मोहम्मद शमी के करियर पर संकट, अजीत अगरकर और गौतम गंभीर से तकरार का भारी नुकसान भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। चयन समिति और कोचिंग स्टाफ के फैसलों पर खुलकर सवाल उठाने का खमियाजा उन्हें टीम से बाहर रहकर चुकाना पड़ रहा है। भारतीय क्रिकेट में अनुभव का एक बड़ा नाम रहे मोहम्मद शमी के भविष्य को लेकर इन दिनों गंभीर चर्चाएं चल रही हैं। अगले महीने 36 साल के होने जा रहे इस अनुभवी तेज गेंदबाज के लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी की राह बेहद कठिन होती दिख रही है। क्रिकेट जगत में एक पुरानी कहावत अक्सर सुनाई देती है कि पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर नहीं किया जाता, और शमी की मौजूदा स्थिति पर यह बात पूरी तरह फिट बैठती है। भारतीय चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ उनके मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं, और यही वजह है कि उनकी टीम इंडिया में कमबैक की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। चयनकर्ताओं की बेरुखी और अनदेखी का दौर क्या मोहम्मद शमी का अंतरराष्ट्रीय करियर अब समाप्त माना जाए? क्या उन्हें भी महान खिलाड़ियों की तरह कोई विदाई मैच नसीब नहीं होगा? क्या वह मैदान से बाहर ही अपने संन्यास का ऐलान करने को मजबूर होंगे? ये सारे सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि लंबे अर्से से टीम से बाहर चल रहे शमी को श्रीलंका दौरे पर भी नजरअंदाज किया गया था। हाल ही में जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोटिल हुए, तब भी चयनकर्ताओं ने शमी को तरजीह न देते हुए आकिब नबी को टीम में शामिल करना बेहतर समझा। ऐसे में यह साफ संदेश माना जा रहा है कि वर्तमान प्रबंधन के कार्यकाल में शमी के लिए वापसी के दरवाजे बंद हो चुके हैं। खराब फॉर्म नहीं, बल्कि रवैया बना बड़ी बाधा यह बात किसी से नहीं छिपी कि मोहम्मद शमी अपनी गेंदबाजी के दम पर आज भी मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, भारतीय टीम में चयन सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन के आधार पर ही नहीं होता, बल्कि कई अन्य पहलुओं पर भी निर्भर करता है। शमी ने कई मौकों पर सार्वजनिक मंचों से अजीत अगरकर और गौतम गंभीर के फैसलों पर तीखे सवाल उठाए हैं, जो उनके खिलाफ चला गया है। खेल जगत में विचारों का मतभेद होना आम बात है, लेकिन उसे खुलेआम सार्वजनिक बहस का मुद्दा बना देना किसी भी खिलाड़ी के हित में नहीं होता। यह जगजाहिर है कि शमी एक शानदार गेंदबाज हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ गेंद से किया गया प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि एक खिलाड़ी का अनुशासित रवैया और आचरण भी बहुत मायने रखता है। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद भी मायूसी शुरुआती दौर में फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण शमी को टीम से बाहर होना पड़ा था, लेकिन पिछले एक साल के दौरान उन्होंने घरेलू सर्किट में अपनी उपयोगिता पूरी तरह साबित की है। इसके बावजूद राष्ट्रीय टीम के दरवाजे उनके लिए नहीं खुल रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो शमी ने टीम से बाहर होने के बाद घरेलू क्रिकेट में विकेटों का अंबार लगा दिया है। साल 2025-26 के घरेलू क्रिकेट सीजन के तहत रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में कुल 67 विकेट चटकाकर उन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इतने शानदार प्रदर्शन के बाद भी उन्हें नजरअंदाज किया जाना कई बड़े सवाल खड़े करता है। फिटनेस का हवाला और भविष्य के विकल्प अजीत अगरकर ने आकिब नबी को टीम में चुनकर साफ संकेत दे दिए हैं कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब भविष्य की ओर देख रहा है और शमी का दौर पीछे छूट चुका है। जब मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से शमी की वापसी की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अनुभवी तेज गेंदबाज में टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए आवश्यक फिटनेस का स्तर अभी नहीं है। बोर्ड का यह रुख साफ करता है कि केवल घरेलू विकेटों का होना ही काफी नहीं है, बल्कि चयनकर्ताओं के मानकों पर पूरी तरह खरा उतरना भी जरूरी है। चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल बना आखिरी मुकाबला मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2023 में खेला था। इसके बाद फरवरी 2025 में उन्हें आखिरी बार टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने का मौका मिला था। वहीं, मार्च 2025 में दुबई के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल उनके करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हो सकता है। उस खिताबी मुकाबले में शमी ने खतरनाक दिख रहे डेरिल मिचेल को आउट किया था, जिन्होंने उस वक्त 63 रन बना लिए थे और उनका विकेट मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था। अब देखना यह होगा कि क्या शमी अपने करियर के इस मोड़ पर कोई रास्ता निकाल पाते हैं या उनका यह शानदार सफर यहीं थम जाता है। सवाल-जवाब 1. मोहम्मद शमी को टीम इंडिया से बाहर क्यों रखा जा रहा है? चयनकर्ताओं के फैसलों पर लगातार खुलेआम सवाल उठाने और फिटनेस के मानकों पर पूरी तरह खरा न उतरने के कारण शमी को टीम में जगह नहीं मिल रही है। 2. घरेलू क्रिकेट में मोहम्मद शमी का प्रदर्शन कैसा रहा था? शमी ने 2025-26 के घरेलू सीजन में रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट्स में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 67 विकेट चटकाए थे। 3. मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच कब खेला था? मार्च 2025 में दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला शमी के करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था। 4. अजीत अगरकर ने शमी के चयन को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया है? मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा है कि इस अनुभवी तेज गेंदबाज में टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए जरूरी फिटनेस की कमी है। https://trendkia.com/cricket/mohammed-shami-faces-career-roadblock-after-public-clashes-with-ajit-agarkar-and-gautam-gambhir-13610 TrendKia — Har trend, sabse pehle.