पोटचेफस्ट्रूम में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टाला सूपड़ा साफ होने का संकट, दक्षिण अफ्रीका को डकवर्थ-लुईस से हराया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी वनडे मैच में मिच मार्श और एलेक्स कैरी के शानदार अर्धशतकों तथा कसी हुई गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने 45 रनों से जीत हासिल की। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के अंतिम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने जबरदस्त जज्बा दिखाते हुए श्रृंखला में वाइटवॉश होने से खुद को बचा लिया। पोटचेफस्ट्रूम के मैदान पर पहले दो मैच गंवाकर दबाव में खड़ी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा बचाने की जंग बन चुका था। शुरुआती दोनों एकदिवसीय मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाने वाली मेहमान टीम ने इस बार टॉस की बाजी हारने के बाद पहले बल्लेबाजी का रुख किया और बोर्ड पर एक मजबूत स्कोर टांग दिया। बाद में बारिश के कारण खेल रोके जाने पर डकवर्थ-लुईस पद्धति के तहत परिणाम तय हुआ, जहां कंगारू टीम ने 45 रनों के अंतर से मुकाबला अपनी झोली में डालकर राहत की सांस ली। शीर्ष क्रम का आक्रामक रुख और मिच मार्श की कप्तानी पारी इस मुकाबले में नियमित कप्तान पैट कमिंस मैदान पर केवल एक गेंदबाज के रूप में उतरे थे, जिसके चलते कप्तानी की बागडोर मिच मार्श के हाथों में सौंपी गई थी। मार्श ने आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया और आक्रामक रवैया अपनाया। उनके साथ पारी का आगाज करने आए ट्रैविस हेड ने आते ही दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर कड़े प्रहार शुरू कर दिए। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने प्रति ओवर लगभग नौ रन जुटाने की रफ्तार से रन गति को पंख लगाए और पहले विकेट के लिए महज कुछ ही ओवरों में 78 रनों की तेज साझेदारी बना डाली। हेड ने 20 गेंदों का सामना करके 24 रन जोड़े, जबकि कप्तान मार्श ने लगातार अपनी बेहतरीन फॉर्म का मुजाहिरा पेश किया। डर्बन में 60 रन और जोहान्सबर्ग में 84 रन बनाने वाले मार्श ने पोटचेफस्ट्रूम में भी वही धार जारी रखी। उन्होंने 42 गेंदों में 56 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जो इस सीरीज में उनका लगातार तीसरा अर्धशतक साबित हुआ। इस तूफानी शुरुआत ने मैच की लय तय कर दी, हालांकि दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने भी वापसी की राह तलाशनी शुरू कर दी थी। ब्योर्न फोर्टुइन ने खतरनाक रूप ले चुके कप्तान मार्श को एलबीडब्ल्यू आउट करके इस शुरुआती हमले पर ब्रेक लगाया। इसके फौरन बाद गेराल्ड कोएत्जी ने एक सटीक यॉर्कर गेंद पर कूपर कोनोली को 23 रनों के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया, जिससे ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम के दोनों नए बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। ऑली पीक का दुर्भाग्यपूर्ण विकेट और एलेक्स कैरी का धैर्य शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम की परीक्षा शुरू हुई। यहां से 20 वर्षीय युवा बल्लेबाज ऑली पीक और अनुभवी विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने पारी को संभालने का जिम्मा लिया। दोनों ने सूझबूझ दिखाते हुए गैर-जरूरी जोखिम से परहेज किया और स्ट्राइक रोटेट करते हुए 88 गेंदों में 73 रनों की बेशकीमती साझेदारी निभाई। कप्तान