# महिला एशिया कप फाइनल में आक्रामक जश्न पड़ा भारी, भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ पर आईसीसी ने लगाया जुर्माना

> श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मैच में विकेट लेने के बाद पवेलियन की ओर इशारा करने पर भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जुड़ गया है.

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/mahila-asia-cup-phainala-men-akramaka-jashna-para-bhari-bharatiya-teja-gendabaja-kranti-gaur-para-icc-ne-lagaya-jurmana-34872 · **Language:** Hindi
**Tags:** क्रांति गौड़, महिला एशिया कप, आईसीसी, भारतीय महिला क्रिकेट टीम, आईसीसी आचार संहिता, दुबई क्रिकेट

दुबई के मैदान पर श्रीलंका को हराकर भारतीय महिला टीम ने आठवीं बार एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की, लेकिन खिताबी मुकाबले में आक्रामक जश्न मनाना तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को महंगा पड़ गया. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने तेईस साल की इस युवा तेज गेंदबाज को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाते हुए उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना ठोका है. इस जुर्माने के साथ ही उनके अनुशासनात्मक खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी दर्ज कर दिया गया है.

## पवेलियन की ओर इशारा करने पर हुई कार्रवाई
यह विवाद 13 सितंबर को खेले गए फाइनल मुकाबले के पहले ही ओवर में सामने आया. श्रीलंका की पारी की शुरुआत में क्रांति गौड़ ने विपक्षी सलामी बल्लेबाज इमेषा दुलानी को आउट कर दिया. सफलता मिलते ही उन्होंने बल्लेबाज की ओर देखते हुए पवेलियन का रास्ता दिखाने जैसा इशारा किया. इस हरकत को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 का खुला उल्लंघन माना गया. यह नियम सीधे तौर पर किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच में बल्लेबाज के आउट होने के बाद ऐसी भाषा, हाव-भाव या अनुचित इशारे करने पर रोक लगाता है, जो अपमानजनक हों या जिनसे बल्लेबाज की तरफ से उग्र प्रतिक्रिया भड़कने की आशंका पैदा होती हो.

## बिना औपचारिक सुनवाई के स्वीकार की सजा
एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सदस्य सुप्रिया रानी दास ने इस मामले में सजा तय की. क्रांति गौड़ ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और प्रस्तावित सजा को मंजूर कर लिया, जिसके चलते मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी. यह आरोप मैदानी अंपायर सलीमा इम्तियाज और शथिरा जाकिर जेसी के अलावा तीसरे अंपायर रोकेया सुल्ताना और चौथे अंपायर हुमैरा फराह ने लगाए थे. पिछले 24 महीनों की समयसीमा में क्रांति गौड़ का यह पहला आधिकारिक अनुशासनहीनता का मामला है. नियमों के अनुसार लेवल 1 के उल्लंघन पर कम से कम औपचारिक चेतावनी और अधिकतम 50 प्रतिशत मैच फीस की कटौती के साथ एक या दो डिमेरिट अंक दिए जाने का प्रावधान रहता है.

## भारत की 72 रनों से खिताबी जीत और पाकिस्तान पर पेनल्टी
इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के इतर भारतीय टीम ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए श्रीलंका को 72 रनों के बड़े अंतर से मात दी और रिकॉर्ड आठवीं बार एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. टूर्नामेंट के दौरान केवल भारतीय गेंदबाज ही कार्रवाई के दायरे में नहीं आईं, बल्कि पाकिस्तान की टीम पर भी आचार संहिता का चाबुक चला. श्रीलंका के खिलाफ शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में तय समय से धीमी ओवर गति रखने के कारण पाकिस्तान की महिला टीम पर मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना ठोका गया. पाकिस्तान के खिलाफ यह शिकायत मैदानी अंपायर वृंदा राठी और शथिरा जाकिर जेसी समेत तीसरे अंपायर रोकैया सुल्ताना और चौथे अंपायर रबाब अहसान ने दर्ज कराई थी.

