माइकल ब्रेसवेल के पहले ही गेंद से किए हमले ने बदला मैच का रुख, कप्तान मिचेल सैंटनर ने बांधे तारीफों के पुल भारत के खिलाफ मुकाबले में 87 रनों की जोरदार जीत के बाद कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर ने माइकल ब्रेसवेल के आक्रामक खेल और अनुशासित गेंदबाजी की सराहना की है. भारतीय टीम के खिलाफ मुकाबले में मिली एकतरफा जीत के बाद न्यूजीलैंड के खेमे में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. मैच खत्म होने के बाद कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर ने अपनी टीम के संपूर्ण खेल पर संतोष जताया. उन्होंने साफ किया कि भारतीय बल्लेबाजों के मजबूत क्रम को थामने के लिए गेंदबाजों ने जो योजना बनाई थी, उसे मैदान पर बेहद सटीकता के साथ लागू किया गया. मैदान पर चल रही तेज हवाओं ने ओस के असर को पूरी तरह खत्म कर दिया, जिसका फायदा गेंदबाजों को मिला और उन्होंने लगातार दबाव बनाकर पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में ही अहम विकेट चटकाए. उछाल भरी इस पिच पर गेंदबाजों को शुरुआत से जरूरी मदद मिली, जिसने पूरे मुकाबले में विरोधी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया. माइकल ब्रेसवेल का पलटवार और डफी का शुरुआती दबाव न्यूजीलैंड की ओर से बनाए गए विशाल स्कोर का विश्लेषण करते हुए कप्तान मिचेल सैंटनर ने माना कि माइकल ब्रेसवेल की तूफानी बल्लेबाजी मुकाबले का सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ साबित हुई. ब्रेसवेल ने क्रीज पर कदम रखते ही पहली गेंद से आक्रामक रवैया अपनाया और किसी भी गेंदबाज को संभलने का मौका नहीं दिया. उनकी इसी आक्रामकता के दम पर टीम का कुल योग 260 के करीब पहुंच सका. इसके साथ ही सैंटनर ने तेज गेंदबाज डफी की सटीक लाइन और लेंथ की भी सराहना की, जिन्होंने नई गेंद से शुरुआती ओवरों में ही दो महत्वपूर्ण झटके देकर भारत की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. कीवी बल्लेबाजों की विस्फोटक शुरुआत पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट गंवाकर 259 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. पारी की शुरुआत हालांकि कुछ खास नहीं रही थी और सलामी बल्लेबाज टिम सेफर्ट मात्र 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. इसके बाद फिन एलन ने भारतीय गेंदबाजों पर पलटवार करते हुए 17 गेंदों में 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 31 रनों की तेज पारी खेली. मध्यक्रम में डेरिल मिचेल ने भी आक्रामक तेवर दिखाते हुए सिर्फ 9 गेंदों का सामना किया और 2 चौके तथा 2 छक्के जड़कर 24 रन जोड़े. ग्लेन फिलिप्स का शतक और ब्रेसवेल का अर्धशतक पारी का मुख्य आकर्षण ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल के बीच हुई विध्वंसक साझेदारी रही. फिलिप्स ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेलते हुए महज 49 गेंदों पर 107 रनों की शतकीय पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 10 विशाल छक्के शामिल रहे. दूसरे छोर से माइकल ब्रेसवेल ने भी तबाही मचाते हुए सिर्फ 25 गेंदों में 65 रन ठोक दिए. अपनी इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 6 छक्के जमाए. निचले क्रम में बेवों जैकब्स ने 7 रन, कप्तान मिचेल सैंटनर ने 5 रन, नाथन स्मिथ ने नाबाद 6 रन और एडम मिल्ने ने नाबाद 1 रन का योगदान दिया. टीम को अतिरिक्त के रूप में 10 रन मिले. भारत की तरफ से गेंदबाजी में मयंक यादव सबसे सफल रहे जिन्होंने 3 विकेट चटकाए, जबकि अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल, नितिश रेड्डी और प्रिंस यादव को 1-1 विकेट मिला. भारतीय पारी का बिखराव और 87 रनों से हार जीत के लिए मिले 260 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम लगातार गिरते विकेटों के दबाव से उबर नहीं पाई. न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की