मार्श को पारी के इस पड़ाव पर इसी तरह के ठहराव की सख्त जरूरत थी। पीक अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के पहले अर्धशतक की ओर बेहद आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहे थे और वह 48 रन बनाकर खेल रहे थे। अर्धशतक पूरा करने के लिए उन्हें सिर्फ दो रन दरकार थे, तभी उन्होंने कॉर्बिन बॉश की गेंद पर बाउंड्री की तरफ एक बेहतरीन शॉट खेला। ऐसा लगा कि गेंद सीमा रेखा पार कर जाएगी और उनका पचासा पूरा हो जाएगा, लेकिन तभी प्वाइंट क्षेत्र में मुस्तैद ब्योर्न फोर्टुइन ने हवा में अविश्वसनीय छलांग लगाते हुए एक हैरान कर देने वाला कैच लपक लिया। इस तरह युवा पीक दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से अपने पहले मील के पत्थर से दो रन दूर रह गए। उनके आउट होने के बाद मैट रेनशॉ मैदान पर आए और उन्होंने कैरी का अच्छा साथ दिया। रेनशॉ ने 30 रनों का उपयोगी योगदान दिया और इन दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 66 रनों की मजबूत साझेदारी देखने को मिली। काफी समय से बल्ले से खराब दौर का सामना कर रहे एलेक्स कैरी के लिए यह मैच किसी वरदान की तरह साबित हुआ। कैरी ने इस दबाव भरे मुकाबले में अपनी पुरानी लय हासिल की और 88 गेंदों पर 74 रनों की शानदार पारी खेली। पिछले साल दिसंबर में एडिलेड के मैदान पर एशेज श्रृंखला में लगाए गए शतक के बाद से, कुल 17 अंतरराष्ट्रीय वनडे और टेस्ट पारियों में यह कैरी का पहला अर्धशतक रहा, जिसने टीम को एक विशाल स्कोर की ठोस बुनियाद दी। कैमरन ग्रीन का आक्रामक अंदाज और पहली पारी का अंत पारी के अंतिम ओवरों में मैदान पर जोरदार ड्रामा देखने को मिला। बल्लेबाजी के लिए उतरे कैमरन ग्रीन को कॉर्बिन बॉश की एक खतरनाक बीमर गेंद सीधे शरीर पर आकर लगी। दर्द से कराहने के बावजूद ग्रीन ने मैदान नहीं छोड़ा और गजब की हिम्मत दिखाई। अंपायर द्वारा नो-बॉल करार दिए जाने के बाद अगली ही तेज रफ्तार फुलटॉस गेंद पर ग्रीन ने जोरदार प्रहार करते हुए छक्का जड़ दिया। हालांकि इस आक्रामक जवाबी हमले के तुरंत बाद कॉर्बिन बॉश ने एक शॉर्ट गेंद डालकर ग्रीन को पवेलियन भेज दिया। इस घटना के दौरान ग्रीन की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया, जिसके चलते वह दूसरी पारी में मैदान पर गेंदबाजी करने नहीं आ सके। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी आक्रमण की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ही रहे, जिन्होंने अपने कोटे के नौ ओवरों में 60 रन खर्च करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के सम्मिलित प्रयास से टीम ने अपने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट गंवाकर 322 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिससे दक्षिण अफ्रीका के सामने जीत के लिए 323 रनों का विशाल लक्ष्य तय हुआ। जेवियर बार्टलेट का शुरुआती हमला और शीर्ष क्रम का पतन फ्लड लाइट्स की चकाचौंध में 323 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम अपनी रणनीति के तहत मैदान पर कई अहम बदलावों के साथ उतरी थी। प्रोटियाज खेमे ने अपने नियमित कप्तान टेम्बा बावुमा और श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन करने वाले केशव महाराज को इस अंतिम मुकाबले के लिए विश्राम दिया था, और टीम की कप्तानी एडेन मार्करम संभाल रहे थे। बड़े लक्ष्य के दबाव में घरेलू टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट ने नई