# न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे टीम से बाहर रहने के बावजूद यशस्वी जायसवाल को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड की क्या है रणनीति

> न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे टीम में जगह न मिलने के बाद यशस्वी जायसवाल के भविष्य पर चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन चयनकर्ताओं का मुख्य ध्यान उन्हें लाल गेंद के क्रिकेट के लिए तैयार रखने पर है.

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/nyujilainda-ke-khilapha-vanade-tima-se-bahara-rahane-ke-bavajuda-yashasvi-jaiswal-ko-lekara-bharatiya-kriketa-borda-ki-kya-hai-ran-48469 · **Language:** Hindi
**Tags:** यशस्वी जायसवाल, भारतीय क्रिकेट टीम, वनडे टीम, रोहित शर्मा, शुभमन गिल, न्यूजीलैंड दौरा, इंडिया ए

भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी प्रतिभावान युवा खिलाड़ी को टीम से बाहर रखा जाता है, तो खेल प्रेमियों के बीच तीखी बहस छिड़ना स्वाभाविक है. बाएं हाथ के आक्रामक सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के साथ भी इस समय कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. न्यूजीलैंड के खिलाफ तय की गई आगामी एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जब भारतीय दल के नामों की घोषणा हुई, तो उसमें यशस्वी जायसवाल का नाम न होना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला फैसला रहा. चयनकर्ताओं ने इस श्रृंखला को दो हिस्सों में बांटते हुए शुरुआती तीन मुकाबलों और आखिरी दो मैचों के लिए अलग-अलग टीमें चुनी हैं, मगर हैरानी की बात यह है कि दोनों ही सूचियों में इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज को शामिल नहीं किया गया. सीमित ओवरों में अपने बेहतरीन खेल से सबको प्रभावित करने वाले खिलाड़ी की इस तरह अनदेखी ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं.

## सफेद गेंद के क्रिकेट में यशस्वी जायसवाल का धमाकेदार रिकॉर्ड
अगर आंकड़ों के नजरिए से देखा जाए तो यशस्वी जायसवाल का बल्ला हर प्रारूप में जमकर बोला है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भी क्रीज पर कदम रखा, विरोधी गेंदबाजों पर हावी होकर रन बटोरे हैं. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो जायसवाल ने अब तक भारत के लिए 23 मुकाबले खेले हैं. इन मुकाबलों में उन्होंने 36.15 की शानदार औसत और 164.32 के तूफानी स्ट्राइक रेट के साथ 723 रन बनाए हैं. आधुनिक टी20 क्रिकेट में जिस तरह की आक्रामकता और शुरुआत की जरूरत किसी भी टीम को होती है, जायसवाल उस सांचे में पूरी तरह फिट बैठते हैं. इसके बावजूद पिछले कुछ समय से टी20 टीम में उन्हें नियमित रूप से मैदान पर उतरने का अवसर नहीं मिल पा रहा था.

वनडे प्रारूप में तो उनका प्रदर्शन और भी ज्यादा लाजवाब रहा है. अपने छोटे से करियर में यशस्वी ने अब तक केवल 6 एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं, लेकिन इतने ही मैचों में उन्होंने क्रिकेट पंडितों को अपना मुरीद बना लिया है. 6 पारियों में 71.25 की शानदार औसत से रन बनाने वाले इस बल्लेबाज के नाम 50 ओवर के फॉर्मेट में दो शानदार शतक भी दर्ज हैं. इतने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद जब किसी बल्लेबाज को पांच मैचों की पूरी श्रृंखला से बाहर कर दिया जाता है, तो समर्थकों के मन में निराशा और संदेह पैदा होना बिल्कुल लाजिमी है.

## शीर्ष क्रम की जमावट और बेंच पर बैठने से बचाने की रणनीति
हालांकि इस फैसले को सिर्फ एक साधारण चयन या अनदेखी के तौर पर नहीं देखा जा सकता. भारतीय वनडे टीम की मौजूदा संरचना और टॉप ऑर्डर के संयोजन को समझने पर चयनकर्ताओं की सोच साफ नजर आती है. वर्तमान समय में भारतीय वनडे टीम के पास कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल के रूप में एक बेहद मजबूत और सफल सलामी जोड़ी पहले से मौजूद है. इसके अलावा तीसरे नंबर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली संभालते हैं. इस स्थापित बल्लेबाजी क्रम के रहते यशस्वी जायसवाल को अंतिम ग्यारह में शामिल करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था.

यदि चयन समिति उन्हें टीम में चुन भी लेती, तो उन्हें केवल अतिरिक्त खिलाड़ी के तौर पर डगआउट में बैठना पड़ता. टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं का मानना था कि इतने शानदार फॉर्म में चल रहे युवा बल्लेबाज को मैच खिलाए बिना बेंच पर बैठाए रखना उसके समय और प्रतिभा दोनों के साथ अन्याय होगा. किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास के लिए मैदान पर लगातार गेंद का सामना करना और मैच अभ्यास में बने रहना सबसे जरूरी होता है.

## लाल गेंद के खेल पर फोकस और इंडिया ए का मंच
यही कारण है कि टीम के कर्णधारों ने यशस्वी को बेंच पर बिठाने के बजाय एक ठोस योजना के तहत रेड-बॉल क्रिकेट में व्यस्त रखने का निर्णय लिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट मैचों की श्रृंखला को देखते हुए जायसवाल को इंडिया ए की रेड-बॉल टीम में शामिल किया गया है. विदेशी मैदानों पर टेस्ट मुकाबले खेलने से पहले वहां की पिचों, उछाल और मौसम के अनुकूल खुद को ढालना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है. इंडिया ए के साथ खेलते हुए जायसवाल को लाल गेंद के खिलाफ लंबे समय तक क्रीज पर टिकने और अपनी तकनीक को और निखारने का पूरा अवसर मिलेगा. अगर वह वनडे दल के साथ सिर्फ यात्रा करते रहते, तो उन्हें मैच अभ्यास का यह अमूल्य मौका नहीं मिल पाता.

