मुल्लांपुर में रोहित शर्मा का विंटेज अवतार, 39 साल की उम्र में आलोचकों को दिया करारा जवाब वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में रोहित शर्मा ने मुल्लांपुर में 92 रनों की शानदार पारी खेलकर अपनी जबर्दस्त लय साबित की है। शुरुआती झटकों के बाद उन्होंने रितुराज गायकवाड़ के साथ शतकीय साझेदारी कर टीम को मुश्किल से निकाला। क्रिकेट मैदान पर जब कोई बल्लेबाज अपनी लय के चरम पर पहुंच जाता है, तो पिच का मिजाज या विरोधी गेंदबाज की धार मायने नहीं रखती। रोहित शर्मा की बल्लेबाजी में यही सहजता और शांत अंदाज देखने को मिलता है, जिसे अक्सर क्रिकेट के गलियारों में स्लीपिंग ब्यूटी के विशेषण से नवाजा जाता है। मुल्लांपुर के मैदान पर उनका वही पुराना और भरोसेमंद अंदाज एक बार फिर उभरकर सामने आया, जहां उन्होंने दबाव भरे पलों में भी अपनी कलात्मक बल्लेबाजी से मैच का रुख मोड़ दिया। मुल्लांपुर में संकटमोचक बनकर उभरे रोहित शर्मा गुवाहाटी में धमाकेदार शतक जमाने के बाद रोहित शर्मा ने मुल्लांपुर के मुकाबले में भी अपनी शानदार लय जारी रखी। 39 साल की उम्र में उनकी बल्लेबाजी पुरानी शराब की तरह समय के साथ और निखरती जा रही है। लगातार दो मुकाबलों में बड़ी पारियां खेलकर उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी रनों की भूख अब भी पूरी तरह बरकरार है। हालांकि, इस मुकाबले में वह अपने शतक से महज 8 रन दूर रह गए, जिसका मलाल उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। यह पारी भारतीय टीम के लिहाज से बेहद नाजुक मोड़ पर आई थी। मुकाबले के शुरुआती दौर में ही फॉर्म में चल रहे शुभमन गिल और विराट कोहली कुल मिलाकर सिर्फ 4 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए थे। दोनों बड़े विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करना किसी आग के दरिया को पार करने जैसा कठिन लग रहा था। लेकिन एक मंझे हुए चैंपियन बल्लेबाज की तरह रोहित ने अपनी तकनीक और अनुभव का सहारा लेकर इस चुनौती को पूरी तरह आसान बना दिया। रितुराज गायकवाड़ के साथ साझेदारी और नियंत्रित आक्रामकता मैदान पर दो विकेट जल्द गिरने के बाद रोहित शर्मा ने रितुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने गैरजरूरी जोखिम लेने से परहेज किया और टीम की जरूरत के अनुसार अपने खेल का रुख तय किया। रोहित ने 85 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और 3 छक्के जड़े। जब वह 92 रन बनाकर पवेलियन लौटे, तो शतक पूरा न कर पाने का दर्द उनके हावभाव में नजर आ रहा था, लेकिन तब तक वह टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। वेस्टइंडीज सीरीज में साथी खिलाड़ियों के लिए ड्रीम पार्टनर वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा तीन मैचों की सीरीज पर नजर डालें तो रोहित शर्मा ने न सिर्फ खुद रन बनाए हैं, बल्कि अपने जोड़ीदारों को भी खुलकर खेलने का मौका दिया है। तिरुवनंतपुरम के पहले मैच में उन्होंने 32 रन बनाए, जहां शुभमन गिल के साथ उन्होंने 12 ओवर के भीतर 76 रन जोड़कर टीम को ठोस शुरुआत दी थी। इसके बाद गुवाहाटी के मैच में जब भारतीय टीम के सामने 405 रनों का विशाल लक्ष्य था, तब रोहित ने सिर्फ 75 गेंदों में 101 रन ठोक डाले थे। उस मुकाबले में उन्होंने कप्तान गिल पर दबाव नहीं आने दिया और दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रनों की विशाल साझेदारी की। मुल्लांपुर में उनका सलामी जोड़ीदार बदला, लेकिन रोहित का स्वभाव और जिम्मेदारी निभाने का तरीका नहीं बदला। उन्होंने रितुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रनों की मजबूत साझेदारी कर टीम को संकट से पूरी तरह उबार लिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ इस सीरीज में लगातार