# पूनम राउत ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, एक दशक से लंबे सफर पर लगाया विराम

> भारतीय महिला क्रिकेटर पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 2009 में पदार्पण करने वाली इस अनुभवी बल्लेबाज ने टेस्ट और वनडे दोनों में शतक जमाए हैं।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/punam-raut-ne-intaraneshanala-kriketa-ko-kaha-alavida-eka-dashaka-se-lnbe-saphara-para-lagaya-virama-47986 · **Language:** Hindi
**Tags:** पूनम राउत, भारतीय महिला क्रिकेट, क्रिकेट संन्यास, महिला वनडे क्रिकेट, महिला टेस्ट क्रिकेट, बीसीसीआई

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। पंद्रह अक्टूबर की शाम उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए खेल के शीर्ष स्तर से अलग होने की घोषणा की। साल 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर कदम रखने वाली पूनम लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रही थीं। एक दशक से भी ज्यादा समय तक चले अपने करियर में उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और कई अहम मुकाबलों में टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

## मुंबई की गलियों से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
अपने विदाई संदेश में इस दिग्गज खिलाड़ी ने खेल के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया। इंस्टाग्राम पर लिखा कि मुंबई की सड़कों से शुरू होकर भारतीय जर्सी पहनने तक का उनका यह सफर किसी बड़े आशीर्वाद से कम नहीं था। उन्होंने बताया कि इस पूरे रास्ते में कई कड़े इम्तिहान, निजी त्याग, जीत की बेमिसाल खुशियां और मुश्किल सबक शामिल रहे। देश की नुमाइंदगी करना उनके लिए केवल बचपन का सपना सच होना भर नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा दायित्व था जिसे उन्होंने हमेशा गर्व और निष्ठा के साथ निभाया।

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उन्होंने कहा, "क्रिकेट ने मुझे सिर्फ एक करियर ही नहीं दिया, बल्कि मुझे एक मकसद, एक पहचान और एक परिवार भी दिया।" पूनम ने स्पष्ट किया कि भले ही एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में वह मैदान से पीछे हट रही हैं, लेकिन इस खेल से उनका लगाव कभी खत्म नहीं होगा। अपनी जिंदगी की अगली पारी में वह उस खेल को कुछ लौटाने की दिशा में काम करना चाहती हैं, जिसने उन्हें शोहरत, सम्मान और पहचान दी।

## वनडे और टेस्ट में बनाए शानदार कीर्तिमान
पूनम राउत का नाम भारतीय महिला क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में दर्ज है जिन्होंने टेस्ट और एकदिवसीय दोनों प्रारूपों में शतक लगाने का दुर्लभ कारनामा किया है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी तकनीक और संयम ने भारतीय बल्लेबाजी को लंबे समय तक स्थिरता प्रदान की। उन्होंने देश के लिए कुल 73 वनडे मैच खेले, जिनमें 2299 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और 15 अर्धशतक निकले, जो शीर्ष क्रम में उनके ठोस योगदान को दर्शाते हैं।

पारंपरिक लाल गेंद के क्रिकेट में भी पूनम ने अपनी तकनीकी मजबूती का लोहा मनवाया। उन्होंने अपने करियर में चार टेस्ट मुकाबले खेले, जिनमें एक बेहतरीन शतकीय पारी की बदौलत कुल 264 रन दर्ज किए। मुश्किल परिस्थितियों में क्रीज पर टिककर लंबी पारी खेलने की उनकी काबिलियत ने टेस्ट मैचों में भारतीय पारी को कई मौकों पर संभाला।

## टी20 आंकड़े और अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला
क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में भी पूनम राउत ने भारतीय टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने कुल 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिनमें 719 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने चार अर्धशतक भी जमाए। वह पारी को संवारने और विकेट बचाए रखने में माहिर मानी जाती थीं, जिससे आक्रामक बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की आजादी मिलती थी।

पूनम ने भारतीय जर्सी में अपना आखिरी मुकाबला जून 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे प्रारूप में खेला था। उस दौरे के बाद वह टीम चयन की दौड़ से लगातार बाहर रहीं। राष्ट्रीय टीम में वापसी की राह कठिन होने के बावजूद उन्होंने घरेलू सर्किट में खेल जारी रखा था। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहकर उन्होंने अपने जीवन के एक ऐतिहासिक अध्याय को सम्मानजनक ढंग से पूरा कर लिया है।

## इसका आप पर असर
पूनम राउत के संन्यास से भारतीय महिला क्रिकेट के एक अहम युग का औपचारिक अंत हुआ है, जिससे युवा खिलाड़ियों के लिए घरेलू और राष्ट्रीय स्तर पर नई संभावनाएं तय होंगी।

- **क्रिकेट प्रशंसकों के लिए:** प्रशंसकों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी तकनीक देखने को नहीं मिलेगी। वह अपने शांत स्वभाव और लंबी पारियों के लिए हमेशा याद की जाएंगी।
- **युवा बल्लेबाजों के लिए:** उभरती हुई महिला खिलाड़ियों के लिए उनका करियर प्रेरणा का स्रोत रहेगा। तकनीकी मजबूती और धैर्य के महत्व को समझने के लिए उनकी पारियों का अध्ययन किया जा सकता है।
- **घरेलू क्रिकेट के लिए:** संन्यास के बाद उनके मेंटरशिप या कोचिंग में आने की संभावना है। खेल को वापस देने के उनके संकल्प से जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को बड़ा लाभ मिल सकता है।
- **महिला टीम संतुलन के लिए:** राष्ट्रीय टीम में शीर्ष क्रम की जगह पूरी तरह नए खिलाड़ियों के हाथ में आ चुकी है। इससे टीम प्रबंधन को आगामी विश्व आयोजनों के लिए युवा संयोजन मजबूत करने का स्पष्ट मार्ग मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
पूनम राउत का संन्यास लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से दूर रहने और टीम के आधुनिकीकरण के दौर का स्वाभाविक नतीजा है।

- **लंबे समय से टीम से बाहर होना:** पूनम ने अपना आखिरी मैच जून 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। पिछले कई सालों से टीम में मौका न मिलने के कारण संन्यास का यह कदम उठाया गया।
- **आक्रामक खेल शैली की ओर बदलाव:** महिला क्रिकेट में आक्रामक स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाजों को प्राथमिकता दी जाने लगी है। इस रणनीतिक बदलाव से क्लासिकल बल्लेबाजों के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना कठिन हो गया।
- **करियर का स्वाभाविक पड़ाव:** साल 2009 से खेल रहीं पूनम एक दशक से अधिक का लंबा अंतरराष्ट्रीय सफर तय कर चुकी हैं। इस मुकाम पर पहुंचकर उन्होंने खेल को कुछ नया योगदान देने के लिए यह निर्णय लिया।

## सवाल-जवाब

### 1. पूनम राउत ने संन्यास की घोषणा कब की?
पूनम राउत ने 15 अक्टूबर की शाम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया।

### 2. पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कब पदार्पण किया था?
उन्होंने साल 2009 में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।

### 3. पूनम राउत ने वनडे क्रिकेट में कुल कितने रन और शतक बनाए?
उन्होंने 73 वनडे मैचों में 2299 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं।

### 4. पूनम राउत का टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड क्या रहा?
उन्होंने 4 टेस्ट मैचों में 1 शतक के साथ 264 रन और 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 4 अर्धशतकों के साथ 719 रन बनाए।

### 5. पूनम राउत ने भारत के लिए अपना आखिरी मैच कब खेला था?
उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जून 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे के रूप में खेला था।

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