पाकिस्तान को सिर्फ 55 रन पर समेटकर भारत ने रचा इतिहास, चरणी-प्रेमा की स्पिन जोड़ी बनी वजह श्री चरणी, प्रेमा रावत, दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा की स्पिन चौकड़ी ने पाकिस्तान को महिला एशिया कप टी20 में सिर्फ 55 रन पर समेटा, जो उसका अब तक का सबसे कम टी20 इंटरनेशनल स्कोर है. भारत ने 68 गेंदें शेष रहते सात विकेट से जीत दर्ज कर ग्रुप ए टॉप किया. पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारत की चार स्पिनरों की जोड़ी ने ऐसा जाल बिछाया कि पूरी पाकिस्तानी पारी सिर्फ 55 रन पर सिमट गई. बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने सात रन देकर तीन विकेट लिए, लेग स्पिनर प्रेमा रावत ने नौ रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा, दीप्ति शर्मा ने सिर्फ पांच रन देकर दो विकेट चटकाए और शेफाली वर्मा के खाते में 10 रन देकर एक विकेट आया. जवाब में भारतीय टीम ने 68 गेंदें शेष रहते हुए आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला सात विकेट से अपने नाम किया. इस जीत से ग्रुप ए में भारत की बादशाहत में कोई बदलाव नहीं आया, क्योंकि टीम पहले ही सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुकी थी. लगातार तीनों लीग मुकाबले जीतकर टीम छह अंकों के साथ ग्रुप में सबसे ऊपर रही. इससे पहले पाकिस्तान की टीम इतने बुरे स्कोर पर कभी ऑल आउट नहीं हुई थी. यानी 55 रन का यह आंकड़ा टी20 इंटरनेशनल करियर में उसका सबसे न्यूनतम स्कोर बनकर दर्ज हो गया, जिससे भारतीय गेंदबाजों के दबदबे का अंदाजा साफ लगाया जा सकता है. छह ओवर में ढह गई पूरी पारी पाकिस्तान की पारी की शुरुआत दमदार रही थी. पहले चार ओवर में सलामी बल्लेबाजों ने बिना विकेट गंवाए 27 रन जोड़ लिए थे और ऐसा लग रहा था कि टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही है. यह साझेदारी टूटी शेफाली वर्मा की गेंद पर, जिन्होंने मुनीबा अली को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई. इसके बाद बारी आई चरणी की, जिन्होंने शवाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा और आयशा जफर को एक के बाद एक पवेलियन भेज दिया. छठे ओवर में चरणी के दो विकेट गिरने तक पाकिस्तान का स्कोर तीन विकेट पर 29 रन हो चुका था. यहां से टीम कभी उबर नहीं सकी और पूरी पारी 55 रन पर सिमट गई. चरणी ने खोला कामयाबी का राज 22 साल की चरणी अब टी20 इंटरनेशनल में 50 विकेट के आंकड़े से महज एक कदम दूर हैं, जो उनके तेजी से उभरते करियर की तस्वीर पेश करता है. उन्होंने अपनी लगातार अच्छी गेंदबाजी का श्रेय चीजों को सीधा रखने और बुनियादी बातों पर टिके रहने को दिया, ना कि किसी जटिल रणनीति को. उनके मुताबिक, उनका पूरा ध्यान अपने खेल पर टिके रहने और अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाने पर रहता है, ना कि विपक्षी टीम के दबाव या मैच की परिस्थितियों पर. उनका कहना था कि मैच से पहले पिच को परखने के बाद उन्हें भरोसा हो गया था कि गेंद टर्न लेगी, इसलिए उन्होंने पूरी गेंदबाजी सिर्फ स्टंप की सीध में रखने पर केंद्रित की और बाकी काम पिच पर छोड़ दिया. चरणी ने यह भी बताया कि मैदान पर उतरने से पहले गेंदबाजी यूनिट किस तरह साथ बैठकर योजना बनाती है. "हम चर्चा करते हैं कि मैच में क्या करना है," चरणी ने कहा. उन्होंने बताया कि वह, प्रेमा रावत, दीप्ति शर्मा और राधा यादव मैच से पहले साथ बैठती हैं और रणनीति पर मंथन करती हैं. उनके मुताबिक, एक बार दीप्ति और राधा जैसी सीनियर गेंदबाज कोई तरीका सुझाती हैं, तो बाकी गेंदबाज मैदान पर उसे अमल में लाने की कोशिश करती हैं. प्रेमा रावत की तारीफ में कही ये बात चरणी ने अपनी