फॉलोऑन का दबाव झेलकर टेस्ट मैच जीतने का करिश्मा भारत इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीमों ने कर दिखाया है टेस्ट क्रिकेट के 149 सालों के इतिहास में फॉलोऑन का सामना करने के बाद केवल 4 मौकों पर किसी टीम ने जीत दर्ज की है। जानिए कैसे भारत, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने हार के मुहाने से निकलकर रचा नया इतिहास। टेस्ट क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है, जहां हर एक सत्र के साथ बाजी पलटने की पूरी संभावना बनी रहती है। इस लंबे और थकाऊ फॉर्मेट में जब किसी टीम को पहली पारी में बड़ी बढ़त गंवाने के कारण फॉलोऑन का सामना करना पड़ता है, तो उसे आमतौर पर हार के मुहाने पर खड़ा मान लिया जाता है। विपक्षी कप्तान जब विरोधी टीम को दोबारा बल्लेबाजी का न्योता देता है, तो मनोवैज्ञानिक दबाव बेहद बढ़ जाता है। हालांकि, 149 वर्षों के लंबे और समृद्ध टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ऐसे केवल 4 अवसर आए हैं, जब किसी टीम ने फॉलोऑन का पहाड़ जैसा बोझ झेलने के बाद भी हार स्वीकार नहीं की और मैदान पर एक चमत्कारी जीत हासिल की। यह अद्भुत उपलब्धि पूरे खेल इतिहास में अब तक केवल 3 देशों की टीमों ने हासिल की है। इन ऐतिहासिक मुकाबलों ने यह साबित किया है कि संयम, मानसिक दृढ़ता और अटूट संघर्ष के दम पर असंभव दिखने वाले परिणाम को भी बदला जा सकता है। फॉलोऑन का नियम और टेस्ट इतिहास का दुर्लभ रिकॉर्ड क्रिकेट के नियमों के अनुसार जब कोई टीम पहली पारी में प्रतिद्वंद्वी टीम के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए बहुत बड़े अंतर से पिछड़ जाती है, तो पहली पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम के पास विपक्षी को लगातार दूसरी बार बल्लेबाजी कराने का अधिकार होता है। टेस्ट मैचों में फॉलोऑन मिलने का सीधा मतलब यह होता है कि टीम बैकफुट पर आ चुकी है और मुकाबला बचाने के लिए उसे अपनी दूसरी पारी में असाधारण बल्लेबाजी करनी होगी। 140 से भी ज्यादा सालों के अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट सफर में हजारों मैच खेले जा चुके हैं, लेकिन फॉलोऑन मिलने के बाद जीत दर्ज करने का करिश्मा केवल चार बार ही संभव हो पाया है। इंग्लैंड की टीम ने इस कारनामे को इतिहास में दो बार दोहराया है, जबकि भारत और न्यूजीलैंड ने एक-एक बार इस सुनहरे पन्ने में अपना नाम दर्ज कराया है। हर एक मुकाबला न केवल खेल के लिहाज से रोमांचक रहा, बल्कि क्रिकेट प्रेमियों के दिलो-दिमाग पर हमेशा के लिए अपनी छाप छोड़ गया। 1894 सिडनी टेस्ट: इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रचा पहला इतिहास फॉलोऑन खेलने के बावजूद टेस्ट मैच जीतने की पहली मिसाल 19वीं सदी के अंत में देखने को मिली थी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर 14 दिसंबर 1894 को शुरू हुए इस मुकाबले में मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड की स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम पहली पारी में पूरी तरह लड़खड़ा गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने इंग्लैंड को फॉलोऑन के लिए आमंत्रित किया। संकट की इस घड़ी में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में गजब का धैर्य और जुझारूपन दिखाया और एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तय किया। जब ऑस्ट्रेलिया की टीम चौथी पारी में जीत के लिए छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शिकंजा कस लिया। सांस रोक देने वाले इस मुकाबले में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को महज 10 रनों के मामूली अंतर से हराकर क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। यह मुकाबला खेल के इतिहास का पहला ऐसा प्रमाण बना कि फॉलोऑन मिलने के बाद भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। 1981 लीड्स टेस्ट: इयान बॉथम के ऑलराउंड प्रदर्शन से इंग्लैंड का चमत्कार सिडनी के उस पहले करिश्मे के लगभग नौ दशक बाद इंग्लैंड की टीम ने एक बार फिर ऐसा ही कारनामा दोहराकर सबको हैरान कर दिया। 16 जुलाई 1981 को लीड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड का मुकाबला एक बार फिर चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया से ही था। मैच के शुरुआती दिनों में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी स्थिति इतनी मजबूत कर ली थी कि इंग्लैंड पर एक करारी हार का खतरा मंडराने लगा था। इंग्लैंड पहली पारी में सस्ते में सिमट गई और उन्हें फॉलोऑन झेलने पर मजबूर होना पड़ा। लेकिन इसके बाद मैदान पर इयान बॉथम का वह तूफान आया, जिसे आज भी क्रिकेट के महानतम दौर में गिना जाता है। इयान बॉथम ने दूसरी पारी में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं और फिर गेंद से भी घातक स्पेल फेंककर विरोधी टीम के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया। इस अविश्वसनीय व्यक्तिगत प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड ने 18 रनों से एक यादगार जीत हासिल की, जिसकी मिसाल आज भी हर क्रिकेट प्रेमी देता है। 