लॉर्ड्स से वोकिंग तक 14 घंटे में 100 किलोमीटर की दौड़, सैम बोडोआनो ने बनाया सबसे लंबे क्रिकेट रन-अप का नया रिकॉर्ड इंग्लैंड के क्रिकेटर सैम बोडोआनो ने क्रिकेट की एक गेंद फेंकने से पहले 100 किलोमीटर यानी 62 मील की दौड़ पूरी कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की है। 14 घंटे लंबी इस यात्रा के जरिए उन्होंने कैंसर चैरिटी के लिए 6000 पाउंड भी जुटाए। इंग्लैंड के एक साहसी क्रिकेटर सैम बोडोआनो ने क्रिकेट की दुनिया में सहनशक्ति और जुनून की एक अभूतपूर्व मिसाल पेश की है। उन्होंने एक आधिकारिक क्रिकेट मुकाबले में मैच की पहली गेंद फेंकने के लिए 100 किलोमीटर यानी करीब 62 मील की अविश्वसनीय दूरी तय की। क्रिकेट के खेल में गेंदबाज आमतौर पर महज कुछ कदमों की दूरी से रन-अप लेते हैं, लेकिन सैम ने अपनी गेंद फेंकने से पहले 14 घंटे तक लगातार दौड़कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया है। यह किसी भी क्रिकेट मैच में किसी गेंदबाज द्वारा ली गई अब तक की सबसे लंबी रन-अप मानी जा रही है। शनिवार को नॉर्दर्न लंदन के प्रसिद्ध लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड से शुरू हुआ उनका यह थका देने वाला सफर रविवार को वोकिंग में समाप्त हुआ, जहाँ उन्होंने अपने पिता को पहली गेंद फेंकी। लॉर्ड्स से वोकिंग तक 14 घंटे का सफर और कैंसर चैरिटी के लिए फंड सैम बोडोआनो ने अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत शनिवार को नॉर्दर्न लंदन स्थित दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में से एक, लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड से की थी। लगातार 14 घंटे की लंबी और कठिन दौड़ के बाद वह रविवार को वोकिंग के वैली एंड क्रिकेट क्लब मैदान पर पहुंचे। मैदान में कदम रखने के तुरंत बाद, उन्होंने अपने पिता को मैच की पहली डिलीवरी फेंकी और इस तरह अपनी 100 किलोमीटर लंबी रन-अप का समापन किया। सैम का यह कारनामा सिर्फ एक व्यक्तिगत खेल उपलब्धि या विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक गहरा सामाजिक और धर्मार्थ उद्देश्य भी छिपा हुआ था। अपनी इस चुनौतीपूर्ण दौड़ के माध्यम से सैम ने कैंसर से जूझ रहे लोगों की सहायता करने वाली संस्था द रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन के लिए लगभग 6000 पाउंड की भारी राशि एकत्र की। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की सख्त शर्तें और आधिकारिक मैच की आवश्यकताएं गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक नियमों के तहत सैम बोडोआनो को इस चुनौती के दौरान कई कड़े मापदंडों का पालन करना पड़ा। यह प्रयास सिर्फ 100 किलोमीटर दौड़ लगाने तक सीमित नहीं था; नियम के अनुसार सैम को पूरी 62 मील की यात्रा के दौरान अपने हाथ में क्रिकेट की गेंद को थामे रखना था और पूरा सफर क्रिकेट के पारंपरिक सफेद परिधान में ही तय करना था। इसके अलावा, रिकॉर्ड की शर्तों के मुताबिक 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने और अपने पिता को पहली गेंद फेंकने के तुरंत बाद सैम को एक पूरे आधिकारिक क्रिकेट मैच में भाग लेना भी आवश्यक था। वोकिंग में आयोजित इस मैच में दोनों तरफ 11-11 खिलाड़ियों की टीमें शामिल थीं, और मैदान पर आधिकारिक अंपायर तथा स्कोरर मौजूद थे जिन्होंने मैच का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया। आधिकारिक जांच और विश्व रिकॉर्ड की पुष्टि की समय-सीमा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रवक्ता ने इस प्रयास की पुष्टि करते हुए बताया कि सैम बोडोआनो ने रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी मूलभूत शर्तें सफलतापूर्वक पूरी की हैं। हालांकि, इस उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड बुक में जगह मिलने से पहले सभी जमा किए गए सबूतों, जीपीएस ट्रैकिंग डेटा, वीडियो फुटेज और आधिकारिक दस्तावेजों की गहन समीक्षा की जाएगी। सत्यापन की यह प्रक्रिया आमतौर पर लगभग दो सप्ताह का समय लेती है। यदि जांच में सब कुछ सही पाया जाता है, तो सैम का नाम आधिकारिक तौर पर विश्व रिकॉर्ड में शामिल हो जाएगा और वह मौजूदा रिकॉर्ड को एक बहुत बड़े अंतर से ध्वस्त कर देंगे। टॉम डन का