रणजी के नए सत्र में 4 विकेट चटकाकर चमके मोहम्मद शमी, घरेलू क्रिकेट में लगातार झटके 65 शिकार फिर भी चयन का इंतजार बंगाल के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी के नए सत्र में दिल्ली के खिलाफ 30 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। पिछले पूरे सत्र में 65 विकेट निकालने के बावजूद राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी पर चयनकर्ताओं का ध्यान नहीं जा रहा है। घरेलू क्रिकेट की पिचों पर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लगातार अपनी धारदार गेंदबाजी से बल्लेबाजों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। गेंद का मिजाज लाल हो या सफेद, उनका पूरा ध्यान केवल विपक्षी टीम के विकेट चटकाने पर टिका हुआ है। पिछले सत्र में लगातार शानदार आंकड़े दर्ज कराने के बाद अब उन्होंने रणजी ट्रॉफी के नए सत्र का आगाज भी आक्रामक अंदाज में किया है। इसके बावजूद राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ता उनके इन मजबूत आंकड़ों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। रणजी के नए सत्र में दिल्ली के खिलाफ बरपाया कहर कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट एकेडमी मैदान पर मोहम्मद शमी ने दिल्ली की बल्लेबाजी पंक्ति को अपनी बेहतरीन सीम और स्विंग से पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। इस मुकाबले में बंगाल की ओर से मुकेश कुमार और आकाशदीप भी खेल रहे थे, लेकिन मोहम्मद शमी की गेंदबाजी का स्तर दोनों से कहीं आगे दिखा। शमी ने सटीक लाइन और लेंथ के दम पर दिल्ली के बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया। मोहम्मद शमी ने अपने स्पेल में कुल 17.3 ओवर फेंके, जिनमें से 9 ओवर मेडन रहे। इस दौरान उन्होंने केवल 30 रन खर्च किए और 4 महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। उनका पहला शिकार यश ढुल बने, जिन्हें शमी ने शानदार आउटस्विंग गेंद पर फंसाया। इसके बाद उन्होंने आयुष डुसेजा, ऋतिक शौकीन और द्विज मेहरा को पवेलियन भेजकर अपनी शानदार लय का प्रमाण दिया। दलीप ट्रॉफी के बाद कायम रखी पुरानी चमक दलीप ट्रॉफी में भाग लेने के बाद रणजी मैदान पर उतरे मोहम्मद शमी की गेंदबाजी में वही पुरानी गति, स्विंग और विकेट लेने की भूख दिखाई दी। अजित अगरकर के जाने के बाद नई चयन समिति के गठन से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद भुवी के बाद अब मोहम्मद शमी को भी दोबारा मौका मिल सकता है। नई चयन समिति की सोच को देखते हुए शमी के प्रदर्शन पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पिछले घरेलू सत्र में दर्ज किए थे 65 विकेट वर्ष 2025 में भारत को चैंपियन बनाने के बाद से मोहम्मद शमी राष्ट्रीय टीम से लगातार बाहर चल रहे हैं। उन्हें टीम से बाहर रहे करीब 1 साल और 7 महीने का वक्त बीत चुका है, लेकिन वह लगातार घरेलू मंचों पर खुद को साबित कर रहे हैं। उनके पिछले सत्र के आंकड़े बताते हैं कि वह अपनी शीर्ष फिटनेस और फॉर्म में हैं। पिछले सत्र में मोहम्मद शमी ने 7 मैचों में 37 विकेट अपने नाम किए थे। इस दौरान सेमीफाइनल मैच में उन्होंने 90 रन देकर 8 विकेट झटकने का बड़ा कारनामा किया था। इसके अलावा उन्होंने दलीप ट्रॉफी में 7 विकेट, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 16 विकेट और वनडे फॉर्मेट में 15 विकेट हासिल किए थे। कुल मिलाकर पिछले पूरे घरेलू सत्र में उनके खाते में 65 विकेट दर्ज हुए थे, लेकिन