मुशफिकुर रहीम का बड़ा रिकॉर्ड, टेस्ट में दो दोहरे शतक जड़ने वाले दुनिया के इकलौते विकेटकीपर बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम टेस्ट क्रिकेट में दो बार दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। उन्होंने साल 2013 और 2018 में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में दोहरा शतक बनाना हर बल्लेबाज का सपना होता है, लेकिन विकेटकीपर के तौर पर यह कमाल करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। लाल गेंद के खेल में अब तक कुल 10 बार ही ऐसा मौका आया है जब किसी विकेटकीपर बल्लेबाज ने दो सौ रन का आंकड़ा छुआ हो। इन चुनिंदा दिग्गजों की सूची में बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम का नाम सबसे ऊपर आता है, जिन्होंने एक बार नहीं बल्कि दो बार यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है और वह ऐसा करने वाले दुनिया के इकलौते विकेटकीपर हैं। साल 2013 में श्रीलंका के खिलाफ गॉल में रचा इतिहास विकेटकीपर के रूप में टेस्ट मुकाबलों में कई महान खिलाड़ियों ने बड़ी पारियां खेली हैं, लेकिन मुशफिकुर रहीम का मुकाम इन सबसे जुदा है। उनके करियर का पहला दोहरा शतक साल 2013 में श्रीलंका के दौरे पर गॉल टेस्ट मैच के दौरान आया था। इस मुकाबले में उन्होंने बेहद संयम और तकनीक का परिचय देते हुए 321 गेंदों का सामना किया और ठीक 200 रन बनाए। उनकी इस शानदार और यादगार पारी में कुल 22 चौके और एक छक्का शामिल था, जिसके दम पर उन्होंने अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। साल 2018 में जिम्बाब्वे के खिलाफ मीरपुर में खेली नाबाद पारी अपने करियर का दूसरा दोहरा शतक बनाने के लिए मुशफिकुर रहीम ने साल 2018 का रुख किया। मीरपुर में खेले गए टेस्ट मैच में उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान पर टिककर बल्लेबाजी की। इस बार उन्होंने 421 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 219 रन की मैराथन पारी खेली। इस लंबी और सूझबूझ भरी पारी में उन्होंने 18 चौके और एक छक्का जड़ा। इस तरह उन्होंने अपने टेस्ट करियर में दूसरी बार दो सौ रन का आंकड़ा पार करके विकेटकीपरों के बीच एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित कर दिया। टेस्ट क्रिकेट में दोहरे शतक जड़ने वाले अन्य विकेटकीपर टेस्ट क्रिकेट में बतौर विकेटकीपर दोहरा शतक जड़ने वाले खिलाड़ियों की यह सूची काफी प्रतिष्ठित है जिसमें दुनिया के कई दिग्गज शामिल हैं। इस फेहरिस्त में इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड के बीजे वाटलिंग ने 205 रन की पारी खेली थी, जबकि पाकिस्तान के तस्लीम आरिफ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 210 रन बनाए थे। इसके अलावा पाकिस्तान के इम्तियाज अहमद ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 209 रन का योगदान दिया था और श्रीलंका के डीएसबीपी कुरुप्पु ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 201 रन बनाए थे। एमएस धोनी और एडम गिलक्रिस्ट जैसी महान पारियां इस खास सूची में खेल जगत के कई और बड़े नाम भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी आक्रामक और जिम्मेदार बल्लेबाजी से तहलका मचाया था। भारत के पूर्व कप्तान और स्टार विकेटकीपर एमएस धोनी ने साल 2013 में चेन्नई टेस्ट मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 224 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट ने साल 2002 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 204 रन बनाए थे। श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगाकारा ने साल 2002 में पाकिस्तान के खिलाफ 230 रन ठोके थे, जबकि जिम्बाब्वे के एंडी फ्लावर ने साल 2000 में नागपुर में भारत के खिलाफ नाबाद 232 रन की पारी खेली थी। इसका आप पर असर यह एक ऐतिहासिक और रिकॉर्ड से जुड़ा खेल समाचार है जिसका आम आदमी की दैनिक जिंदगी, वित्त, नौकरी या कर प्रणाली पर कोई सीधा व्यावहारिक असर नहीं पड़ता है। • क्रिकेट प्रेमियों के लिए: यह उपलब्धि खेल के इतिहास और आंकड़ों में एक अनोखा मील का पत्थर साबित होती है। प्रशंसक इसे दुनिया भर के विकेटकीपर बल्लेबाजों के बीच एक बेहतरीन प्रेरणा के रूप में देख सकते हैं। सवाल-जवाब 1. मुशफिकुर रहीम किस देश के खिलाड़ी हैं? मुशफिकुर रहीम बांग्लादेश के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। 2. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कितने दोहरे शतक लगाए हैं? उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो दोहरे शतक लगाए हैं और वह ऐसा करने वाले दुनिया के इकलौते विकेटकीपर हैं। 3. उनका पहला दोहरा शतक कब और किसके खिलाफ आया था? उनका पहला दोहरा शतक साल 2013 में श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में आया था जिसमें उन्होंने 200 रन बनाए थे। 4. जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने कौन सा रिकॉर्ड बनाया था? उन्होंने 2018 में मीरपुर टेस्ट में जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 219 रन की पारी खेली थी। 5. एमएस धोनी ने टेस्ट में दोहरा शतक कब बनाया था? एमएस धोनी ने साल 2013 में चेन्नई टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 224 रन की पारी खेली थी। प्रेरणा और सबक मुशफिकुर रहीम की यह उपलब्धि धैर्य, लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की क्षमता और मानसिक दृढ़ता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है। • मानसिक सहनशक्ति: टेस्ट क्रिकेट में लंबी पारियां खेलने के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता का होना बहुत जरूरी है। • कड़ी मेहनत और निरंतरता: साल 2013 के बाद 2018 में दोबारा दो सौ रन का आंकड़ा छूना यह साबित करता है कि लगातार प्रयास से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। • दबाव में संयम: विकेटकीपर होने की दोहरी जिम्मेदारी के बावजूद मैदान पर धैर्य बनाए रखना सफलता की कुंजी है। https://trendkia.com/cricket/mushfiqur-rahim-ka-bada-record-test-me-do-dobhe-shatak-jardne-wale-duniya-ke-ikaloute-wicketkeeper-24841 TrendKia — Har trend, sabse pehle.