# मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास पर मेरठ के खिलाड़ियों में गुस्सा, गौतम गंभीर की रणनीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

> मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले के बाद मेरठ के युवा क्रिकेटरों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। खिलाड़ियों ने इस फैसले के पीछे खेल में बढ़ रही राजनीति को जिम्मेदार ठहराया है और राहुल द्रविड़ तथा रवि शास्त्री को बेहतर कोच बताया है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-11-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/mohammed-shami-ke-test-snnyasa-para-meerut-ke-khilariyon-men-gussa-57506 · **Language:** Hindi
**Tags:** मोहम्मद शमी, टेस्ट संन्यास, गौतम गंभीर, राहुल द्रविड़, मेरठ क्रिकेट, भारतीय क्रिकेट, क्रिकेट राजनीति

क्रिकेट की दुनिया में खेल भावना को सर्वोपरि माना जाता था, लेकिन आधुनिक समय में इस खेल के भीतर भी राजनीतिक दखल लगातार बढ़ता जा रहा है। खेल प्रेमियों और जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की प्रवृत्तियों के कारण आने वाले समय में इस लोकप्रिय खेल को भारी क्षति उठानी पड़ सकती है। यह तीखी प्रतिक्रिया मेरठ के उभरते हुए युवा क्रिकेटरों ने मोहम्मद शमी द्वारा टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा किए जाने के बाद दी है।

## गौतम गंभीर की कार्यशैली पर खड़े किए गए सवाल
मेरठ के स्थानीय मैदानों पर अभ्यास करने वाले क्रिकेटर अरविंद ने बातचीत के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि जिस तरह से मोहम्मद शमी लंबे अर्से से टेस्ट प्रारूप में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे और इसके बावजूद उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, ऐसी परिस्थितियों में उनके पास संन्यास लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प शेष नहीं बचा था। अरविंद ने आगे कहा कि मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर की ओर से जिस प्रकार की रणनीतियां और योजनाएं बनाई जा रही हैं, वे खेल के समग्र विकास के अनुकूल बिल्कुल भी नहीं हैं। उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि यदि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अब तक के सबसे बेहतरीन कोचों की गिनती की जाए, तो राहुल द्रविड़ और रवि शास्त्री का नाम सबसे ऊपर आता है और आज के समय में भी टीम को उन्हीं जैसे अनुभवी और संतुलित मार्गदर्शन की सख्त जरूरत है।

## घरेलू मैदानों पर शानदार प्रदर्शन के बावजूद अनदेखी
एक अन्य युवा खिलाड़ी आशीष ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में लगातार धमाकेदार प्रदर्शन करके दिखाया है, इसके बावजूद चयनकर्ताओं और प्रबंधन द्वारा उन्हें अंतिम ग्यारह में शामिल नहीं किया गया। यह स्थिति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि खेल के गलियारों में अब प्रतिभा की जगह राजनीति का दबदबा बढ़ता जा रहा है। आशीष ने यह भी जोड़ा कि आज के दौर में केवल शमी ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों के साथ भी ऐसा ही सलूक किया जा रहा है और उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। हालांकि भुवनेश्वर कुमार को मौका जरूर दिया गया, लेकिन जिस तरह से वह अवसर प्रदान किया गया, वह अपने आप में गौतम गंभीर के काम करने के तौर-तरीकों की पोल खोलता है।

## भविष्य में अन्य खिलाड़ियों के भी संन्यास लेने की आशंका
खिलाड़ियों का यह भी मानना है कि यदि खेल के भीतर राजनीतिक हस्तक्षेप इसी प्रकार हावी बना रहा, तो इसका बहुत बुरा असर भारतीय क्रिकेट के भविष्य पर पड़ेगा। इस बात की पूरी आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और वरिष्ठ या युवा खिलाड़ी भी व्यवस्था से क्षुब्ध होकर संन्यास का कड़ा निर्णय ले सकते हैं। इसी क्रम में सौरभ शर्मा और रवि नामक अन्य स्थानीय खिलाड़ियों ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि मोहम्मद शमी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस शानदार खेल का प्रदर्शन किया है, वह देश के लिए गौरवशाली रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि शमी इस तरह अचानक टेस्ट क्रिकेट को छोड़ देंगे। यहां यह उल्लेखनीय है कि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने सोशल मीडिया के माध्यम से ही अपने इस संन्यास का आधिकारिक ऐलान किया था। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि वह केवल लाल गेंद यानी टेस्ट प्रारूप से हट रहे हैं, जबकि अन्य सीमित ओवरों के फॉर्मेट में वह मैदान पर खेलते हुए नजर आते रहेंगे।

## इसका आप पर असर
मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास और उससे जुड़े स्थानीय बयानों का असर सीधे तौर पर खेल प्रेमियों और आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है।

- **भारत में:** खेलप्रेमियों और प्रशंसकों के बीच इस बात को लेकर बहस तेज हो गई है कि राष्ट्रीय टीम के चयन और प्रबंधन में किस तरह की कार्यशैली अपनाई जा रही है। इससे देश भर के युवा खिलाड़ियों में खेल के प्रशासनिक पहलुओं को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है।
- **मेरठ में:** स्थानीय स्तर पर अभ्यास करने वाले उभरते क्रिकेटरों में चयन प्रक्रिया और मौजूदा कोचिंग रणनीतियों को लेकर निराशा और नाराजगी का माहौल देखा जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है जो बड़े स्तर पर खेलने का सपना देखते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने और उसके बाद खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया सामने आने के पीछे चयन प्रक्रिया और प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाएं हैं।

- **लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाना:** खिलाड़ी इस बात से आहत थे कि घरेलू क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद मोहम्मद शमी को टेस्ट प्रारूप में खेलने का मौका नहीं मिल रहा था।
- **कोचिंग और कार्यशैली पर सवाल:** स्थानीय खिलाड़ियों का मानना है कि वर्तमान कोचिंग सेटअप और रणनीतियां खिलाड़ियों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही हैं, जिसकी तुलना वे राहुल द्रविड़ और रवि शास्त्री के कार्यकाल से करते हैं।
- **राजनीति का बढ़ता प्रभाव:** खिलाड़ियों का स्पष्ट आरोप है कि खेल में बढ़ती राजनीति और पक्षपात के कारण प्रतिभावान खिलाड़ियों को वह अवसर नहीं मिल पा रहे हैं जिनके वे हकदार थे।

## सवाल-जवाब

### 1. मोहम्मद शमी ने किस फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की है?
मोहम्मद शमी ने सोशल मीडिया के माध्यम से टेस्ट यानी रेड बॉल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है।

### 2. मोहम्मद शमी के संन्यास पर किन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है?
मेरठ के युवा क्रिकेटर अरविंद, आशीष, सौरभ शर्मा और रवि ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

### 3. खिलाड़ियों ने किस मुख्य कोच की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं?
खिलाड़ियों ने वर्तमान कोच गौतम गंभीर की रणनीति और कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

### 4. खिलाड़ियों ने किन पूर्व कोचों को सबसे बेहतरीन बताया है?
खिलाड़ियों ने राहुल द्रविड़ और रवि शास्त्री को क्रिकेट इतिहास का सबसे बेहतरीन कोच बताया है।

### 5. मेरठ के क्रिकेटरों ने संन्यास के पीछे क्या मुख्य वजह बताई है?
खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद नजरअंदाज किए जाने और खेल में राजनीति हावी होने को इसकी वजह बताया है।

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