# न्यूजीलैंड दौरे पर भुवनेश्वर कुमार को मौका देना चयनकर्ताओं की बड़ी चूक, इरफान पठान ने उठाए सवाल

> न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भुवनेश्वर कुमार के लचर प्रदर्शन के बाद पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने चयन नीति पर सवाल उठाते हुए युवाओं को मौका न दिए जाने की आलोचना की है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/new-zealand-daure-para-bhuvneshwar-kumar-ko-mauka-dena-chayanakartaon-ki-bari-chuka-irfan-pathan-ne-uthae-savala-54777 · **Language:** Hindi
**Tags:** भुवनेश्वर कुमार, इरफान पठान, टीम इंडिया, भारत बनाम न्यूजीलैंड, टी20 सीरीज, मयंक यादव, प्रिंस यादव

भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच मुकाबलों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 3-2 से रोमांचक जीत हासिल की। हालांकि सीरीज में जीत दर्ज करने के बावजूद अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन टीम प्रबंधन के लिए चिंता का सबब बन गया। लगभग चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले भुवनेश्वर के लिए यह दौरा बेहद निराशाजनक साबित हुआ। पूरी श्रृंखला के दौरान खेले चार मुकाबलों में वे केवल 1 विकेट चटकाने में सफल रहे, जबकि हर मैच में उन्होंने 40 से अधिक रन लुटा दिए। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने टीम चयन और योजना पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।

## चयनकर्ताओं की रणनीति पर इरफान पठान का विश्लेषण
इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा करते हुए कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ इस द्विपक्षीय सीरीज में भुवनेश्वर को शामिल करना चयनकर्ताओं की तरफ से एक रणनीतिक भूल थी। पठान के अनुसार इस फैसले के पीछे का तर्क समझ से परे है, क्योंकि फिलहाल कोई टी20 विश्व कप नजदीक नहीं है। उन्होंने बताया कि अगर चयन समिति भुवनेश्वर कुमार को आगामी 50 ओवर के एकदिवसीय विश्व कप के मद्देनजर तैयार कर रही होती, तो उन्हें योजना में शामिल करने का कोई औचित्य बनता। टी20 प्रारूप में उनकी अचानक वापसी से टीम को भविष्य के लिए कोई ठोस दिशा नहीं मिली।

## युवा तेज गेंदबाजों का अवसर छिनने पर जताई चिंता
पूर्व ऑलराउंडर का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ी को खिलाने के चक्कर में टीम प्रबंधन ने युवा तेज गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने का बहुमूल्य अवसर गंवा दिया। उन्होंने विशेष रूप से मयंक यादव और प्रिंस यादव का नाम लेते हुए कहा कि यह दौरा इन दोनों के विकास के लिए काफी अहम साबित हो सकता था। मयंक यादव को सभी मैचों में मौका देकर उनकी क्षमता को परखा जा सकता था, जबकि प्रिंस यादव को भी कीवी धरती पर मैच खेलने का अनुभव दिया जाना चाहिए था। विदेशी पिचों और न्यूजीलैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का जो व्यावहारिक अनुभव युवाओं को मिलता, वह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता।

## अनुभव और बदकिस्मती के पहलू पर स्पष्टीकरण
अपनी समीक्षा में पठान ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भुवनेश्वर के कौशल या उनके कद को कम आंकने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर एक बेहतरीन और बेहद सीनियर गेंदबाज हैं, लेकिन इस श्रृंखला में परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहीं। कई मौकों पर शुरुआती दो ओवरों में बेहतरीन नियंत्रण दिखाने के बाद भी पावरप्ले के अंतिम ओवर में वे महंगे साबित हुए और बड़े रन खर्च हो गए। क्रिकेट में इस तरह के दौर किसी भी स्थापित गेंदबाज के सामने आ सकते हैं, लेकिन व्यापक रणनीति के लिहाज से युवाओं को आगे न बढ़ाना चयन प्रक्रिया की सबसे बड़ी कमी रही।