गेंद से धारदार गेंदबाजी की और दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम को शुरुआती झटके देकर बैकफुट पर धकेल दिया। बार्टलेट ने अपने पांच ओवरों के स्पेल में केवल 25 रन देकर दो बड़े विकेट हासिल किए। सबसे पहले उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक को एक शॉर्ट गेंद के जाल में फंसाकर आउट किया। इसके बाद बार्टलेट ने कप्तान एडेन मार्करम को अपनी एक बेहतरीन अंदर आती स्विंग गेंद पर चकमा देकर पवेलियन की राह दिखा दी। दो प्रमुख बल्लेबाजों के सस्ते में आउट होते ही दक्षिण अफ्रीका की रन गति पर ब्रेक लग गया और आवश्यक रन रेट का दबाव लगातार बढ़ने लगा। पैट कमिंस और एडम ज़म्पा की धारदार गेंदबाजी ऑस्ट्रेलियाई टीम चोटिल गेंदबाजों की समस्या से जूझ रही थी। नाथन एलिस और जैक एडवर्ड्स पहले से ही अनुपलब्ध थे, और पहली पारी में मांसपेशियों के खिंचाव के चलते कैमरन ग्रीन भी गेंदबाजी के लिए नहीं उतर सके। ऐसे में सीमित विकल्पों के बीच ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण पर अतिरिक्त दबाव था। लेकिन नियमित कप्तान पैट कमिंस और स्पिनर एडम ज़म्पा ने आक्रमण की कमान संभालते हुए मैच पर अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। हाल के समय में संघर्ष कर रहे एडम ज़म्पा ने अपनी पुरानी फिरकी का जादू बिखेरा। ज़म्पा ने अपने छह ओवरों में 34 रन देकर दो अहम सफलताएं प्राप्त कीं। उन्होंने पहले मुकाबले में शतक जमाने वाले मैथ्यू ब्रीट्ज़के को 25 रनों पर अपनी फ्लाइट से छकाकर स्टंप आउट करवाया, और फिर खतरनाक दिख रहे ट्रिस्टन स्टब्स को 14 रनों के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। वहीं केवल गेंदबाजी के लिए उतरे पैट कमिंस ने भी अपनी फिटनेस और लय साबित की। कमिंस ने पांच ओवर के स्पेल में केवल 17 रन दिए। उनकी इस कसी हुई गेंदबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह आगामी 9 अक्टूबर को डर्बन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार और तरोताजा हैं। रेयान रिकेलटन की संघर्षपूर्ण पारी और बारिश का व्यवधान लगातार गिरते विकेटों के बीच दक्षिण अफ्रीका की तरफ से केवल रेयान रिकेलटन ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने डटकर खड़े रहे। रिकेलटन ने 81 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 71 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का ठोस सहारा नहीं मिल सका। जब पारी का 28वां ओवर चल रहा था, तभी मूसलाधार बारिश ने खेल में खलल डाल दिया। मैदान पर पानी भरने के कारण अंपायरों को खेल रोकना पड़ा। इसके बाद मैच दोबारा शुरू नहीं हो सका और अधिकारियों ने डकवर्थ-लुईस पद्धति का सहारा लिया। आवश्यक पार स्कोर की गणना के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम 45 रनों से आगे पाई गई और उसे इस मुकाबले का विजेता घोषित कर दिया गया, जिससे टीम ने सीरीज में 3-0 की करारी हार से खुद को बचा लिया। इसका आप पर असर इस जीत से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम और उसके प्रशंसकों को आगामी टेस्ट श्रृंखला से ठीक पहले मनोबल और संतुलन हासिल करने में मदद मिली है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: लगातार दो मुकाबले गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी साख बचा ली है, जिससे प्रतिद्वंद्विता का रोमांच बरकरार रहा। एलेक्स कैरी और मिच मार्श का फॉर्म में लौटना टीम के समर्थकों के लिए