पिछला 24 किमी का रिकॉर्ड और प्रेरणा का सफर इससे पहले पुरुषों की श्रेणी में सबसे लंबे बॉलिंग रन-अप का विश्व रिकॉर्ड टॉम डन के नाम दर्ज था। टॉम डन ने अगस्त 2024 में ईस्ट लंदन के बेथनल ग्रीन से लेकर साउथ लंदन के वैंड्सवर्थ कॉमन तक करीब 24 किलोमीटर (15 मील) की दौड़ लगाकर यह कीर्तिमान रचा था। सैम बोडोआनो को इस चुनौती को स्वीकार करने का विचार तब आया जब उन्होंने सोशल मीडिया पर टॉम डन की दौड़ से जुड़ा एक वीडियो देखा। सैम ने सोचा कि जब 24 किलोमीटर की रन-अप संभव हो सकती है, तो वह इस सीमा को और आगे बढ़ाते हुए 100 किलोमीटर का नया बेंचमार्क स्थापित कर सकते हैं। सैम की इस अनूठी दौड़ की झलक उनके इंस्टाग्राम वीडियो में भी देखी जा सकती है। अब खेल प्रेमी और प्रशंसक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अंतिम निर्णय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसका आप पर असर सैम बोडोआनो की इस उपलब्धि का असर क्रिकेट प्रेमियों, फिटनेस उत्साही लोगों और धर्मार्थ कार्यों से जुड़े समुदाय पर देखने को मिल रहा है। • क्रिकेट प्रेमियों के लिए: यह अनोखा रिकॉर्ड साबित करता है कि पारंपरिक खेल नियमों के दायरे से बाहर जाकर भी क्रिकेट और एथलेटिक्स का नया संगम बनाया जा सकता है। इससे प्रशंसकों को सहनशक्ति और खेल भावना की नई मिसाल देखने को मिली है। • कैंसर चैरिटी के लिए: इस दौड़ के ज़रिए जुटाई गई लगभग 6000 पाउंड की राशि से कैंसर पीड़ितों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करने में सीधी मदद मिलेगी। • मैराथन और रनर्स के लिए: 14 घंटे में 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी करना मैराथन धावकों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो दर्शाती है कि सही तैयारी से कठिन लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। • गिनीज सत्यापन की समय-सीमा: अगले दो हफ्तों के भीतर आधिकारिक दस्तावेजों की जांच के बाद इस रिकॉर्ड की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। सवाल-जवाब 1. सैम बोडोआनो ने कितने किलोमीटर की दौड़ लगाई? सैम बोडोआनो ने क्रिकेट मैच की पहली गेंद फेंकने के लिए 100 किलोमीटर (62 मील) की दूरी तय की। 2. इस रन-अप की शुरुआत और समाप्ति कहाँ हुई? इस दौड़ की शुरुआत नॉर्दर्न लंदन स्थित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड से हुई और समापन वोकिंग के वैली एंड क्रिकेट क्लब में हुआ। 3. दौड़ पूरी करने में कितना समय लगा? सैम बोडोआनो को शनिवार से रविवार तक 100 किलोमीटर की यह दूरी तय करने में लगभग 14 घंटे का समय लगा। 4. सैम ने किस चैरिटी के लिए फंड जुटाया? सैम ने कैंसर रोगियों की मदद करने वाली संस्था द रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन के लिए लगभग 6000 पाउंड की राशि जुटाई। 5. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रमुख शर्तें क्या थीं? दौड़ के दौरान पूरे समय हाथ में गेंद रखनी थी, क्रिकेट ह्वाइट्स पहनना था और दौड़ के तुरंत बाद 11-11 खिलाड़ियों का आधिकारिक मैच खेलना था। 6. इससे पहले सबसे लंबे बॉलिंग रन-अप का रिकॉर्ड किसके नाम था? पुराना रिकॉर्ड टॉम डन के नाम था, जिन्होंने अगस्त 2024 में 24 किलोमीटर (15 मील) का रन-अप पूरा किया था। प्रेरणा और सबक सैम बोडोआनो की यह 100 किलोमीटर लंबी रन-अप यात्रा हर किसी के लिए समर्पण और परोपकार की एक बेहतरीन सीख प्रस्तुत करती है: • लक्ष्य को बड़ा बनाना: जब टॉम डन ने 24 किलोमीटर का रिकॉर्ड बनाया, तब सैम ने संतोष करने के बजाय उस सीमा को 100 किलोमीटर तक बढ़ाने का साहस दिखाया। • खेल को सामाजिक भलाई से जोड़ना: व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ कैंसर पीड़ितों के लिए 6000 पाउंड जुटाकर उन्होंने साबित किया कि खेल सामाजिक बदलाव का जरिया बन सकता है। • अनुशासन और निरंतरता: लगातार 14 घंटे तक हाथ में क्रिकेट गेंद थामकर दौड़ना और उसके तुरंत बाद मैच खेलना अटूट अनुशासन और इच्छाशक्ति का प्रतीक है। https://trendkia.com/cricket/lord-s-se-woking-taka-14-ghnte-men-100-kilomitara-ki-daura-sam-bodoano-ne-banaya-sabase-lnbe-kriketa-rana-apa-ka-naya-rikorda-25997 TrendKia — Har trend, sabse pehle.