# निशानेबाजी में चमका भारत, कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड में हासिल किया स्वर्ण पदक

> एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटर कमलजीत और सुरुचि ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में 484.6 अंक जुटाकर देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/kamaljeet-aur-suruchi-ne-10m-air-pistol-mixed-me-jeeta-gold-medal-38251 · **Language:** Hindi
**Tags:** एशियन गेम्स 2026, कमलजीत, सुरुचि, शूटिंग, एयर पिस्टल, गोल्ड मेडल, भारतीय खेल

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए 25 सितंबर का दिन एक बड़ी कामयाबी लेकर आया। शूटिंग रेंज में भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार खेल दिखाते हुए पहला स्थान हासिल किया और देश की झोली में चमचमाता स्वर्ण पदक डाल दिया। इस टूर्नामेंट में भारत का यह दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

## शुरुआत से अंत तक शीर्ष पर बनाए रखा दबदबा
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी का तालमेल बेहद सटीक रहा। मुकाबले की पहली सीरीज से लेकर अंतिम शॉट तक कमलजीत और सुरुचि ने शीर्ष पायदान पर अपनी बढ़त मजबूती से बनाए रखी। प्रतिद्वंद्वी टीमों के कड़े दबाव के बावजूद भारतीय निशानेबाजों की एकाग्रता नहीं डिगी और उन्होंने निरंतर सटीक निशाने साधे।

## विश्व रिकॉर्ड की बराबरी से बेहद कम फासले से चूके
फाइनल के अंत में कमलजीत और सुरुचि ने कुल 484.6 पॉइंट बनाकर शीर्ष स्थान पक्का किया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भारतीय जोड़ी ने इस मुकाबले में जिस स्तर का खेल दिखाया, वह ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच गया था। यह जोड़ी मौजूदा वर्ल्ड रिकॉर्ड को ध्वस्त करने से महज 3.8 अंक दूर रह गई। निशानेबाजी में आए इस स्वर्ण ने पदक तालिका में भारत की स्थिति को और मजबूत कर दिया है।

## इसका आप पर असर
एशियन गेम्स में निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीतने से खेल प्रेमियों और उभरते एथलीटों पर सीधा असर पड़ता है।

- **भारत में:** यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। इससे देश की युवा प्रतिभाओं को ओलंपिक खेलों और निशानेबाजी को पेशेवर करियर के रूप में चुनने की प्रेरणा मिलती है।
- **खेल प्रेमियों के लिए:** इस पदक से पदक तालिका में देश की स्थिति बेहतर हुई है। प्रशंसक अब आगामी स्पर्धाओं में भारतीय निशानेबाजों से और अधिक पदकों की उम्मीद कर सकते हैं।
- **शूटिंग अकादमियों के लिए:** वैश्विक मंच पर इस तरह की सफलता से बुनियादी स्तर के खेल प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलता है। इससे देश के विभिन्न शूटिंग प्रशिक्षण केंद्रों में नए सत्र के लिए प्रवेश और संसाधनों में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
- **आगामी प्रतियोगिताओं पर:** जीत का यह सिलसिला अन्य भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल मजबूत करेगा। इससे टीम के बाकी सदस्यों में दबाव मुक्त होकर पदक जीतने का विश्वास बढ़ता है।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय जोड़ी को यह ऐतिहासिक जीत सटीक रणनीति, बेहतरीन एकाग्रता और फाइनल में लगातार उच्च स्कोर बनाए रखने के कारण मिली।

- **शुरुआती बढ़त:** फाइनल मैच की शुरुआत से ही कमलजीत और सुरुचि ने शीर्ष स्थान पर कब्जा जमा लिया था। उनके निरंतर सटीक निशानों ने प्रतिद्वंद्वी टीमों पर लगातार स्कोरिंग दबाव बनाए रखा।
- **मानसिक दृढ़ता:** पदक चरण के अंतिम पलों में दबाव का सामना करते हुए दोनों निशानेबाजों ने धैर्य बनाए रखा। इसी नियंत्रण के बूते उन्होंने 484.6 अंक का स्कोर हासिल किया।
- **निरंतर प्रदर्शन:** टीम ने मुकाबले के किसी भी दौर में बड़ी गिरावट नहीं आने दी। इस निरंतरता के चलते वे विश्व रिकॉर्ड स्कोर से सिर्फ 3.8 अंक पीछे रहे।

## सवाल-जवाब

### 1. कमलजीत और सुरुचि ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता?
उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल किया।

### 2. भारतीय जोड़ी ने फाइनल में कुल कितने अंक हासिल किए?
कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक जुटाए।

### 3. वे विश्व रिकॉर्ड बनाने से कितने अंतर से चूके?
भारतीय जोड़ी विश्व रिकॉर्ड तोड़ने से महज 3.8 पॉइंट के फासले से पीछे रह गई।

### 4. एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला स्वर्ण पदक किसने जीता था?
भारत का पहला स्वर्ण पदक भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीता था।

### 5. यह पदक भारत के लिए किस तारीख को आया?
यह स्वर्ण पदक भारत को 25 सितंबर 2026 को मिला।

## प्रेरणा और सबक
कमलजीत और सुरुचि की इस जीत से युवाओं और खेल जगत को कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं।

- **लक्ष्य पर अडिग एकाग्रता:** फाइनल के भारी दबाव में भी ध्यान न भटकाना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। जब दबाव सबसे अधिक हो, तब शांत रहकर अपने काम पर केंद्रित रहना परिणाम देता है।
- **टीम वर्क और आपसी तालमेल:** मिक्स्ड टीम स्पर्धा में दोनों साथियों का संतुलित योगदान जरूरी होता है। एक दूसरे के खेल पर भरोसा करके ही साझेदारियों में शीर्ष मुकाम हासिल किया जा सकता है।
- **रिकॉर्ड के करीब पहुंचने का जज्बा:** सिर्फ पदक तक सीमित न रहकर विश्व रिकॉर्ड के स्तर तक पहुंचना उच्च मानकों की निशानी है। हमेशा अपनी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक धकेलने का प्रयास करना चाहिए।

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