न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रोहित शर्मा और विराट कोहली की होगी तगड़ी कमाई, मैच फीस के तौर पर मिलेंगे 30-30 लाख रुपये न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली को 30-30 लाख रुपये की मैच फीस मिलेगी। ग्रेड बी अनुबंध के तहत दोनों खिलाड़ियों को बीसीसीआई से सालाना तीन करोड़ रुपये का रिटेनर भी मिलता है। भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली आगामी न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के दौरान मैदान से मोटी कमाई करने जा रहे हैं। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को इस द्विपक्षीय सीरीज के सभी मुकाबलों की प्लेइंग इलेवन में शामिल रहने पर 30-30 लाख रुपये की मैच फीस का भुगतान किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मौजूदा वित्तीय ढांचे और मैच फीस स्लैब के तहत प्रत्येक वनडे मैच में अंतिम एकादश का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ी को छह लाख रुपये दिए जाते हैं। वनडे सीरीज और मैच फीस का पूरा गणित आमतौर पर भारतीय टीम अधिकांश द्विपक्षीय दौरों पर तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला खेलती रही है, जिसमें प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों को पूरी सीरीज के कुल 18 लाख रुपये मिलते थे। हालांकि, न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टीम को कुल पांच वनडे मैच खेलने का कार्यक्रम निर्धारित है। ऐसे में पांचों मुकाबलों में मैदान पर उतरने की स्थिति में रोहित शर्मा और विराट कोहली में से प्रत्येक को सीधे 30 लाख रुपये की मैच फीस प्राप्त होगी। बीसीसीआई के निर्धारित नियमों के अनुसार, प्लेइंग इलेवन में शामिल रहने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को प्रति मैच 6 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, स्क्वॉड में शामिल रहने वाले उन खिलाड़ियों को, जो रिजर्व बेंच पर बैठते हैं और अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाते, प्रति मुकाबला 3 लाख रुपये बतौर मैच फीस दिए जाते हैं। ग्रेड बी अनुबंध और सालाना रिटेनर फीस भारतीय क्रिकेट में सालाना केंद्रीय अनुबंध खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनके द्वारा खेले जा रहे प्रारूपों की संख्या के आधार पर तय होता है। चूंकि रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे प्रारूप में ही सक्रिय हैं, इसलिए वे बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध में ग्रेड बी श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। ग्रेड बी में शामिल खिलाड़ियों को बोर्ड की ओर से सालाना 3-3 करोड़ रुपये का निश्चित वेतन दिया जाता है। विज्ञापनों और अन्य वाणिज्यिक करारों से भारी कमाई करने वाले इन दिग्गज खिलाड़ियों के लिए बोर्ड का रिटेनर भले ही प्राथमिक आय न हो, लेकिन केवल एक प्रारूप खेलने के बावजूद उनकी कमाई का आंकड़ा काफी मजबूत बना हुआ है। केंद्रीय अनुबंध का बदला हुआ ढांचा बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में समय के साथ अहम बदलाव देखने को मिले हैं। इससे पहले बोर्ड के पास ग्रेड ए प्लस श्रेणी मौजूद थी, जिसके तहत शीर्ष खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये की सर्वाधिक राशि दी जाती थी। हालांकि, अब इस ए प्लस श्रेणी को समाप्त कर दिया गया है। वर्तमान व्यवस्था में 5 करोड़ रुपये ही वह अधिकतम वार्षिक अनुबंध राशि है, जो किसी भारतीय क्रिकेटर को मिल सकती है। वर्तमान में केवल तीन खिलाड़ी शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह ही ग्रेड ए में शामिल हैं, जिन्हें सालाना 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि इन तीनों में से कोई भी खिलाड़ी इस समय तीनों प्रारूपों में नियमित रूप से नहीं खेल रहा है। वर्तमान अनुबंध प्रणाली के अनुसार, ग्रेड बी में रहने वाले क्रिकेटरों को 3 करोड़ रुपये और ग्रेड सी में आने वाले खिलाड़ियों को प्रति वर्ष 1 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसका आप पर असर यह जानकारी प्रशंसकों और क्रिकेट प्रेमियों को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के वेतन ढांचे और खिलाड़ियों की वास्तविक मैच कमाई की स्पष्ट तस्वीर देती है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: