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  "type": "article",
  "title": "मिजोरम के चिन्मय सुतार ने तोड़ा विलियम पोंसफोर्ड का रिकॉर्ड, शुरुआती 5 पारियों में बनाए 794 रन",
  "summary": "मिजोरम की ओर से खेल रहे चिन्मय सुतार ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआती पांच पारियों में 794 रन बनाकर 123 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विलियम पोंसफोर्ड के 724 रनों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया।",
  "content": "घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन जब कोई कीर्तिमान एक सदी से भी अधिक समय तक कायम रहे, तो उसे पार करना असाधारण उपलब्धि माना जाता है। रणजी ट्रॉफी 2026-27 के प्लेट ग्रुप में मिजोरम के लिए खेल रहे 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने ऐसा ही ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआती पांच पारियों में रनों का ऐसा अंबार खड़ा किया, जिसने 123 वर्ष पुराना वैश्विक रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। सुतार ने ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज विलियम पोंसफोर्ड के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर अपना नाम क्रिकेट इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लिया है।\n\nअरुणाचल प्रदेश के सामने रचा नया कीर्तिमान\nचिन्मय सुतार की यह ऐतिहासिक यात्रा अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में एक नए मुकाम पर पहुंची। इस मैच में सुतार ने अपनी पांचवीं प्रथम श्रेणी पारी खेलते हुए नाबाद 135 रन की पारी खेली। इस शानदार शतक के साथ ही उनके करियर की पहली पांच पारियों का कुल योग 794 रन पर पहुंच गया। इस आंकड़े के साथ वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट इतिहास में अपनी पहली पांच पारियों में सर्वाधिक रन बनाने वाले दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह वैश्विक रिकॉर्ड विलियम पोंसफोर्ड के नाम था, जिन्होंने अपनी शुरुआती पांच पारियों में कुल 724 रन जुटाए थे। पोंसफोर्ड का यह कीर्तिमान 123 वर्षों तक अटूट रहा था, जिसे सुतार ने 70 रन के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया।\n\nडेब्यू मुकाबले से ही लय में दिखे सुतार\nचिन्मय सुतार के प्रथम श्रेणी सफर की शुरुआत मणिपुर के खिलाफ मुकाबले से हुई थी। अपने डेब्यू मैच की पहली पारी में उन्होंने 35 रन बनाए थे। उसी मैच की दूसरी पारी में वह अपने पहले शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन दुर्भाग्य से 99 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। हालांकि, इस निराशा ने उनके हौसले को कमजोर नहीं किया, बल्कि अगली पारी में उन्होंने एक ऐसी पारी खेली जिसकी गूंज पूरे भारतीय क्रिकेट जगत में सुनाई दी।\n\nनागालैंड के खिलाफ खेली नाबाद 400 रनों की ऐतिहासिक मैराथन पारी\nमणिपुर के खिलाफ 99 पर रन आउट होने के बाद सुतार का अगला मुकाबला नागालैंड के खिलाफ था। इस मैच में उन्होंने विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए नाबाद 400 रनों की अविश्वसनीय पारी खेल डाली। क्रीज पर टिककर उन्होंने कुल 517 गेंदों का सामना किया, जिसमें 46 चौके और सात गगनचुंबी छक्के शामिल थे। सुतार के इस विशाल तिहरे शतक और चौहरे शतक के दम पर मिजोरम की टीम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट के नुकसान पर 581 रन बनाकर घोषित की थी। इस मैराथन पारी के साथ उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के व्यक्तिगत स्कोर को पीछे छोड़ा और रणजी ट्रॉफी इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का गौरव हासिल किया।\n\nभाऊसाहेब निंबालकर के क्लब में हुए शामिल\nनागालैंड के खिलाफ उस ऐतिहासिक पारी के दौरान चिन्मय सुतार को अंतिम विकेट के लिए लालरेमपुइया का बेहद मजबूत और धैर्यपूर्ण साथ मिला। लालरेमपुइया ने दूसरे छोर पर चट्टान की तरह खड़े होकर 76 गेंदों का सामना किया और नाबाद 14 रन बनाते हुए सुतार को 400 के जादुई आंकड़े तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के साथ सुतार रणजी ट्रॉफी इतिहास में 400 रन का आंकड़ा छूने वाले भारत के केवल दूसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले यह दुर्लभ उपलब्धि 1948-49 के रणजी सत्र में महाराष्ट्र के भाऊसाहेब निंबालकर ने हासिल की थी, जब उन्होंने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रनों की यादगार पारी खेली थी।\n\nशानदार फॉर्म का सफर: मुंबई से मिजोरम तक\nनागालैंड के खिलाफ चौहरा शतक जड़ने के बाद भी चिन्मय सुतार की रनों की भूख शांत नहीं हुई। उन्होंने मेघालय के खिलाफ अपनी अगली पारी में भी 125 रनों का शानदार शतक जड़ा। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पांचवीं पारी में नाबाद 135 रन बनाकर उन्होंने अपनी असाधारण निरंतरता को साबित किया। इस तरह उनके प्रथम श्रेणी करियर की पहली पांच पारियों का स्कोरकार्ड क्रमशः 35, 99, 400 नाबाद, 125 और 135 नाबाद रहा। मुंबई में जन्मे चिन्मय सुतार पहले घरेलू क्रिकेट में मुंबई की टीम का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं, और अब मिजोरम की ओर से खेलते हुए वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nचिन्मय सुतार का यह ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड भारतीय घरेलू क्रिकेट के बदलते स्तर और पूर्वोत्तर राज्यों की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।\n\n• क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: यह उपलब्धि साबित करती है कि रणजी ट्रॉफी का प्लेट ग्रुप भी विश्व स्तरीय पारियों और ऐतिहासिक रिकॉर्डों का मंच बन चुका है। प्रशंसकों को अब प्लेट ग्रुप के मैचों में भी जबरदस्त व्यक्तिगत पारियां देखने को मिल रही हैं।\n• घरेलू क्रिकेटरों के लिए: बड़े राज्यों की मुख्य टीमों से अवसर न मिल पाने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए अन्य राज्य संघों से खेलना एक सफल करियर विकल्प साबित हो रहा है। चिन्मय सुतार का मुंबई से निकलकर मिजोरम के लिए इतिहास रचना अन्य खिलाड़ियों को नया रास्ता दिखाता है।\n• पूर्वोत्तर क्रिकेट के लिए: मिजोरम जैसी उभरती हुई टीम के खिलाड़ी द्वारा वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करने से इस क्षेत्र के क्रिकेट ढांचे को मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय स्तर पर चयनकर्ताओं का ध्यान अब इन टीमों के प्रदर्शन पर अधिक गंभीरता से जाएगा।\n• रणजी ट्रॉफी के इतिहास में: 123 साल पुराने विश्व रिकॉर्ड का भारतीय धरती पर टूटना राष्ट्रीय चैंपियनशिप के गौरव को नई ऊंचाई प्रदान करता है। यह रिकॉर्ड आने वाले समय में युवा बल्लेबाजों के लिए एक बड़ा मानक तय करेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nचिन्मय सुतार द्वारा 123 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़े जाने की मुख्य वजह उनकी असाधारण निरंतरता और बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रही है।\n\n• सीजन की शुरुआत से ही शानदार लय: सुतार ने डेब्यू मैच से ही क्रीज पर लंबी पारियां खेलने का धैर्य दिखाया, जिसमें 99 रन पर रन आउट होने के बावजूद उनका आत्मविश्वास कम नहीं हुआ। इस निरंतर एकाग्रता ने उन्हें अगली पारियों में विशाल स्कोर तक पहुंचाया।\n• ऐतिहासिक चौहरे शतक का योगदान: नागालैंड के खिलाफ खेली गई नाबाद 400 रनों की पारी ने उनके कुल रनों के आंकड़े को बेहद तेजी से ऊपर चढ़ाया। 517 गेंदों की इस लंबी पारी में निचले क्रम के बल्लेबाज लालरेमपुइया के सहयोग ने भी उन्हें यह कीर्तिमान हासिल करने में मदद की।\n• शुरुआती पांचों पारियों में भारी रन: सुतार किसी एक पारी पर निर्भर नहीं रहे, बल्कि उन्होंने 35, 99, 400, 125 और 135 के स्कोर बनाकर लगातार तीन शतक और कुल पांच मजबूत पारियां खेलीं। इसी निरंतरता की बदौलत वह विलियम पोंसफोर्ड के 724 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने में सफल रहे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चिन्मय सुतार ने कुल कितने रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया?\nचिन्मय सुतार ने अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआती पांच पारियों में 794 रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।\n\n2. इससे पहले शुरुआती पांच पारियों में सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड किसके नाम था?\nयह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज विलियम पोंसफोर्ड के नाम था, जिन्होंने शुरुआती पांच पारियों में 724 रन बनाए थे।\n\n3. चिन्मय सुतार रणजी ट्रॉफी में किस टीम की ओर से खेल रहे हैं?\nचिन्मय सुतार 2026-27 रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में मिजोरम की टीम की ओर से खेल रहे हैं।\n\n4. रणजी ट्रॉफी में सुतार का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर क्या रहा?\nसुतार ने नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों पर 46 चौके और सात छक्कों की मदद से नाबाद 400 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली।\n\n5. रणजी ट्रॉफी इतिहास में 400 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज कौन थे?\nरणजी ट्रॉफी में 400 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भाऊसाहेब निंबालकर थे, जिन्होंने 1948-49 सीजन में नाबाद 443 रन बनाए थे।\n\n6. सुतार की शुरुआती पांच प्रथम श्रेणी पारियों के व्यक्तिगत स्कोर क्या रहे?\nउनकी शुरुआती पांच पारियों के स्कोर 35, 99, 400 नाबाद, 125 और 135 नाबाद रहे।",
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