इतने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद भी चयन समिति का रुख उनकी ओर नहीं बदला है। इसका आप पर असर मोहम्मद शमी का घरेलू क्रिकेट में यह प्रदर्शन आगामी टीम चयनों और भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण पर सीधा असर डाल सकता है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: तेज गेंदबाज के इस शानदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय टीम में वापसी की बहस फिर से गरमा गई है। घरेलू क्रिकेट में 65 विकेट और नए सत्र में 4 विकेट चटकाने के बाद चयन समिति पर प्रशंसकों का दबाव बढ़ेगा। • घरेलू क्रिकेटरों के लिए: वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों का घरेलू मैचों में ऐसा समर्पण युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मानक तय करता है। दिल्ली के युवा बल्लेबाजों को कल्याणी में शमी की अंतरराष्ट्रीय स्तर की सीम और स्विंग का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। • टीम संयोजन पर: नए चयनकर्ताओं के आने के बाद अनुभवी तेज गेंदबाजों के लिए दरवाजे फिर से खुल सकते हैं। यदि यह फॉर्म जारी रहा, तो आगामी श्रृंखलाओं में भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी पूल में फेरबदल देखने को मिल सकता है। • बंगाल टीम के अभियान पर: शमी के इस बेहतरीन स्पेल ने बंगाल को रणजी ट्रॉफी के नए सत्र में शानदार शुरुआत दिलाई है। मुख्य तेज गेंदबाज के विकेट निकालने से टीम की नॉकआउट उम्मीदों को मजबूती मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ मोहम्मद शमी का राष्ट्रीय टीम में चयन न होना और घरेलू स्तर पर उनका लगातार खेलना चयन समिति के दृष्टिकोण और टीम संयोजन में बदलाव के कारण चर्चा में है। • टीम प्रबंधन की रणनीति: वर्ष 2025 में भारत को चैंपियन बनाने के बाद से भारतीय टीम प्रबंधन ने तेज गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव किए हैं। इसके चलते पिछले लगभग 1 साल और 7 महीने से मोहम्मद शमी को राष्ट्रीय टीम से दूर रखा गया है। • घरेलू सर्किट में फिटनेस प्रमाण: अपनी लय और फिटनेस साबित करने के लिए शमी ने लगातार घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे और रणजी ट्रॉफी में लगातार गेंद थामी है। • चयन पैनल में बदलाव: मुख्य चयनकर्ता पद से अजित अगरकर के हटने के बाद नई चयन समिति का गठन हुआ है। इस संगठनात्मक बदलाव के बाद खिलाड़ियों की वापसी को लेकर नई उम्मीदें बंधी हैं। सवाल-जवाब 1. मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी के नए सत्र में दिल्ली के खिलाफ कितने विकेट लिए? मोहम्मद शमी ने 17.3 ओवर में 9 मेडन फेंककर 30 रन दिए और 4 विकेट हासिल किए। 2. शमी ने मैच में किन बल्लेबाजों को आउट किया? शमी ने यश ढुल, आयुष डुसेजा, ऋतिक शौकीन और द्विज मेहरा को अपना शिकार बनाया। 3. मोहम्मद शमी ने पिछले घरेलू सत्र में कुल कितने विकेट चटकाए थे? उन्होंने रणजी, दलीप ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली और वनडे मैचों को मिलाकर पिछले सत्र में कुल 65 विकेट लिए थे। 4. शमी कितने समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं? वर्ष 2025 में भारत को चैंपियन बनाने के बाद से वह लगभग 1 साल और 7 महीने से टीम से बाहर हैं। https://trendkia.com/cricket/ranaji-ke-nae-satra-men-4-viketa-chatakakara-chamake-mohammed-shami-gharelu-kriketa-men-lagatara-jhatake-65-shikara-phira-bhi-chay-46886 TrendKia — Har trend, sabse pehle.