कनाडा सुपर 60 में सह-मालिक बने जहीर खान, युवराज सिंह के साथ संभाली वैंकूवर एंकर्स की कमान पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान कनाडा सुपर 60 की फ्रेंचाइजी वैंकूवर एंकर्स के सह-मालिक बन गए हैं। इस टीम के स्वामित्व समूह में उनके पुराने साथी युवराज सिंह भी शामिल हैं, और टूर्नामेंट का दूसरा सीजन 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट जगत के जाने-माने तेज गेंदबाज जहीर खान ने खेल प्रशासक के तौर पर एक नई पारी की शुरुआत की है। जहीर खान अब कनाडा सुपर 60 टूर्नामेंट की प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी वैंकूवर एंकर्स के नए सह-मालिक बन गए हैं। इस रोमांचक विकास की सबसे खास बात यह है कि इस फ्रेंचाइजी के को-ओनरशिप ग्रुप में उनके पुराने और जिगरी साथी युवराज सिंह भी पहले से शामिल हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर साल 2011 के ODI वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत में बेहद अहम भूमिका निभाई थी और अब मैदान से दूर एक बार फिर दोनों साथ नजर आएंगे। इस नई व्यावसायिक जिम्मेदारी के तहत जहीर खान ने नागेंद्र नागा सिद्दौतम और स्टॉकहोम में स्थित एंकर स्पोर्ट्स एबी के साथ मिलकर वैंकूवर एंकर्स के स्वामित्व समूह में अपनी मजबूत जगह बनाई है। यह फ्रेंचाइजी कनाडा सुपर 60 के अंतर्गत पुरुष और महिला दोनों ही प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है। वैंकूवर एंकर्स टीम अपने सभी घरेलू मुकाबले वैंकूवर के प्रसिद्ध बीसी प्लेस स्टेडियम में खेलती है। अपनी इस नई और अनूठी भूमिका के बारे में बात करते हुए जहीर खान ने बताया कि कनाडा सुपर 60 एक बेहद शानदार लीग है और दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्टेडियमों में से एक में इसका आयोजन होना इसे बाकी प्रतियोगिताओं से अलग और खास बनाता है। उन्होंने इस बात पर भी बेहद खुशी जताई कि उनके पुराने साथी युवराज सिंह भी इसी लीग के मालिकाना समूह का एक अहम हिस्सा हैं। वैंकूवर एंकर्स के सह-मालिक के रूप में जहीर खान का बयान जहीर खान ने कनाडा सुपर 60 लीग की तारीफ करते हुए इसे एक बेहतरीन और उच्च कोटि का प्रोडक्ट करार दिया है। उन्होंने कहा कि इसका आयोजन दुनिया के एक बेहतरीन मैदान पर और अपनी अलग पहचान रखने वाले शहर में किया जा रहा है। उन्होंने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि युवराज सिंह को वे लंबे समय से बेहद अच्छी तरह जानते हैं और इतने सालों तक उनके साथी खिलाड़ी और दोस्त रहने के नाते, इस लीग के मालिकाना हक में उनका शामिल होना उन्हें इस बात का बहुत अधिक भरोसा देता है कि यह प्रोजेक्ट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। जहीर का मानना है कि क्रिकेट के खेल के विकास का अगला चरण निश्चित तौर पर वैश्विक होना चाहिए ताकि खेल हर तरफ फैल सके। इसके अलावा, जहीर खान ने इस बात पर भी खास तौर पर जोर दिया कि एसोसिएट देशों से आने वाले खिलाड़ियों और महिला क्रिकेटरों के लिए नए और बेहतर अवसर पैदा करने वाली लीगों का समर्थन किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व खिलाड़ियों के तौर पर उनकी और उनके साथियों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसी विश्वसनीय लीगों के साथ खड़े हों जो उभरते हुए क्रिकेटरों को दुनिया के सामने अपनी कला दिखाने और आगे बढ़ने का वास्तविक मौका मुहैया कराती हैं। युवराज सिंह ने किया जहीर खान का स्वागत वैंकूवर एंकर्स फ्रेंचाइजी में जहीर खान के शामिल होने पर युवराज सिंह ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया है। युवराज ने कहा कि जैक यानी जहीर खान और उन्होंने अपने खेल करियर के कुछ सबसे बड़े और यादगार पल मैदान पर साथ साझा किए हैं और इस बिल्कुल नए व्यावसायिक अध्याय के लिए एक बार फिर साथ आना उनके लिए एक बहुत ही खास और भावनात्मक एहसास है। जानकारी के अनुसार, कनाडा सुपर 60 का आगामी दूसरा सीजन इसी साल 29 सितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेला जाएगा। इस रोमांचक टूर्नामेंट में कुल 6 फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी जिनके बीच कुल 24 मुकाबले खेले जाएंगे। इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की प्रतियोगिता भी पूरी भव्यता के