मुल्लानपुर वनडे में धीमी ओवर गति पर गिरी गाज, आईसीसी ने भारत और वेस्टइंडीज दोनों पर ठोका जुर्माना तीसरे वनडे में समय पर ओवर पूरे न करने की वजह से आईसीसी ने भारतीय टीम की मैच फीस का 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारत और वेस्टइंडीज के बीच संपन्न हुई तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के अंतिम मुकाबले में दोनों टीमों पर वित्तीय जुर्माना लगाया है। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर में शनिवार को खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में धीमी ओवर गति (स्लो ओवर रेट) के नियमों का उल्लंघन पाया गया। मैच तय समय सीमा से काफी देरी से समाप्त हुआ था, जिसके बाद मैच अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर दोनों कप्तानों और खिलाड़ियों पर यह दंडात्मक कार्रवाई की गई। मैच में निर्धारित समय से पीछे रहीं दोनों टीमें शनिवार को मुल्लानपुर के मैदान पर खेले गए इस तीसरे वनडे मुकाबले के दौरान दोनों ही टीमों का ओवर रेट तय मानकों के अनुरूप नहीं रहा। खासकर दूसरी पारी में जब भारतीय टीम लक्ष्य का बचाव करते हुए फील्डिंग कर रही थी, तब मैदानी अंपायरों ने भारतीय कप्तान शुभमन गिल को गति बढ़ाने के लिए कई मर्तबा सचेत भी किया था। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजी इकाई आवंटित समय सीमा के भीतर अपने पूरे ओवर नहीं फेंक सकी। आईसीसी द्वारा जारी विवरण के अनुसार, खेल के दौरान मिलने वाले तमाम समय भत्तों की गणना करने के बाद वेस्टइंडीज की टीम निर्धारित 50 ओवर फेंकने के समय दो ओवर पीछे पाई गई। वहीं, बाद में गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम तय समय सीमा से चार ओवर पीछे रह गई। आईसीसी आचार संहिता के तहत हुई वित्तीय कार्रवाई खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए तय आईसीसी आचार संहिता के नियम 2.22 के तहत यह जुर्माना तय किया गया है। इस नियम के प्रावधानों के मुताबिक, किसी भी टीम द्वारा निर्धारित समय में जितने ओवर कम फेंके जाते हैं, प्रति ओवर मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना वसूला जाता है। भारतीय टीम चार ओवर पीछे रही थी, इसलिए मेजबान टीम पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दूसरी तरफ कैरेबियाई टीम दो ओवर कम फेंक पाई थी, जिस वजह से उनके खिलाड़ियों पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगा। यह आरोप मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की के साथ-साथ तीसरे अंपायर शरफुद्दौला तथा चौथे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने तय किए थे। मैच रेफरी प्रकाश भट्ट द्वारा प्रस्तावित इन दंडात्मक प्रस्तावों को भारतीय कप्तान शुभमन गिल और वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने बिना किसी आपत्ति के स्वीकार कर लिया, जिसके चलते किसी औपचारिक अनुशासनात्मक सुनवाई की नौबत नहीं आई। बड़े स्कोर के बावजूद भारत के हाथ से फिसला था मुकाबला इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस और परिस्थितियों के बीच पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इस विशाल लक्ष्य के बावजूद कैरेबियाई बल्लेबाजों ने शानदार जज्बा दिखाया। वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवरों में पांच विकेट खोकर 352 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कैरेबियाई कप्तान शे होप ने कप्तानी पारी खेलते हुए 143 गेंदों पर नाबाद 162 रन बनाए और अपनी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने शुरुआती दो मैच जीतकर तीन मैचों की यह एकदिवसीय श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धीमी ओवर गति पर लगे इस जुर्माने का सीधा असर खिलाड़ियों की कमाई और टीमों की अनुशासनात्मक रणनीति पर पड़ता है। • खिलाड़ियों की कमाई पर असर: तीसरे वनडे मैच के लिए भारतीय टीम के प्रत्येक खिलाड़ी की मैच फीस में से 20 प्रतिशत राशि काट ली जाएगी। