पर इसका दबाव भी पड़ा है। यही कारण है कि साल 2023 के वनडे विश्व कप के खिताबी मुकाबले के बाद से वह इस प्रारूप में बेहद कम मुकाबलों में ही खेल सके हैं। 970 दिनों में केवल 3 वनडे मुकाबले साल 2023 के वनडे विश्व कप के समापन के बाद से जसप्रीत बुमराह ने भारतीय टीम के लिए सबसे कम मैच वनडे प्रारूप में ही खेले हैं। विश्व कप का फाइनल मुकाबला 19 नवंबर 2023 को आयोजित हुआ था, जबकि उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच इंग्लैंड के खिलाफ 16 जुलाई 2026 को खेला। इस तरह इन 970 दिनों की लंबी अवधि के दौरान वह महज 3 वनडे मैचों में ही मैदान पर उतर पाए। इस अंतराल में भारतीय टीम कुल 29 वनडे मैच खेल चुकी है, जिसका मतलब है कि इस दिग्गज गेंदबाज ने कुल 26 मुकाबलों से बाहर रहना पड़ा। ऐसी स्थिति में क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के मन में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी सीमित उपलब्धता के साथ जसप्रीत बुमराह टीम इंडिया को साल 2027 के विश्व कप में जीत दिला पाएंगे या नहीं? टेस्ट और टी-20 प्रारूप में भी कम रही उपस्थिति केवल वनडे फॉर्मेट ही नहीं, बल्कि चोट की समस्याओं और वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते जसप्रीत बुमराह टेस्ट और टी-20 क्रिकेट से भी लगातार अनुपस्थित रहे हैं। साल 2023 के बाद से यदि उनके आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए, तो वह लाल गेंद के क्रिकेट यानी टेस्ट प्रारूप में टीम इंडिया के लिए केवल 22 मैचों में ही मैदान पर नजर आए हैं, जबकि इस दौरान भारतीय टीम ने कुल 27 टेस्ट मैच खेले हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि उन्हें अपनी फिटनेस और एहतियात के चलते 5 टेस्ट मैचों से बाहर बैठना पड़ा है। क्रिकेट के सबसे तेज प्रारूप यानी टी-20 की स्थिति भी इससे अलग नहीं है, जहां उन्हें लगातार विश्राम दिया गया है। साल 2023 के वनडे विश्व कप के बाद से भारतीय टीम ने कुल 78 टी-20 मैच खेले हैं, जिनमें से जसप्रीत बुमराह केवल 33 मुकाबलों में ही हिस्सा ले सके हैं। इसका सीधा सा मतलब यह निकलता है कि वह या तो चोट के कारण या फिर वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से 45 टी-20 मैचों में खेलने से वंचित रह गए हैं। टीम इंडिया के लिए लगातार बनी हुई है सिरदर्द जसप्रीत बुमराह की यह फिटनेस समस्या केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण टीम प्रबंधन के लिए भी एक बड़ी चिंता का विषय बन चुकी है। हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर खेली गई वनडे सीरीज के दौरान उन्हें घुटने की चोट का सामना करना पड़ा था। हालांकि यह शर्त रखी गई थी कि यदि वह पूरी तरह फिट हो जाते हैं, तो उन्हें श्रीलंका दौरे की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुन लिया जाएगा, लेकिन फिटनेस परीक्षण में सफल होने के बावजूद वह टीम से बाहर हो गए। उनकी अनुपस्थिति में अब टीम में जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी को जगह दी गई है। सवाल-जवाब 1. जसप्रीत बुमराह ने 2023 विश्व कप के बाद से कितने वनडे मैच खेले हैं? जसप्रीत बुमराह ने 2023 वनडे विश्व कप के बाद से 970 दिनों की अवधि में केवल 3 वनडे मैच खेले हैं। 2. बुमराह ने अपना आखिरी वनडे मैच किस टीम के खिलाफ और कब खेला? उन्होंने अपना आखिरी वनडे मुकाबला 16 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। 3. 2023 विश्व कप के बाद से बुमराह ने कितने टेस्ट मैच खेले हैं? इस अवधि के दौरान बुमराह ने भारतीय टीम के लिए कुल 22 टेस्ट मैच खेले हैं। 4. श्रीलंका दौरे की टेस्ट सीरीज के लिए बुमराह की जगह किसे टीम में शामिल किया गया है? फिटनेस से जुड़े कारणों के बाद उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी को टीम में शामिल किया गया है। https://trendkia.com/cricket/jasprit-bumrah-workload-management-scrutinized-after-playing-only-3-odis-in-970-days-13341 TrendKia — Har trend, sabse pehle.