राहत भरा संकेत है। • आगामी टेस्ट श्रृंखला पर असर: गेंदबाजी में पैट कमिंस की किफायती वापसी से टेस्ट दल को जरूरी लय मिली है। डर्बन में 9 अक्टूबर से शुरू होने वाले टेस्ट मुकाबले से पहले तेज गेंदबाजी आक्रमण का आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। • खिलाड़ियों की चोट का असर: कैमरन ग्रीन की मांसपेशियों में खिंचाव टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन सकता है। टेस्ट मैचों से पहले ऑलराउंडर की उपलब्धता और फिटनेस पर मेडिकल टीम को निर्णय लेना होगा। • दक्षिण अफ्रीकी खेमे के लिए सबक: प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने के बाद प्रोटियाज टीम का मध्यक्रम दबाव में लड़खड़ा गया। बेंच स्ट्रेंथ की यह कमजोरी भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के चयन में रणनीतिक बदलाव ला सकती है। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलिया द्वारा पोटचेफस्ट्रूम में अपनी रणनीति में बदलाव करने और शुरुआती दोनों मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करते हुए मिली असफलताओं से सबक लेने के कारण यह जीत संभव हुई। टीम ने टॉस हारने के बावजूद पहले बल्लेबाजी करते हुए आक्रामक दृष्टिकोण अपनाया और बोर्ड पर 322 रन टांग दिए। • सकारात्मक शुरुआत और साझेदारियां: मिच मार्श और ट्रैविस हेड की 78 रनों की तेज ओपनिंग साझेदारी ने रन गति की नींव रखी। इसके बाद ऑली पीक और एलेक्स कैरी के बीच 73 रनों के महत्वपूर्ण ठहराव ने मध्यक्रम को बिखरने से बचा लिया। • दक्षिण अफ्रीका की कमजोर प्लेइंग इलेवन: दक्षिण अफ्रीकी टीम ने अपने नियमित कप्तान टेम्बा बावुमा और प्रमुख स्पिनर केशव महाराज को आराम देने का फैसला किया। अनुभव की इस कमी का असर उनकी गेंदबाजी और चेज दोनों पर साफ नजर आया। • गेंदबाजी में अनुशासन और शुरुआती झटके: जेवियर बार्टलेट ने क्विंटन डी कॉक और एडेन मार्करम को जल्दी आउट कर दिया, जबकि एडम ज़म्पा और पैट कमिंस ने कसी हुई गेंदबाजी कर दक्षिण अफ्रीकी टीम को डकवर्थ-लुईस के पार स्कोर से काफी पीछे धकेल दिया। सवाल-जवाब 1. तीसरे वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को कितने रनों से जीत मिली? ऑस्ट्रेलिया ने बारिश से प्रभावित इस मैच को डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 45 रनों से अपने नाम किया। 2. इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी किसने की? नियमित कप्तान पैट कमिंस के केवल बतौर गेंदबाज खेलने के कारण कप्तानी का जिम्मा मिच मार्श ने संभाला। 3. एलेक्स कैरी ने कितने रनों का योगदान दिया? एलेक्स कैरी ने 88 गेंदों का सामना करते हुए 74 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। 4. दक्षिण अफ्रीका के लिए किस गेंदबाज ने सर्वाधिक विकेट लिए? दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने नौ ओवर में 60 रन देकर चार विकेट चटकाए। 5. कैमरन ग्रीन मैच में गेंदबाजी क्यों नहीं कर सके? बल्लेबाजी के दौरान बीमर गेंद लगने और उसके बाद मांसपेशियों में खिंचाव आने की वजह से कैमरन ग्रीन गेंदबाजी नहीं कर सके। 6. दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच कब और कहां खेला जाएगा? पहला टेस्ट मुकाबला 9 अक्टूबर को डर्बन में खेला जाएगा। https://trendkia.com/cricket/potchefstroom-men-streliyai-tima-ne-tala-supara-sapha-hone-ka-snkata-south-africa-ko-dls-se-haraya-40890 TrendKia — Har trend, sabse pehle.