साथी गेंदबाज प्रेमा रावत की जमकर सराहना की, जिनकी लेग स्पिन ने पूरे मैच में पाकिस्तानी मिडिल ऑर्डर को उलझाए रखा. उन्होंने प्रेमा को स्वाभाविक रूप से प्रतिभाशाली खिलाड़ी बताया, जो सिर्फ गेंदबाजी तक सीमित नहीं हैं बल्कि एक अच्छी फील्डर भी हैं और जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी योगदान दे सकती हैं. यानी टीम के लिए वह एक भरोसेमंद ऑलराउंड पैकेज साबित होती हैं. पिच को लेकर चरणी ने कहा कि इस विकेट पर करीब 120 रन का स्कोर भी एक अच्छा और प्रतिस्पर्धी स्कोर माना जाता, जिससे अंदाजा लगता है कि हालात गेंदबाजों के कितने अनुकूल थे. बल्लेबाजी क्रम में बदलाव और आगे की सोच चरणी ने दीप्ति शर्मा को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजे जाने को भी एक सोची-समझी रणनीति बताया, ना कि महज एक इत्तेफाक. इससे जाहिर होता है कि टीम मैनेजमेंट हालात के हिसाब से बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने से नहीं हिचकिचाता. भारत पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुका है और ग्रुप चरण टॉप पर खत्म कर चुका है, ऐसे में चरणी ने साफ किया कि टीम की सोच अब आगे के हर मुकाबले को अलग-अलग करके देखने और एक समय में एक मैच पर ध्यान देने की है. सात विकेट से मिली यह जीत और 68 गेंदें शेष रहते हासिल किया गया लक्ष्य इस बात की तस्दीक करता है कि जिस पल से पाकिस्तान के विकेट झुंड में गिरने शुरू हुए, उसके बाद मुकाबला पूरी तरह भारत के पक्ष में झुक चुका था. इसका आप पर असर यह नतीजा सीधे किसी की जेब या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर नहीं डालता, लेकिन महिला क्रिकेट के फैंस और टूर्नामेंट पर नजर रखने वालों के लिए इसके अहम मायने हैं. • सेमीफाइनल का रास्ता तय: भारत ग्रुप ए में छह अंकों के साथ टॉप पर रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. फैंस अब अगले नॉकआउट मुकाबले के शेड्यूल पर नजर रख सकते हैं. • चरणी के माइलस्टोन पर नजर: श्री चरणी टी20 इंटरनेशनल में 50 विकेट से सिर्फ एक कदम दूर हैं, इसलिए अगला मैच उनके करियर का बड़ा पड़ाव बन सकता है. • टीम कॉम्बिनेशन में लचीलापन: स्पिन चौकड़ी के दबदबे और बल्लेबाजी क्रम में हुए बदलाव से साफ है कि टीम मैनेजमेंट नॉकआउट मुकाबलों में भी प्रयोग जारी रख सकता है, जिससे आगे अलग रणनीति देखने को मिल सकती है. सवाल-जवाब 1. पाकिस्तान की टीम कितने रन पर आउट हुई? पाकिस्तान की टीम पूरी तरह ढेर होकर सिर्फ 55 रन पर आउट हो गई, जो टी20 इंटरनेशनल में उसका अब तक का सबसे न्यूनतम स्कोर है. 2. भारत ने मैच कैसे और कब जीता? भारत ने 68 गेंदें शेष रहते सात विकेट से आसान जीत दर्ज की. 3. किस भारतीय गेंदबाज ने कितने विकेट लिए? श्री चरणी ने 7 रन देकर 3, प्रेमा रावत ने 9 रन देकर 3, दीप्ति शर्मा ने 5 रन देकर 2 और शेफाली वर्मा ने 10 रन देकर 1 विकेट लिया. 4. भारत ग्रुप चरण में किस स्थिति पर रहा? भारत ग्रुप ए में तीनों मैच जीतकर छह अंकों के साथ टॉप पर रहा और सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका है. 5. श्री चरणी किस माइलस्टोन के करीब हैं? 22 साल की चरणी टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 50 विकेट पूरे करने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं. 6. चरणी के मुताबिक इस पिच पर कितना स्कोर अच्छा माना जाता? चरणी के मुताबिक इस विकेट पर करीब 120 रन का स्कोर एक अच्छा और प्रतिस्पर्धी स्कोर माना जाता. https://trendkia.com/cricket/pakistana-ko-sirpha-55-rana-para-sametakara-bharata-ne-racha-itihasa-charani-prema-ki-spina-jori-bani-vajaha-28687 TrendKia — Har trend, sabse pehle.