## इसका आप पर असर
इस चयन विवाद और प्रदर्शन का सीधा असर टीम इंडिया के भविष्य के तेज गेंदबाजी संयोजन और घरेलू प्रतिभाओं के अवसरों पर पड़ेगा।

- **क्रिकेट प्रशंसकों के लिए:** यह स्पष्ट संकेत है कि टी20 टीम में अनुभव से ज्यादा युवाओं के हालिया फॉर्म को प्राथमिकता देने की मांग उठ रही है। दर्शकों को आने वाले द्विपक्षीय दौरों में टीम संयोजन में व्यापक फेरबदल देखने को मिल सकता है।
- **युवा गेंदबाजों के लिए:** घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा तेज गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय कैप मिलने की संभावनाएं अब तेज होंगी। इससे बेंच स्ट्रेंथ को तैयार करने की रणनीति पर चयनकर्ताओं का ध्यान लौटेगा।
- **सीनियर खिलाड़ियों के लिए:** लंबे समय बाद वापसी कर रहे अनुभवी खिलाड़ियों के लिए हर मुकाबला निर्णायक साबित होगा। खराब प्रदर्शन सीधे तौर पर भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से बाहर होने का रास्ता बना सकता है।
- **आगामी वनडे योजनाओं के लिए:** 50 ओवर के विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन अब अपनी गेंदबाजी योजनाओं को सीमित और स्पष्ट रखेगा। इससे प्रारूप-विशिष्ट गेंदबाजों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भुवनेश्वर कुमार के महंगे गेंदबाजी आंकड़े और टीम की दीर्घकालिक योजना के अभाव के कारण उत्पन्न हुआ।

- **सीरीज में लचर गेंदबाजी:** लगभग चार साल बाद वापसी करते हुए भुवनेश्वर ने चार मैचों में केवल 1 विकेट लिया और हर बार 40 से अधिक रन खर्च किए। इस महंगे प्रदर्शन के कारण उनका टीम में चयन सीधे तौर पर सवालों के घेरे में आ गया।
- **भविष्य की योजना का अभाव:** निकट भविष्य में कोई टी20 विश्व कप निर्धारित नहीं होने के कारण एक 34-वर्षीय सीनियर गेंदबाज को खिलाने के पीछे कोई स्पष्ट रणनीतिक कारण नहीं दिखा। समीक्षकों के अनुसार टी20 में निवेश करने के बजाय ध्यान 50 ओवर के विश्व कप पर होना चाहिए था।
- **युवा प्रतिभाओं की अनदेखी:** मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे उभरते तेज गेंदबाज स्क्वॉड में मौजूद होने के बावजूद पर्याप्त मैच खेलने से वंचित रह गए। विदेशी दौरों पर युवाओं को न आजमाने की इस चूक ने क्रिकेट विश्लेषकों को मुखर समीक्षा करने के लिए प्रेरित किया।

## सवाल-जवाब

### 1. भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज का परिणाम क्या रहा?
टीम इंडिया ने पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में न्यूजीलैंड को 3-2 से हराकर श्रृंखला पर कब्जा किया।

### 2. न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन कैसा रहा?
भुवनेश्वर ने चार मैच खेले, जिनमें वे केवल 1 विकेट ले पाए और प्रत्येक मुकाबले में उन्होंने 40 से ज्यादा रन लुटाए।

### 3. भुवनेश्वर कुमार कितने समय बाद टीम इंडिया में लौटे थे?
भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम में वापसी की थी।

### 4. इरफान पठान ने भुवनेश्वर के चयन पर क्या मुख्य सवाल उठाया?
इरफान पठान ने कहा कि जब टी20 विश्व कप नजदीक नहीं है, तो भुवनेश्वर को खिलाना चयनकर्ताओं की एक बड़ी चूक थी।

### 5. इरफान पठान के अनुसार किन युवा गेंदबाजों को ज्यादा मौका मिलना चाहिए था?
पठान के मुताबिक मयंक यादव को सभी मैचों में मौका मिलना चाहिए था और प्रिंस यादव को भी कीवी परिस्थितियों में खिलाया जाना चाहिए था।

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