बेहतरीन पारियां खेलकर रोहित ने उन सभी आलोचकों को खामोश कर दिया है, जो टीम में उनकी मौजूदगी पर सवाल उठा रहे थे। इसका आप पर असर क्रिकेट प्रेमियों और प्रशंसकों के लिए रोहित शर्मा की यह शानदार फॉर्म आगामी मुकाबलों के लिहाज से बेहद सकारात्मक संकेत है। • फैंस के लिए: रोहित शर्मा का पुराना फॉर्म में लौटना शीर्ष क्रम को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करता है। इससे भारतीय टीम के बड़े लक्ष्य का पीछा करने और बड़े स्कोर बनाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। • टीम संयोजन पर असर: गिल और कोहली के सस्ते में आउट होने के बावजूद रोहित का पारी संभालना मध्य क्रम का दबाव घटाता है। युवा बल्लेबाजों को उनके साथ साझेदारी कर खुलकर खेलने का अवसर मिलता है। • आलोचकों का रुख: 39 वर्ष की उम्र में लगातार दो प्रभावशाली पारियां उनकी फिटनेस और फॉर्म पर उठ रहे सवालों को खारिज करती हैं। इससे टीम प्रबंधन का भरोसा उनके नेतृत्व और अनुभव पर और दृढ़ होगा। • सीरीज के नतीजे पर प्रभाव: वेस्टइंडीज के विरुद्ध विभिन्न परिस्थितियों में साझेदारियां तैयार कर उन्होंने भारत की जीत की राह आसान की है। यह लय आगे आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में टीम के मनोबल को ऊंचा रखेगी। ऐसा क्यों हुआ शीर्ष क्रम के दो प्रमुख बल्लेबाजों के जल्दी आउट हो जाने के बाद भारतीय पारी गहरे संकट में फंस गई थी, जिसके चलते रोहित शर्मा को अपना अंदाज बदलकर जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। • शुरुआती झटके: शुभमन गिल और विराट कोहली कुल 4 रन के टीम स्कोर पर पवेलियन लौट गए थे। इस अचानक दबाव के चलते पारी को स्थिरता देने के लिए एक छोर संभालना बेहद जरूरी हो गया था। • तकनीक और अनुभव का उपयोग: पिच के अप्रत्याशित व्यवहार के सामने रोहित ने गैरजरूरी जोखिम से बचते हुए सूझबूझ भरा खेल दिखाया। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान दिया और खराब गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाया। • रितुराज गायकवाड़ के साथ तालमेल: नए साथी के साथ साझेदारी बुनते हुए उन्होंने स्ट्राइक साझा की और युवा बल्लेबाज पर दबाव नहीं बनने दिया। 137 रनों की इस साझेदारी ने सीधे तौर पर टीम को संकट से निकाला। सवाल-जवाब 1. मुल्लांपुर में रोहित शर्मा ने कितने रन बनाए? रोहित शर्मा ने मुल्लांपुर में 85 गेंदों पर 10 चौके और 3 छक्के लगाते हुए 92 रनों की शानदार पारी खेली। 2. रोहित शर्मा की उम्र कितनी है? रोहित शर्मा की उम्र 39 वर्ष है और वह लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। 3. मैच की शुरुआत में कौन से दो प्रमुख बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए थे? शुभमन गिल और विराट कोहली मैच की शुरुआत में सिर्फ 4 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए थे। 4. रोहित शर्मा ने मुल्लांपुर में किसके साथ शतकीय साझेदारी की? रोहित शर्मा ने रितुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर 137 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। 5. गुवाहाटी के मैच में रोहित शर्मा का प्रदर्शन कैसा रहा था? गुवाहाटी में 405 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित ने 75 गेंदों पर 101 रन बनाए थे और गिल के साथ 255 रनों की साझेदारी की थी। 6. तिरुवनंतपुरम मुकाबले में रोहित और गिल ने पहले विकेट के लिए कितने रन जोड़े थे? तिरुवनंतपुरम में रोहित ने 32 रन बनाए थे और उन्होंने गिल के साथ मिलकर 12 ओवर में 76 रनों की शुरुआत दी थी। https://trendkia.com/cricket/mullanpur-men-rohit-sharma-ka-vinteja-avatara-39-sala-ki-umra-men-alochakon-ko-diya-karara-javaba-42379 TrendKia — Har trend, sabse pehle.