2001 कोलकाता टेस्ट: ईडन गार्डन्स में लक्ष्मण और द्रविड़ की ऐतिहासिक वापसी इस स्वर्णिम सूची में भारतीय क्रिकेट टीम का नाम अत्यंत गौरव के साथ शामिल है। 11 मार्च 2001 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शुरू हुआ यह टेस्ट मुकाबला न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ माना जाता है। स्टीव वॉ की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम उस समय विश्व क्रिकेट पर एकछत्र राज कर रही थी और लगातार मैच जीत रही थी। कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम पूरी तरह ढह गई, जिसके बाद स्टीव वॉ ने भारत को फॉलोऑन दे दिया। इसके बाद मैदान पर वह हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ के बीच एक ऐसी अमर साझेदारी हुई जिसने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया। लक्ष्मण ने 281 रनों की महाकाव्य जैसी पारी खेली, जबकि द्रविड़ ने भी शानदार शतक जमाकर पूरे एक दिन तक ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को विकेट तरसा दिया। दूसरी पारी में विशाल बढ़त बनाने के बाद, युवा ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की फिरकी और घातक गेंदबाजी के सामने ऑस्ट्रेलियाई टीम बिखर गई। भारत ने यह मुकाबला 171 रनों के विशाल अंतर से जीतकर इतिहास रचा और ऑस्ट्रेलिया के विजय रथ को रोक दिया। 2023 वेलिंग्तन टेस्ट: न्यूजीलैंड की इंग्लैंड पर महज 1 रन से रोमांचक जीत फॉलोऑन खेलकर जीत दर्ज करने की इस दुर्लभ सूची में सबसे ताजा और चौथा नाम न्यूजीलैंड का दर्ज हुआ है। वेलिंग्तन के मैदान पर 24 फरवरी 2023 को खेले गए इस टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड की भिड़ंत इंग्लैंड से थी। पहली पारी में इंग्लैंड के आक्रामक खेल के सामने न्यूजीलैंड की टीम दबाव में आ गई और उन्हें फॉलोऑन का सामना करना पड़ा। दूसरी पारी में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने जबर्दस्त मानसिक मजबूती दिखाते हुए जुझारू पारियां खेलीं और इंग्लैंड के सामने चौथी पारी में जीत के लिए एक कड़ा लक्ष्य रखा। मैच के आखिरी दिन खेल की हर गेंद के साथ रोमांच चरम पर पहुंच गया। इंग्लैंड जीत के बेहद करीब पहुंच चुका था और न्यूजीलैंड को अंतिम विकेट की तलाश थी। अंत में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने सटीक गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड को लक्ष्य से ठीक पहले रोक दिया और बेहद करीबी मुकाबले में महज 1 रन के ऐतिहासिक अंतर से जीत हासिल की। 140 से भी ज्यादा सालों के टेस्ट इतिहास में 1 रन से मिली यह जीत यह साबित करती है कि जब तक आखिरी गेंद न फेंकी जाए, क्रिकेट में कभी भी बाजी पलट सकती है। इसका आप पर असर यह ऐतिहासिक आंकड़ा क्रिकेट प्रेमियों और खेल विश्लेषकों के लिए टेस्ट क्रिकेट के महत्व और इसकी अनिश्चितता को समझने का बेहतरीन जरिया है। • प्रशंसकों के लिए: यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि टेस्ट क्रिकेट में पांचवें दिन की आखिरी गेंद तक मैच का नतीजा पलट सकता है, जिससे लंबे प्रारूप को देखने का रोमांच बढ़ जाता है। • टीम रणनीतियों पर प्रभाव: कप्तान अब फॉलोऑन देने से पहले विपक्षी टीम की वापसी की क्षमता और पिच के मिजाज का अधिक गहराई से आकलन करते हैं। • भारतीय क्रिकेट के नजरिए से: 2001 का कोलकाता टेस्ट भारत में युवा खिलाड़ियों के लिए मानसिक दृढ़ता और कभी हार न मानने के जज्बे की सबसे बड़ी मिसाल बना हुआ है। • खेल में संयम की सीख: यह रिकॉर्ड साबित करता है कि खेल के किसी भी चरण में बड़ा दबाव होने के बाद भी सही साझेदारी और व्यक्तिगत प्रदर्शन से पासा पलटा जा सकता है। सवाल-जवाब 1. टेस्ट क्रिकेट में अब तक कितनी बार फॉलोऑन खेलने वाली टीम ने मैच जीता है? 149 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में फॉलोऑन मिलने के बाद केवल 4 बार ही किसी टीम ने जीत दर्ज की है। 2. फॉलोऑन खेलकर टेस्ट मैच जीतने वाली 3 टीमें कौन-कौन सी हैं? फॉलोऑन खेलकर जीत हासिल करने वाली तीन टीमें इंग्लैंड (दो बार), भारत (एक बार) और न्यूजीलैंड (एक बार) हैं। 3. भारत ने फॉलोऑन खेलकर किस टीम के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट मैच जीता था? भारत ने 11 मार्च 2001 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में स्टीव वॉ की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फॉलोऑन खेलकर 171 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। 4. फॉलोऑन खेलकर सबसे कम अंतर से टेस्ट मैच जीतने का रिकॉर्ड किस टीम के नाम है? फॉलोऑन खेलने के बाद सबसे कम अंतर से जीत का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम है, जिसने 24 फरवरी 2023 को वेलिंग्तन में इंग्लैंड को महज 1 रन से हराया था। 5. 1981 के लीड्स टेस्ट में इंग्लैंड की जीत के मुख्य हीरो कौन थे? 16 जुलाई 1981 को लीड्स में खेले गए टेस्ट मैच में इयान बॉथम के शानदार आतिशी शतक और घातक गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 18 रनों से हराया था। https://trendkia.com/cricket/pholo-na-ka-dabava-jhelakara-testa-maicha-jitane-ka-karishma-india-england-aura-new-zealand-ki-timon-ne-kara-dikhaya-hai-23497 TrendKia — Har trend, sabse pehle.