# मुल्लांपुर में शाई होप और गुडाकेश मोती का तूफान, 48वें ओवर में 22 रन लुटाकर हारा भारत

> तीसरे वनडे में भारत ने 351 रन बनाए लेकिन 48वें ओवर में अंशुल कंबोज के खिलाफ 22 रन देकर वेस्टइंडीज ने 5 विकेट से जीत दर्ज कर ली।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/mullanpur-men-shai-hope-aura-gudakesh-motie-ka-tuphana-48ven-ovara-men-22-rana-lutakara-hara-india-42520 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारत बनाम वेस्टइंडीज, तीसरा वनडे, मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम, शाई होप, गुडाकेश मोती, अंशुल कंबोज, भारतीय क्रिकेट

न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय टीम को गेंदबाजी की विफलता के चलते 5 विकेट से पराजय झेलनी पड़ी। पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर भारतीय बल्लेबाजों ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इसके बावजूद मेजबान टीम के गेंदबाज इस विशाल लक्ष्य का बचाव करने में नाकाम रहे। अंतिम ओवरों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शाई होप और गुडाकेश मोती ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

## मैच का रुख बदलने वाला 48वां ओवर
लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने 44 ओवर में 5 विकेट पर 293 रन बना लिए थे। उस समय मेहमान टीम को जीत के लिए अंतिम 36 गेंदों में 59 रनों की दरकार थी। मैच नाजुक मोड़ पर था और भारतीय गेंदबाजों के पास दबाव बनाकर विपक्षी टीम के बाकी विकेट झटकने का मौका था। हालांकि, इसके बाद मुकाबले की दिशा पूरी तरह बदल गई।

44वें ओवर तक संभलकर खेल रहे शाई होप ने अचानक हमला बोल दिया। इससे पहले गुरनूर बराड़ के ओवर में 15 रन बने थे, जिसने कैरेबियाई टीम को लय दी। इसके ठीक बाद मैच का सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ 48वें ओवर में आया, जब भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज गेंदबाजी के लिए आए। शाई होप और गुडाकेश मोती ने इस ओवर में तूफानी अंदाज अपनाते हुए कुल 22 रन ठोक डाले। लगातार दो ओवरों की 12 गेंदों में वेस्टइंडीज ने 37 रन बटोर लिए, जिससे भारत के हाथ से मुकाबला पूरी तरह फिसल गया।

## सीरीज भर संघर्ष करती दिखी गेंदबाजी
इस पूरी श्रृंखला के दौरान भारतीय गेंदबाजी इकाई लगातार दबाव में नजर आई। गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने अपने एकदिवसीय इतिहास का सबसे विशाल स्कोर खड़ा करते हुए 405 रन बनाए थे। हालांकि उस मैच में भारतीय टीम जीत हासिल करने में कामयाब रही थी, लेकिन गेंदबाजों की कमजोरियां खुलकर सामने आ गई थीं। इसके अलावा श्रृंखला के पहले मैच में भी कैरेबियाई बल्लेबाजों ने लगभग 300 रनों का आंकड़ा छू लिया था।

## हार के बावजूद श्रृंखला पर भारत का कब्जा
तीसरे मैच में मिली इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम कर ली, क्योंकि उसने शुरुआती दोनों मुकाबले जीते थे। हालांकि, आगामी टी20 श्रृंखला से पहले इस तरह का मुकाबला गंवाना टीम के मनोबल के लिहाज से चिंता का विषय माना जा रहा है। इस श्रृंखला के समापन के बाद दोनों टीमों के बीच 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की प्रतियोगिता खेली जानी है।

## इसका आप पर असर
तीसरे वनडे में भारतीय टीम की इस हार से क्रिकेट प्रेमियों और आगामी टी20 श्रृंखला की रणनीतियों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **क्रिकेट प्रशंसकों पर असर:** घरेलू मैदान पर 351 रन बनाने के बाद भी हार देखने से प्रशंसकों में निराशा होगी। हालांकि शुरुआती दो मैच जीतकर भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली है।
- **आगामी टी20 सीरीज की रणनीति:** अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी के कारण टीम प्रबंधन को गेंदबाजी संयोजन पर दोबारा सोचना पड़ेगा। 5 मैचों की आगामी टी20 श्रृंखला में गेंदबाजों के चयन और डेथ ओवर्स की रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
- **मुल्लांपुर में मैच देखने वालों के लिए:** न्यू चंडीगढ़ के स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को एक उच्च स्कोर वाला रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। बड़े स्कोर के बावजूद मैच का फैसला अंतिम ओवरों की तूफानी बल्लेबाजी से हुआ।
- **गेंदबाजों के प्रदर्शन का मूल्यांकन:** युवा गेंदबाजों के लिए यह मैच दबाव से निपटने का कड़ा इम्तिहान साबित हुआ है। टीम प्रबंधन भविष्य के बड़े दौरों से पहले इन ओवरों की गलतियों का विश्लेषण करेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
तीसरे एकदिवसीय मैच में भारत की पराजय का मुख्य कारण अंतिम ओवरों में दिशाहीन गेंदबाजी और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों का आक्रामक रुख रहा।

- **48वें ओवर में भारी रन प्रवाह:** मैच का सबसे सीधा कारण 48वें ओवर में अंशुल कंबोज के खिलाफ शाई होप और गुडाकेश मोती द्वारा 22 रन जुटाना रहा। इस ओवर ने वेस्टइंडीज के लिए आवश्यक रन रेट के दबाव को पूरी तरह खत्म कर दिया।
- **लगातार दो ओवरों में तेज गति से रन:** 48वें ओवर से ठीक पहले गुरनूर बराड़ के ओवर में भी 15 रन बने थे। केवल 12 गेंदों में 37 रन बनने से मैच का रुख भारत के हाथ से फिसल गया।
- **पूरी सीरीज में कमजोर गेंदबाजी:** श्रृंखला के पिछले मैचों में भी भारतीय गेंदबाजी औसत दर्जे की रही थी। गुवाहाटी में वेस्टइंडीज द्वारा 405 रन बनाना और पहले मैच में लगभग 300 रन तक पहुंचना इस कमजोरी को पहले ही रेखांकित कर चुका था।

## सवाल-जवाब

### 1. तीसरे वनडे में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कितना स्कोर बनाया था?
भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 351 रन बनाए थे।

### 2. तीसरे वनडे मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट कौन सा रहा?
48वें ओवर में अंशुल कंबोज के खिलाफ शाई होप और गुडाकेश मोती द्वारा 22 रन बनाना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा।

### 3. 44वें ओवर के बाद वेस्टइंडीज को जीत के लिए कितने रनों की जरूरत थी?
44वें ओवर के बाद वेस्टइंडीज को 36 गेंदों में 59 रन बनाने थे।

### 4. एकदिवसीय श्रृंखला का परिणाम क्या रहा?
तीसरा मैच हारने के बावजूद भारत ने शुरुआती दो मैच जीतकर एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम की।

### 5. वनडे श्रृंखला के बाद दोनों टीमों के बीच कौन सी प्रतियोगिता होगी?
वनडे सीरीज के बाद भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला खेली जाएगी।

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