# लॉर्ड्स की ऐतिहासिक दीवार पर क्रांति गौड़ का नाम, ऐसा करने वाली बनीं पहली महिला क्रिकेटर

> लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। इस उपलब्धि के साथ ही वह प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-07-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/lordsa-ki-aitihasika-divara-para-kranti-gaud-ka-nama-aisa-karane-vali-banin-pahali-mahila-kriketara-7001 · **Language:** Hindi
**Tags:** क्रिकेट, लॉर्ड्स, क्रांति गौड़, महिला क्रिकेट, टेस्ट मैच, भारत बनाम इंग्लैंड

इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय मेजबान टीम के साथ लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर एक टेस्ट मैच खेल रही है। इस मुकाबले में भारतीय टीम की स्थिति बेहद मजबूत नजर आ रही है, जिसका मुख्य कारण टीम की 22 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन क्रांति ने इंग्लैंड की पहली पारी को महज 170 रन के कुल स्कोर पर ढेर करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाते हुए कुल 17 ओवर्स फेंके, जिसमें से 7 ओवर्स पूरी तरह से मेडन रहे और मात्र 37 रन देकर 5 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद, क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के प्रसिद्ध ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं।

## क्रांति गौड़ ने झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा
लॉर्ड्स के मैदान पर हरी घास वाली पिच को देखते हुए टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। खेल के पहले दिन का समापन होने से ठीक पहले टीम इंडिया की पहली पारी 285 रन पर समाप्त हुई थी। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी पहले दिन एक विकेट गंवा दिया था। दूसरे दिन जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तो क्रांति गौड़ की सटीक गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड के बल्लेबाज बेबस दिखाई दिए। इस पारी में 5 विकेट लेकर क्रांति ने पूर्व भारतीय दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का कीर्तिमान भी ध्वस्त कर दिया। क्रांति गौड़ अब टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में 5 विकेट हॉल लेने वाली सबसे युवा भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं। वह यह मुकाम 22 साल 225 दिन की उम्र में हासिल कर चुकी हैं। झूलन गोस्वामी ने वर्ष 2005 में नई दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ जब 5 विकेट लिए थे, तब उनकी आयु क्रांति की तुलना में 28 दिन अधिक थी।

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## लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय टीम की स्थिति मजबूत
क्रांति गौड़ की धारदार गेंदबाजी के कारण टीम इंडिया को पहली पारी के आधार पर 115 रनों की बड़ी और महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई। दूसरे दिन की समाप्ति तक भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट के नुकसान पर 154 रन बना लिए थे। उस समय मैदान पर स्मृति मंधाना 69 रन और यास्तिका भाटिया 39 रन बनाकर खेल रही थीं। इस बढ़त के साथ भारत की कुल बढ़त अब 269 रनों तक पहुंच गई है। तीसरे दिन की रणनीति स्पष्ट है कि भारतीय टीम अपनी बढ़त को 300 रनों के पार ले जाना चाहेगी, ताकि इंग्लैंड की टीम को मुकाबले में वापसी करने का कोई भी मौका न मिले।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह उपलब्धि महिला क्रिकेट के प्रति रुचि को बढ़ाती है और भविष्य की महिला तेज गेंदबाजों के लिए एक नई प्रेरणा बनी है।

**लॉर्ड्स मैदान पर:** इस ऐतिहासिक बोर्ड पर नाम दर्ज होने से क्रांति गौड़ का नाम खेल की दुनिया के सबसे विशिष्ट रिकॉर्ड्स में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स टेस्ट में कितने विकेट लिए?
क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान 37 रन देकर कुल 5 विकेट झटके।

### 2. क्रांति गौड़ का नाम लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर क्यों है?
लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर पांच विकेट लेने के कारण क्रांति गौड़ यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं।

### 3. झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड कैसे टूटा?
क्रांति गौड़ 22 साल 225 दिन की उम्र में पांच विकेट लेकर सबसे युवा भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं, जो झूलन गोस्वामी के पुराने रिकॉर्ड से 28 दिन कम है।

### 4. लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन के अंत में भारत की स्थिति क्या थी?
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर भारत ने अपनी दूसरी पारी में 1 विकेट पर 154 रन बना लिए थे और उनकी कुल बढ़त 269 रनों की हो गई थी।

## प्रेरणा और सबक
**सफलता के सबक:**

- **युवा प्रतिभा पर भरोसा:** क्रांति गौड़ का प्रदर्शन साबित करता है कि सही अवसर मिलने पर युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर इतिहास रच सकते हैं।
- **रिकॉर्ड तोड़ने का संकल्प:** अपने से वरिष्ठ खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को चुनौती देना और उसे पार करना उच्च स्तर की तैयारी और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
- **कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन:** हरी घास वाली पिच जैसी चुनौतीपूर्ण स्थितियों में भी शांत रहकर गेंदबाजी करना एक बेहतरीन खिलाड़ी की पहचान है।

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