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  "type": "article",
  "title": "माइक ब्रेयरली की जिस चालाकी ने बदला वनडे क्रिकेट, जानिए बाउंड्री पर पूरी टीम भेजने के बाद कैसे बना 30 यार्ड सर्कल का नियम",
  "summary": "1979 में इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रेयरली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच की आखिरी गेंद पर विकेटकीपर समेत सभी 10 खिलाड़ियों को बाउंड्री पर खड़ा कर दिया था। इस विवाद के बाद आईसीसी को वनडे में 30 यार्ड सर्कल और फील्डिंग नियम लागू करने पड़े।",
  "content": "वनडे क्रिकेट के इतिहास में कई नियम ऐसे हैं जो किसी एक विवाद या अनोखी घटना के बाद बनाए गए। साल 1979 के एक वर्ल्ड कप सीरीज मुकाबले में हुई एक घटना ने सीमित ओवरों के खेल की रूपरेखा हमेशा के लिए बदल दी। जब एक इंग्लिश कप्तान ने मैच की आखिरी गेंद पर तीन रन बचाने के लिए विकेटकीपर समेत पूरी टीम को बाउंड्री लाइन पर खड़ा कर दिया, तो क्रिकेट के नियमों की एक बड़ी खामी सामने आई। इस बेहद रक्षात्मक रणनीति के बाद ही आईसीसी को मैदान पर फील्ड रिस्ट्रिक्शन यानी फील्डिंग प्रतिबंध लागू करने पड़े, जिससे 30 यार्ड सर्कल के नियम की नींव पड़ी।\n\n1979 का वह सांस रोक देने वाला मुकाबला\nयह वाकया 1979 के वर्ल्ड कप सीरीज में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए एक बेहद रोमांचक वनडे मैच का है। मैच अपनी आखिरी गेंद पर पहुंच चुका था और वेस्टइंडीज को जीत हासिल करने के लिए अंतिम गेंद पर 3 रन चाहिए थे। उस समय इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रेयरली थे। उन्होंने विपक्षी टीम को बाउंड्री मारने से रोकने के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाया। उन्होंने अपने सभी खिलाड़ियों के साथ-साथ विकेटकीपर डेविड बेयरस्टो को भी बाउंड्री पर फील्डिंग के लिए भेज दिया। डेविड बेयरस्टो इंग्लैंड के मौजूदा क्रिकेटर जॉनी बेयरस्टो के पिता हैं।\n\nबाउंड्री पर खिलाड़ियों का घेरा देखकर वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कॉलिन क्रॉफ्ट के पास बड़ा शॉट खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। कॉलिन क्रॉफ्ट ने जोरदार बल्ला घुमाया, लेकिन गेंद सीधे स्टंप्स में जा घुसी और वह क्लीन बोल्ड हो गए। इंग्लैंड ने यह मुकाबला जीत लिया, लेकिन कप्तान माइक ब्रेयरली की इस रणनीति ने क्रिकेट जगत में खेल भावना और नियमों पर एक नई बहस छेड़ दी।\n\n30 यार्ड सर्कल और फील्डिंग पाबंदियों की शुरुआत\nमाइक ब्रेयरली की इस रक्षात्मक चाल के बाद क्रिकेट संस्थाओं को अहसास हुआ कि अगर कप्तान अपनी मनमर्जी से बाउंड्री पर सभी फील्डर तैनात कर देंगे, तो बल्लेबाजों के लिए आखिरी ओवरों में रन बनाना नामुमकिन सा हो जाएगा। इससे गेंद और बल्ले के बीच का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता। इस स्थिति से निपटने और खेल को रोमांचक बनाए रखने के लिए 30 यार्ड सर्कल का नियम लाया गया।