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को अपनी मैच फीस का 10 प्रतिशत हिस्सा जुर्माने के रूप में गंवाना पड़ेगा। • कप्तानों पर रणनीति का दबाव: शुभमन गिल और शे होप जैसे युवा कप्तानों को भविष्य के मैचों में समय प्रबंधन पर कड़ा ध्यान देना होगा। अगर टीमें लगातार ओवर गति बनाए रखने में नाकाम रहती हैं, तो कप्तानों और टीमों पर आगे चलकर कड़े अनुशासनात्मक प्रतिबंध लग सकते हैं। • प्रशंसकों के अनुभव में सुधार: आईसीसी के इन सख्त कदमों का मुख्य उद्देश्य खेल को तय समय सीमा के भीतर समाप्त कराना है। इससे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और टेलीविजन पर मैच देखने वाले फैंस को देर रात तक मैच खिंचने की परेशानी से राहत मिलती है। • गेंदबाजी संयोजन में बदलाव: टीमों को अब मैदान पर ओवर जल्दी खत्म करने के लिए स्पिनरों का अधिक इस्तेमाल करने या फील्डिंग सेट करने के दौरान बेवजह समय बर्बाद करने से बचने की ठोस योजना बनानी होगी। ऐसा क्यों हुआ यह दंडात्मक कार्रवाई तीसरे एकदिवसीय मुकाबले के दौरान दोनों टीमों द्वारा समय प्रबंधन में हुई गंभीर चूक के कारण की गई है। • तय समय से पीछे रहना: मैच अधिकारियों द्वारा समय भत्तों को शामिल करने के बाद पाया गया कि भारतीय टीम अपने गेंदबाजी कोटे के दौरान चार ओवर और वेस्टइंडीज दो ओवर पीछे रह गई थी। मुल्लानपुर में हुआ यह मुकाबला अपने आधिकारिक समय से काफी देर बाद समाप्त हुआ था। • अंपायरों की चेतावनियों की अनदेखी: दूसरी पारी के दौरान मैदानी अंपायरों ने भारतीय कप्तान को गति बढ़ाने के लिए बार-बार टोका था। इसके बावजूद फील्डिंग कर रही टीम समय की भरपाई नहीं कर सकी और निर्धारित सीमा समाप्त होने तक आवश्यक ओवर नहीं फेंक पाई। • आचार संहिता के अनिवार्य नियम: आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के तहत प्रत्येक कम फेंके गए ओवर पर पांच प्रतिशत मैच फीस काटने का स्पष्ट प्रावधान है। मैच रेफरी प्रकाश भट्ट ने मैदानी अंपायरों की आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर सीधे इन नियमों को लागू किया। सवाल-जवाब 1. आईसीसी ने भारत और वेस्टइंडीज पर कितना जुर्माना लगाया है? आईसीसी ने भारतीय टीम पर मैच फीस का 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज टीम पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। 2. यह कार्रवाई किस नियम के तहत की गई है? यह कार्रवाई खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के तहत की गई है, जिसमें प्रति कम ओवर पर पांच प्रतिशत जुर्माना तय है। 3. मैच के दौरान दोनों टीमें कितने ओवर पीछे पाई गईं? समय की आधिकारिक छूटों को जोड़ने के बाद भारत अपने गेंदबाजी कोटे में चार ओवर और वेस्टइंडीज दो ओवर कम फेंक पाई थी। 4. इस मुकाबले में मैच रेफरी और मैदानी अंपायर कौन थे? मैच रेफरी प्रकाश भट्ट थे, जबकि मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की थे। 5. क्या इस मामले में कोई औपचारिक सुनवाई होगी? नहीं, भारतीय कप्तान शुभमन गिल और वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने प्रस्तावित जुर्माना स्वीकार कर लिया है, इसलिए आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। 6. तीसरे वनडे मुकाबले का अंतिम परिणाम क्या रहा था? भारत के सात विकेट पर 351 रनों के जवाब में वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में पांच विकेट पर 352 रन बनाकर यह मैच जीत लिया, हालांकि भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की। https://trendkia.com/cricket/mullanpur-vanade-men-dhimi-ovara-gati-para-giri-gaja-icc-ne-india-aura-west-indies-donon-para-thoka-jurmana-43247 TrendKia — Har trend, sabse pehle.