कोई गुंजाइश नहीं दी. पूरी भारतीय टीम 20 ओवर खेलने के बाद 9 विकेट पर 172 रन ही बना सकी. इस तरह न्यूजीलैंड ने 87 रनों के भारी अंतर से यह मैच अपने नाम कर लिया. गेंदबाजी की नाकामी पर भारतीय कप्तान अय्यर ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि वे गलतियों से सीखकर अंतिम मैच में वापसी करेंगे. इसका आप पर असर इस मैच के परिणाम और विशाल स्कोर का असर क्रिकेट प्रेमियों तथा आगामी मुकाबलों की रणनीति पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा. • सीरीज के लिहाज से: भारतीय टीम के लिए अंतिम मुकाबला बेहद अहम हो गया है. कप्तान अय्यर और टीम प्रबंधन को गेंदबाजी संयोजन में तत्काल सुधार करना होगा. • गेंदबाजी की रणनीतियों पर: बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिचों पर गेंदबाजों को नई विविधताओं के साथ उतरना पड़ेगा. 250 से अधिक का स्कोर दर्शाता है कि थोड़ी सी चूक बड़े नुकसान में बदल सकती है. • प्रशंसकों और दर्शकों के लिए: क्रिकेट प्रशंसकों को हाई-स्कोरिंग और चौकों-छक्कों से भरे रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं. अंतिम मैच में दोनों टीमों के बीच और कड़ी टक्कर की उम्मीद रहेगी. • खिलाड़ियों के चयन पर: मयंक यादव के 3 विकेटों ने उनके प्रदर्शन को मजबूत किया है. अंतिम एकादश में अन्य गेंदबाजों की जगह को लेकर पुनर्विचार हो सकता है. ऐसा क्यों हुआ न्यूजीलैंड की इस विशाल जीत और बड़े स्कोर के पीछे कई तकनीकी व मैदानी कारक जिम्मेदार रहे. • मौसम और मैदान की स्थिति: मैदान पर चल रही तेज हवाओं ने ओस को जमने नहीं दिया. इससे गेंद पर कीवी गेंदबाजों की पकड़ मजबूत बनी रही और भारतीय बल्लेबाजों को कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिला. • पिच से मिला उछाल: विकेट पर मौजूद उछाल का कीवी गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया. सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए उन्होंने पावरप्ले में ही भारत के शीर्ष बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया. • मध्यक्रम की तूफानी बल्लेबाजी: ग्लेन फिलिप्स के 107 रन और माइकल ब्रेसवेल के 25 गेंदों में 65 रनों ने रन गति को अत्यधिक तेज कर दिया. इस आक्रमण ने भारतीय गेंदबाजों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया. • दबाव में लड़खड़ाती भारतीय पारी: 260 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज लगातार जरूरी रन रेट के दबाव में रहे. इसी दबाव के चलते नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम 172 रनों पर ही सिमट गई. सवाल-जवाब 1. न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कुल कितना स्कोर बनाया? न्यूजीलैंड ने 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. 2. ग्लेन फिलिप्स ने कितने गेंदों पर शतक पूरा किया? ग्लेन फिलिप्स ने 49 गेंदों में 6 चौकों और 10 छक्कों की मदद से 107 रन बनाए. 3. माइकल ब्रेसवेल का इस मैच में व्यक्तिगत स्कोर क्या रहा? माइकल ब्रेसवेल ने 25 गेंदों पर 4 चौके और 6 छक्के लगाकर 65 रनों की पारी खेली. 4. भारतीय टीम की ओर से सबसे सफल गेंदबाज कौन रहा? भारत के लिए मयंक यादव ने सर्वाधिक 3 विकेट अपने नाम किए. 5. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम कितने रनों पर रुकी? भारतीय टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 172 रन ही बना सकी और 87 रनों से मैच हार गई. 6. मैच के बाद कप्तान मिचेल सैंटनर ने क्या कारण बताए? सैंटनर ने बताया कि तेज हवा से ओस नहीं आई और गेंदबाजों ने उछाल भरी पिच पर अनुशासित योजना लागू की. https://trendkia.com/cricket/michael-bracewell-ke-pahale-hi-genda-se-kie-hamale-ne-badala-maicha-ka-rukha-kaptana-mitchell-santner-ne-bandhe-tariphon-ke-pula-53520 TrendKia — Har trend, sabse pehle.