## इसका आप पर असर
क्रिकेटरों और खेल प्रेमियों के लिए यह कार्रवाई खेल के मैदान पर आक्रामक व्यवहार और आईसीसी के सख्त नियमों की याद दिलाती है.

- **क्रिकेटरों पर असर:** मैदान पर आक्रामक हाव-भाव या विरोधी खिलाड़ी पर टिप्पणी सीधे तौर पर जेब पर भारी पड़ सकती है. खिलाड़ियों को याद रखना होगा कि विकेट मिलने के उत्साह में भी आईसीसी आचार संहिता की सीमाएं पार नहीं की जा सकतीं.
- **अनुशासनात्मक रिकॉर्ड पर असर:** खाते में जुड़ा एक डिमेरिट पॉइंट भविष्य के लिए चेतावनी का काम करता है. 24 महीनों के चक्र में चार या अधिक डिमेरिट अंक जमा होने पर खिलाड़ी पर सीधे मैचों का निलंबन झेलना पड़ सकता है.
- **टीम रणनीति पर असर:** धीमी ओवर गति जैसी गलतियां पूरी टीम की मैच फीस में कटौती करा देती हैं. कप्तानों और टीम प्रबंधन को खेल के दौरान समय प्रबंधन पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत होगी.
- **दर्शकों के लिए सीख:** उच्च स्तर के खेल में प्रतिद्वंद्विता के साथ खेल भावना बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होती है. नियमों का उल्लंघन किसी भी खिलाड़ी के जश्न को तुरंत जुर्माने में बदल सकता है.

## ऐसा क्यों हुआ
यह जुर्माना खेल भावना के उल्लंघन और आईसीसी के अनुशासनात्मक नियमों के तहत तय प्रक्रियाओं के कारण लगाया गया.

- **सीधा कारण:** श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में इमेषा दुलानी का विकेट लेने के बाद क्रांति गौड़ ने पवेलियन की दिशा में अनुचित इशारा किया. इस हरकत को सीधे तौर पर बल्लेबाज को उकसाने वाला माना गया.
- **नियमों का ढांचा:** आईसीसी आचार संहिता का अनुच्छेद 2.5 बल्लेबाज के आउट होने पर आक्रामक इशारों और अभद्र भाषा पर पूरी तरह रोक लगाता है. अंपायरों ने घटना का तुरंत संज्ञान लेकर मैच रेफरी को औपचारिक शिकायत सौंपी.
- **अपराध स्वीकारना:** खिलाड़ी द्वारा बिना किसी विरोध के गलती स्वीकार कर लेने से औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी. मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास ने न्यूनतम स्तर की सजा के तहत दस प्रतिशत फीस कटौती और एक डिमेरिट अंक तय किया.

## सवाल-जवाब

### 1. क्रांति गौड़ पर कितना जुर्माना लगाया गया है?
आईसीसी ने क्रांति गौड़ की मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है और उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा है.

### 2. क्रांति गौड़ ने आईसीसी के किस नियम का उल्लंघन किया था?
उन्होंने आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 का उल्लंघन किया, जो बल्लेबाज के आउट होने पर आक्रामक या अपमानजनक इशारे करने से जुड़ा है.

### 3. यह घटना मैच में कब और किस बल्लेबाज के खिलाफ हुई?
यह घटना श्रीलंका की पारी के पहले ही ओवर में घटी, जब क्रांति ने सलामी बल्लेबाज इमेषा दुलानी को आउट करने के बाद पवेलियन की ओर इशारा किया.

### 4. क्या इस मामले में कोई औपचारिक सुनवाई हुई?
नहीं, क्रांति गौड़ ने अपनी गलती मान ली और मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास द्वारा तय सजा को स्वीकार कर लिया, जिससे औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.

### 5. फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का नतीजा क्या रहा?
भारतीय महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप खिताब जीता.

### 6. टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम पर क्या जुर्माना लगाया गया था?
सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ धीमी ओवर गति रखने के कारण पाकिस्तान की टीम पर उनकी मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था.

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