\n\nदिलचस्प बात यह है कि इस नियम को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि 1980-81 के ऑस्ट्रेलियाई घरेलू सीजन के दौरान लागू किया गया था। इस प्रयोग के सफल रहने के बाद इसे अंतर्राष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में अनिवार्य नियम बना दिया गया। इसके तहत 30 यार्ड के दायरे के बाहर सीमित संख्या में ही खिलाड़ियों को रखने की अनुमति दी गई।\n\n2005 के पावरप्ले से लेकर 2015 के मौजूदा नियम तक\nसमय के साथ-साथ वनडे क्रिकेट में दर्शकों की रुचि बनाए रखने के लिए फील्डिंग नियमों में कई बदलाव किए गए। साल 2005 में आईसीसी ने पावरप्ले की अवधारणा पेश की, जिससे मैच के अलग-अलग चरणों में फील्डिंग के नियम बदले जाने लगे। इसके बाद 2015 में वनडे क्रिकेट के नियमों में व्यापक सुधार किया गया, जो आज भी लागू है।\n\nवर्तमान नियमों के अनुसार वनडे मैच की 50 ओवरों की पारी को तीन पावरप्ले में बांटा गया है\n\n• पहला पावरप्ले (ओवर 1 से 10): 30 यार्ड सर्कल के बाहर अधिकतम 2 फील्डर ही रह सकते हैं, जिससे शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने का मौका मिलता है।\n• दूसरा पावरप्ले (ओवर 11 से 40): बीच के 30 ओवरों के दौरान 30 यार्ड सर्कल के बाहर अधिकतम 4 खिलाड़ियों को तैनात किया जा सकता है।\n• तीसरा पावरप्ले (ओवर 41 से 50): आखिरी के 10 डेथ ओवरों में बाउंड्री पर अधिकतम 5 फील्डर रखे जा सकते हैं।\n\nइस तरह 1979 में माइक ब्रेयरली द्वारा ली गई एक अनोखी तरकीब ने आधुनिक वनडे क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण नियमों की नींव रखी। आज जब भी कोई कप्तान फील्ड सेट करता है, तो वह उसी 30 यार्ड सर्कल के दायरे में बंधा होता है जो चार दशक पहले पैदा हुए एक विवाद की देन है।\n\nइसका आप पर असर\nक्रिकेट प्रेमियों के लिए: यह ऐतिहासिक विवरण बताता है कि वनडे क्रिकेट में पावरप्ले और 30 यार्ड सर्कल के नियम क्यों बनाए गए और वे खेल को अधिक रोमांचक कैसे बनाते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 1979 के मैच में इंग्लैंड के कप्तान कौन थे?\n1979 के इस ऐतिहासिक मुकाबले में इंग्लैंड टीम के कप्तान माइक ब्रेयरली थे।\n\n2. माइक ब्रेयरली ने आखिरी गेंद पर क्या रणनीति अपनाई थी?\nजीत के लिए जरूरी 3 रन रोकने के लिए उन्होंने विकेटकीपर डेविड बेयरस्टो सहित टीम के सभी खिलाड़ियों को बाउंड्री लाइन पर खड़ा कर दिया था।\n\n3. 30 यार्ड सर्कल का नियम पहली बार कब लागू किया गया था?\n30 यार्ड सर्कल का नियम पहली बार 1980-81 के ऑस्ट्रेलियाई घरेलू सीजन में लागू किया गया था और बाद में इसे अंतर्राष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में शामिल किया गया।\n\n4. वर्तमान में वनडे क्रिकेट में पावरप्ले के नियम क्या हैं?\nमौजूदा नियमों के तहत ओवर 1 से 10 में बाउंड्री के बाहर अधिकतम 2 फील्डर, ओवर 11 से 40 में 4 फील्डर और ओवर 41 से 50 में 5 फील्डर बाहर रह सकते हैं।\n\n5. उस मैच में बाउंड्री पर फील्डिंग करने वाले विकेटकीपर कौन थे?\nउस मैच में विकेटकीपर डेविड बेयरस्टो थे, जो इंग्लैंड के मौजूदा क्रिकेटर जॉनी बेयरस्टो के पिता हैं।",
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  "category": "क्रिकेट",
  "publishedAt": "2026-08-20",
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