साथ आयोजित की जाएगी, जिससे खेल प्रेमियों को भरपूर एक्शन देखने को मिलेगा। इसका आप पर असर यह खबर क्रिकेट प्रेमियों और वैश्विक खेल निवेशकों के लिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसमें भारतीय क्रिकेट के दिग्गज नए प्रशासनिक आयामों से जुड़ रहे हैं। • भारत में: खेल प्रशंसकों और युवा खिलाड़ियों को यह देखकर प्रेरणा मिलती है कि कैसे देश के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी वैश्विक लीगों में निवेश कर रहे हैं। • वैंकूवर में: स्थानीय खेल प्रेमियों को आगामी 29 सितंबर से शुरू होने वाले टूर्नामेंट के दौरान बीसी प्लेस स्टेडियम में पुरुष और दोनों श्रेणियों के रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। • खेल अर्थशास्त्र में: एसोसिएट देशों और महिला क्रिकेटरों के लिए इस तरह की लीगों में नए आर्थिक अवसर और मंच विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। • टूर्नामेंट के लिहाज से: छह फ्रेंचाइजी और कुल 24 मैचों के आयोजन से स्थानीय खेल पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। • निवेश और प्रबंधन: पूर्व क्रिकेटर्स के स्वामित्व में आने से लीग की विश्वसनीयता बढ़ती है, जिससे भविष्य में बड़े प्रायोजकों के जुड़ने का रास्ता साफ होता है। ऐसा क्यों हुआ वैंकूवर एंकर्स के स्वामित्व समूह में जहीर खान के शामिल होने और कनाडा सुपर 60 के विस्तार के पीछे खेल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की रणनीतिक सोच जुड़ी है। • साझेदारी और पुराना नाता: जहीर खान और युवराज सिंह का 2011 विश्व कप से जुड़ा पुराना और गहरा संबंध इस व्यावसायिक सहयोग का मुख्य आधार बना है। • वैश्विक विस्तार: क्रिकेट के विकास को बढ़ावा देने के लिए पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि खेल का दायरा पारंपरिक देशों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलना चाहिए। • महिला और एसोसिएट क्रिकेट: एसोसिएट राष्ट्रों के खिलाड़ियों और महिला एथलीटों को बेहतर मंच प्रदान करने की आवश्यकता ने ऐसी लीगों को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया है। • लीग का फॉर्मेट: कनाडा सुपर 60 के दूसरे सीजन में 6 टीमों के बीच 24 मुकाबले खेले जाने की योजना ने बड़े निवेशकों और पूर्व खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित किया है। सवाल-जवाब 1. जहीर खान किस टीम के सह-मालिक बने हैं? जहीर खान कनाडा सुपर 60 की टीम वैंकूवर एंकर्स के सह-मालिक बन गए हैं। 2. वैंकूवर एंकर्स के स्वामित्व समूह में जहीर के अलावा कौन से पूर्व भारतीय खिलाड़ी हैं? इस फ्रेंचाइजी के स्वामित्व समूह में उनके पूर्व साथी युवराज सिंह भी शामिल हैं। 3. कनाडा सुपर 60 का दूसरा सीजन कब आयोजित होगा? कनाडा सुपर 60 का दूसरा सीजन 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खेला जाएगा। 4. वैंकूवर एंकर्स टीम अपने घरेलू मुकाबले कहां खेलती है? यह टीम अपने घरेलू मुकाबले वैंकूवर के प्रसिद्ध बीसी प्लेस स्टेडियम में खेलती है। 5. टूर्नामेंट में कुल कितने मुकाबले खेले जाएंगे? इस टूर्नामेंट में 6 फ्रेंचाइजी के बीच कुल 24 मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। प्रेरणा और सबक जहीर खान और युवराज सिंह की यह व्यावसायिक यात्रा उन खिलाड़ियों और युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है जो खेल जगत में अपनी दूसरी पारी की तलाश कर रहे हैं। • लंबे समय के संबंधों को भुनाना: खेल के मैदान पर बनाए गए मजबूत रिश्ते और आपसी भरोसा भविष्य के व्यावसायिक उपक्रमों में भी बेहद मददगार साबित होते हैं। • खेल के प्रति जिम्मेदारी: सफलता हासिल करने के बाद पूर्व खिलाड़ियों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे खेल के विकास और नए खिलाड़ियों के उत्थान के लिए आगे आएं। • नए क्षेत्रों में कदम रखना: अपने दायरे से बाहर निकलकर वैश्विक स्तर पर उभर रही लीगों और नए आयोजनों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाना प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। https://trendkia.com/cricket/kanada-supara-60-men-saha-malika-bane-zaheer-khan-yuvraj-singh-ke-satha-snbhali-vancouver-anchors-ki-kamana-30950 TrendKia — Har trend, sabse pehle.