# प्लेइंग इलेवन से नाम कटते ही साउथ जोन कैंप छोड़कर बेंगलुरु पहुंचे करुण नायर, जड़ दिया शतक

> दलीप ट्रॉफी फाइनल की प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के बाद करुण नायर साउथ जोन कैंप छोड़कर कर्नाटक लौट आए और बेंगलुरु में केएससीए सेक्रेटरी इलेवन के लिए शतक जड़ दिया, जिसके बाद कोच के बयान और नायर के पोस्ट में फर्क को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/pleinga-ilevana-se-nama-katate-hi-south-zone-kainpa-chhorakara-bengaluru-pahunche-karun-nair-jara-diya-shataka-29366 · **Language:** Hindi
**Tags:** करुण नायर, दलीप ट्रॉफी, साउथ जोन, विक्रम वर्मा, केएससीए सेक्रेटरी इलेवन, रणजी ट्रॉफी, कर्नाटक क्रिकेट

चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल की प्लेइंग इलेवन में करुण नायर की जगह नहीं बन पाई, लेकिन इस झटके ने उन्हें रोका नहीं। बाहर बैठने के फौरन बाद उन्होंने कर्नाटक जाकर एक घरेलू मुकाबले में तूफानी शतक जड़ दिया और अपने आलोचकों को करारा जवाब दे डाला।

## प्लेइंग इलेवन से नाम कटते ही टीम छोड़कर लौटे नायर
करुण नायर शनिवार को चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के अभ्यास सत्र में मौजूद थे, उस वक्त फाइनल शुरू होने में महज एक दिन बाकी था। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि लगातार दूसरे मैच में भी उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलेगी, वह साउथ जोन की टीम छोड़कर सीधे कर्नाटक रवाना हो गए। इसके बाद सोमवार को बेंगलुरु में उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाफ केएससीए सेक्रेटरी इलेवन के लिए बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक पूरा किया। यह पारी उन खिलाड़ियों के लिए एक साफ संदेश जैसी थी जिन्होंने उन्हें बाहर बैठाने का फैसला किया था। यह मुकाबला 7 सितंबर को बेंगलुरु में डॉ. के. थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट के तहत खेला गया, जो रेड-बॉल फॉर्मेट में होने वाला एक स्थानीय टूर्नामेंट है और आमतौर पर कर्नाटक की टीम इसी टूर्नामेंट से अपनी रणजी ट्रॉफी की तैयारी शुरू करती है।

## कोच ने बताया 'निजी कारण', लेकिन नायर के पोस्ट ने खड़े कर दिए सवाल
दलीप ट्रॉफी के दूसरे दिन का खेल खत्म होते ही साउथ जोन के कोच विक्रम वर्मा मीडिया के सामने आए और उन्होंने बताया कि करुण नायर निजी कारणों से टीम छोड़कर गए हैं। लेकिन एक्स पर नायर की तरफ से किए गए पोस्ट ने कुछ और ही इशारा किया। इस अंतर ने साउथ जोन में खिलाड़ियों के चयन को लेकर पहले से उठ रहे सवालों को और हवा दे दी, और अब टीम प्रबंधन के फैसलों पर बहस छिड़ गई है।

## वर्मा बोले, कॉम्बिनेशन के आगे मजबूर थे
विवाद बढ़ने पर विक्रम वर्मा ने अपनी टीम की रणनीति का बचाव करते हुए कहा, "हमने एक अच्छा कॉम्बिनेशन चुना क्योंकि हर टीम में दो बाएं हाथ के स्पिनर हैं।" उनका तर्क था कि मिडिल ऑर्डर में बाएं हाथ का बल्लेबाज होने से टीम को विपक्षी स्पिनरों पर दबदबा बनाने में मदद मिलती। वर्मा ने आगे समझाया कि देवदत्त पडिक्कल की वापसी के बाद टीम का संयोजन पहले से तय हो चुका था, जिससे करुण नायर को अंतिम एकादश में जगह देना मुश्किल हो गया। उन्होंने यह भी माना कि नायर को बाहर रखना आसान फैसला नहीं था, फिर भी मौजूदा संयोजन में यही सबसे बेहतर विकल्प था।

यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि घरेलू क्रिकेट में टीम चयन के फैसले किस तरह खिलाड़ियों के भरोसे और करियर को प्रभावित करते हैं। करुण नायर का यह शतक अब चयनकर्ताओं और साउथ जोन के टीम प्रबंधन, दोनों के लिए एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है, क्योंकि आने वाले घरेलू सीजन में उनकी दावेदारी को नजरअंदाज करना अब और मुश्किल हो जाएगा।

## इसका आप पर असर
करुण नायर के इस शतक का असर सीधे आने वाले घरेलू सीजन में उनकी दावेदारी और कर्नाटक की रणजी ट्रॉफी टीम चुनने वाले चयनकर्ताओं पर पड़ेगा।

- **चयन पर दबाव:** यह शतक चयनकर्ताओं के लिए करुण नायर को नजरअंदाज करना मुश्किल बना देगा। रणजी ट्रॉफी के लिए कर्नाटक की टीम चुनते वक्त उनका यह फॉर्म एक मजबूत दलील बनेगा।
- **साउथ जोन प्रबंधन पर सवाल:** कोच विक्रम वर्मा के बयान और नायर के पोस्ट में अंतर से टीम प्रबंधन की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। आगे होने वाले चयन विवादों में टीमों को अपने फैसलों की वजह ज्यादा साफ बतानी पड़ सकती है।
- **प्रशंसकों के लिए:** दलीप ट्रॉफी और घरेलू क्रिकेट पर नजर रखने वाले फैंस के लिए यह विवाद बताता है कि टीम कॉम्बिनेशन के फैसले बड़े नामों को भी बाहर कर सकते हैं। आगे करुण नायर के अगले कदम पर सबकी नजर रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
करुण नायर के दलीप ट्रॉफी फाइनल की प्लेइंग इलेवन से बाहर होने की सीधी वजह टीम कॉम्बिनेशन बताई गई है, हालांकि उनके टीम छोड़ने की असली वजह को लेकर कोच और खुद नायर की बातों में फर्क है।

- **टीम कॉम्बिनेशन:** कोच विक्रम वर्मा के मुताबिक हर टीम में दो बाएं हाथ के स्पिनर होने की वजह से साउथ जोन मिडिल ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाज को तरजीह देना चाहता था, ताकि विपक्षी स्पिनरों पर दबदबा बनाया जा सके।
- **देवदत्त पडिक्कल की वापसी:** पडिक्कल के टीम में लौटने से मिडिल ऑर्डर पहले से भरा हुआ था, जिससे करुण नायर के लिए जगह बनाना मुश्किल हो गया।
- **बयान और पोस्ट में विरोधाभास:** कोच ने नायर के टीम छोड़ने को निजी कारण बताया, जबकि नायर के एक्स पोस्ट से अलग संकेत मिले। असली वजह अब भी साफ नहीं है और यही इस पूरे विवाद की जड़ बना हुआ है।

## सवाल-जवाब

### 1. करुण नायर को दलीप ट्रॉफी फाइनल की प्लेइंग इलेवन में जगह क्यों नहीं मिली?
साउथ जोन ने टीम कॉम्बिनेशन के आधार पर फैसला लिया, क्योंकि देवदत्त पडिक्कल की वापसी के बाद मिडिल ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाज को प्राथमिकता दी गई।

### 2. नायर ने किसके खिलाफ और कहां शतक बनाया?
उन्होंने 7 सितंबर को बेंगलुरु में डॉ. के. थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ के खिलाफ केएससीए सेक्रेटरी इलेवन के लिए बैटिंग करते हुए शतक बनाया।

### 3. दलीप ट्रॉफी फाइनल कहां और किन टीमों के बीच खेला जा रहा है?
यह फाइनल चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है।

### 4. कोच विक्रम वर्मा ने नायर के टीम छोड़ने की क्या वजह बताई?
उन्होंने कहा कि नायर निजी कारणों से टीम छोड़कर गए हैं, हालांकि नायर के एक्स पोस्ट से कुछ और ही संकेत मिले।

### 5. डॉ. के. थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट क्या है?
यह रेड-बॉल फॉर्मेट में खेला जाने वाला एक स्थानीय टूर्नामेंट है, जिससे कर्नाटक की टीम आमतौर पर अपनी रणजी ट्रॉफी की तैयारी शुरू करती है।

### 6. करुण नायर कब साउथ जोन की प्रैक्टिस में शामिल थे?
वह दलीप ट्रॉफी फाइनल शुरू होने से एक दिन पहले शनिवार को चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के अभ्यास सत्र में मौजूद थे।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._