## भविष्य के विश्व कप की योजना और टीम में जायसवाल की भूमिका
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे टीम में नाम न होने का मतलब यह कतई नहीं है कि यशस्वी जायसवाल सीमित ओवरों की योजनाओं से बाहर हो चुके हैं. सच्चाई इसके ठीक उलट है, क्योंकि भविष्य के वनडे विश्व कप की तैयारियों में टीम प्रबंधन उन्हें एक प्रमुख स्तंभ के रूप में देख रहा है. रोहित शर्मा के बाद भारतीय शीर्ष क्रम में एक आक्रामक और लंबी पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज की जगह यशस्वी ही सबसे स्वाभाविक दावेदार हैं. उनके पास तकनीकी मजबूती के साथ-साथ मैच का पासा पलटने की आक्रामक शैली भी है. वर्तमान समय में उनका पूरा ध्यान लाल गेंद की क्रिकेट में खुद को साबित करने पर है, और यह तय माना जा रहा है कि सही समय आने पर वह सीमित ओवरों की भारतीय टीम में अपनी पक्की जगह बना लेंगे.

## इसका आप पर असर
यशस्वी जायसवाल को वनडे टीम से बाहर रखकर इंडिया ए के रेड-बॉल मैच खिलाने से भारतीय टेस्ट बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी.

- **क्रिकेट प्रशंसकों के लिए:** फैंस को जायसवाल आगामी वनडे मैचों में खेलते नहीं दिखेंगे. हालांकि उन्हें इंडिया ए के मैचों में लाल गेंद से खेलते हुए अपनी तकनीक को तराशने का मौका मिलेगा.
- **टीम इंडिया के संयोजन पर:** वनडे में रोहित शर्मा और शुभमन गिल की जोड़ी ही ओपनिंग करती रहेगी. इससे टीम का शीर्ष क्रम स्थिर रहेगा और जायसवाल को बेंच पर बैठकर समय नहीं गंवाना पड़ेगा.
- **टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर:** न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट मैचों के लिए जायसवाल अधिक तैयार होकर मैदान में उतरेंगे. लाल गेंद से खेलने का लगातार अभ्यास उनकी टेस्ट फॉर्म को बरकरार रखने में मदद करेगा.
- **भविष्य के विश्व कप रोडमैप पर:** जायसवाल को भविष्य में रोहित शर्मा के स्वाभाविक विकल्प के तौर पर तैयार किया जा रहा है. सीमित ओवरों के अहम टूर्नामेंटों से पहले उन्हें सही समय पर दोबारा वनडे टीम में शामिल किया जाएगा.

## ऐसा क्यों हुआ
यशस्वी जायसवाल को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला के दोनों स्क्वॉड से बाहर रखने का फैसला रणनीतिक कारणों और टीम संयोजन की वजह से लिया गया है.

- **शीर्ष क्रम में जगह का अभाव:** भारतीय वनडे टीम में रोहित शर्मा, शुभमन गिल और विराट कोहली पहले से शीर्ष तीन स्थानों पर खेल रहे हैं. इन स्थापित बल्लेबाजों की मौजूदगी में जायसवाल को अंतिम एकादश में जगह मिलना नामुमकिन था.
- **बेंच पर बैठने से बचाने की सोच:** किसी युवा इन-फॉर्म खिलाड़ी को सिर्फ डगआउट में बैठाकर रखने से उसका फॉर्म प्रभावित होता है. चयनकर्ताओं का मानना था कि यात्रा करने और बाहर बैठने के बजाय मैच खेलना ज्यादा फायदेमंद है.
- **रेड-बॉल अभ्यास को प्राथमिकता:** न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला बेहद महत्वपूर्ण है. जायसवाल को इंडिया ए की टीम में शामिल कर लाल गेंद के प्रारूप में ढलने और लंबी पारियां खेलने का अवसर दिया गया है.

## सवाल-जवाब

### 1. न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे टीम में यशस्वी जायसवाल को क्यों नहीं चुना गया?
रोहित शर्मा और शुभमन गिल के पहले से ओपनिंग करने के कारण एकादश में जगह नहीं थी, इसलिए उन्हें बेंच पर रखने के बजाय इंडिया ए के लिए लाल गेंद का क्रिकेट खेलने भेजा गया है.

### 2. यशस्वी जायसवाल का वनडे क्रिकेट में अब तक का रिकॉर्ड कैसा रहा है?
जायसवाल ने 6 वनडे मैचों में 71.25 की शानदार औसत से रन बनाए हैं, जिसमें दो बेहतरीन शतक भी शामिल हैं.

### 3. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जायसवाल के क्या आंकड़े हैं?
उन्होंने 23 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 36.15 की औसत और 164.32 के स्ट्राइक रेट के साथ कुल 723 रन बनाए हैं.

### 4. क्या जायसवाल वनडे विश्व कप की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा हैं?
हां, टीम प्रबंधन उन्हें रोहित शर्मा के बाद भारतीय शीर्ष क्रम के सबसे मजबूत और स्वाभाविक विकल्प के तौर पर देख रहा है.

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