बोर्ड के पारदर्शी पे-स्केल से यह स्पष्ट होता है कि प्रारूप घटने के बावजूद दिग्गज खिलाड़ियों को कितनी मैच फीस मिलती है। दर्शक अब समझ सकते हैं कि 5 मैचों की सीरीज खेलने पर किसी खिलाड़ी के बैंक खाते में सीधे 30 लाख रुपये ट्रांसफर होते हैं। • खिलाड़ियों के करियर चयन पर: केवल एक प्रारूप में खेलने वाले खिलाड़ियों को भी वित्तीय सुरक्षा मिलती है। सीमित अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी के बावजूद ग्रेड बी के तहत सालाना 3 करोड़ रुपये और प्रति मैच 6 लाख रुपये की तय कमाई सुनिश्चित रहती है। • घरेलू क्रिकेटरों और युवाओं के लिए: राष्ट्रीय टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने और बेंच पर रहने के बीच का वित्तीय अंतर साफ दिखता है। अंतिम एकादश में खेलने पर 6 लाख और रिजर्व रहने पर 3 लाख रुपये प्रति मैच का नियम टीम में जगह बनाए रखने की अहमियत को रेखांकित करता है। • अनुबंध ढांचे में बदलाव पर: ए प्लस ग्रेड हटने के बाद अब भारतीय क्रिकेट में अधिकतम सालाना सैलरी 5 करोड़ रुपये रह गई है। इससे संकेत मिलता है कि बोर्ड ने अत्यधिक भारी बेस सैलरी की जगह एक समान उच्चतम सीमा तय कर दी है। ऐसा क्यों हुआ यह वित्तीय विवरण इसलिए चर्चा में आया है क्योंकि भारतीय टीम आगामी दौरे पर पारंपरिक तीन मुकाबलों के बजाय पांच मैचों की लंबी एकदिवसीय सीरीज खेलने जा रही है। साथ ही केवल वनडे प्रारूप में खेलने वाले दिग्गज खिलाड़ियों के अनुबंध वर्ग में बदलाव हुआ है। • लंबी द्विपक्षीय सीरीज का निर्धारण: सामान्य तौर पर भारतीय टीम तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखलाएं खेलती है जहां कुल मैच फीस 18 लाख रुपये बनती है। न्यूजीलैंड दौरे पर पांच मैचों का कार्यक्रम तय होने से प्लेइंग इलेवन के खिलाड़ियों की मैच फीस बढ़कर 30 लाख रुपये तक पहुंच गई है। • प्रारूपों से दूरी और ग्रेड बी में स्थान: रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट खेलते हैं, जिसके चलते वे ग्रेड बी में शामिल हैं। इसी वजह से उन्हें सालाना 3 करोड़ रुपये का रिटेनर मिलता है और उनकी प्रति मैच कमाई का स्तर चर्चा का विषय बना है। • ए प्लस ग्रेड की समाप्ति: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पूर्व में 7 करोड़ रुपये वार्षिक वेतन वाले ए प्लस ग्रेड को पूरी तरह हटा दिया है। इस बदलाव के बाद अब शीर्ष अनुबंध सीमा 5 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें वर्तमान में केवल तीन खिलाड़ी शामिल हैं। • पारदर्शी मैच फीस नीति: बोर्ड के नियमों के तहत प्लेइंग इलेवन के लिए 6 लाख रुपये और रिजर्व खिलाड़ियों के लिए 3 लाख रुपये प्रति वनडे मैच का स्पष्ट नियम लागू है। इस तय स्लैब के कारण ही दौरे के मैचों की संख्या से कुल कमाई की सटीक गणना संभव हुई है। सवाल-जवाब 1. न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में रोहित और विराट को कुल कितनी मैच फीस मिलेगी? यदि दोनों खिलाड़ी सभी पांचों मैचों की प्लेइंग इलेवन में शामिल रहते हैं, तो प्रत्येक को 30-30 लाख रुपये की मैच फीस मिलेगी। 2. बीसीसीआई के नियमों के अनुसार एक वनडे मैच के लिए कितनी फीस मिलती है? प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहने वाले खिलाड़ी को प्रति मैच 6 लाख रुपये और रिजर्व बेंच पर बैठने वाले खिलाड़ी को 3 लाख रुपये दिए जाते हैं। 3. रोहित शर्मा और विराट कोहली बीसीसीआई के किस अनुबंध ग्रेड में आते हैं? दोनों खिलाड़ी केवल एकदिवसीय प्रारूप खेलने के कारण ग्रेड बी में शामिल हैं, जहां उन्हें सालाना 3 करोड़ रुपये मिलते हैं। 4. वर्तमान में ग्रेड ए अनुबंध में कौन-कौन से भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं? ग्रेड ए में शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह शामिल हैं, जिन्हें सालाना 5 करोड़ रुपये का वेतन मिलता है। 5. क्या बीसीसीआई में अब भी 7 करोड़ रुपये वाला ए प्लस ग्रेड मौजूद है? नहीं, बोर्ड ने 7 करोड़ रुपये सालाना वेतन वाले ग्रेड ए प्लस को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया है। https://trendkia.com/cricket/nyujilainda-ke-khilapha-vanade-sirija-se-rohit-sharma-aura-virat-kohli-ki-hogi-tagari-kamai-maicha-phisa-ke-taura-para-milenge-30--49250 TrendKia — Har trend, sabse pehle.