रणजी ट्रॉफी में बंगाल ने दिल्ली को 9 विकेट से हराया, गुजरात और हरियाणा भी जीते रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले दौर के अंतिम दिन बंगाल ने दिल्ली को 9 विकेट से शिकस्त दी, जबकि गुजरात ने ओडिशा को 10 विकेट से और हरियाणा ने हिमाचल प्रदेश को 7 विकेट से मात दी। घरेलू क्रिकेट सत्र में 11 तारीख से शुरू हुए रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले राउंड के मुकाबले चौथे और अंतिम दिन रोचक नतीजों के साथ समाप्त हो गए। टूर्नामेंट में हैदराबाद की टीम तीसरे दिन ही मैच अपने नाम कर पहली विजेता बनी थी, जबकि अंतिम दिन बंगाल, गुजरात और हरियाणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। विभिन्न ग्रुपों में खेले गए इन मुकाबलों में बल्लेबाजों के संघर्ष और गेंदबाजों के दबदबे का मिला-जुला खेल देखने को मिला। ग्रुप सी: बंगाल ने दिल्ली को नौ विकेट से रौंदा ग्रुप सी के मुकाबले में बंगाल ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में करते हुए दिल्ली को चौथे दिन नौ विकेट से हरा दिया। दिल्ली की टीम मैच के अंतिम दिन अपने तीसरे दिन के स्कोर तीन विकेट पर 101 रन से आगे खेलने उतरी, लेकिन पूरी टीम दूसरी पारी में 106.2 ओवर में 277 रन बनाकर सिमट गई। दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी ने संयम से खेलते हुए 134 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 85 रनों की पारी खेली, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत ने 76 गेंदों में 39 रन बनाए। इससे पहले दिल्ली की पहली पारी 240 रनों पर समाप्त हुई थी, जिसके जवाब में बंगाल ने पहली पारी में 429 रन बनाकर मजबूत बढ़त बनाई थी। अंतिम दिन दिल्ली की दूसरी पारी समाप्त होने के बाद बंगाल को जीत के लिए केवल 89 रनों का लक्ष्य मिला। इस लक्ष्य को बंगाल की टीम ने बिना किसी परेशानी के 15.3 ओवर में एक विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया और अपने खाते में महत्वपूर्ण अंक जोड़े। गुजरात का दबदबा: ओडिशा को 10 विकेट से हराकर बटोरे बोनस अंक ग्रुप सी के एक अन्य मैच में गुजरात ने ओडिशा को 10 विकेट से रौंदकर बोनस अंक के साथ पूरे सात अंक हासिल किए। इस मुकाबले में गुजरात के बाएं हाथ के स्पिनर सिद्धार्थ देसाई ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 36 रन देकर पांच विकेट चटकाए। चौथे दिन की सुबह ओडिशा ने चार विकेट पर 119 रन से पारी आगे बढ़ाई, मगर देसाई की फिरकी के आगे पूरी टीम 161 रन पर ढेर हो गई। ओडिशा की ओर से संदीप पटनायक ने 65 रन और निनाद राठवा ने 53 रनों की अर्धशतकीय पारियां खेलीं। गुजरात के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्जन नागवासवाला ने भी शानदार सहयोग दिया और पूरे मैच में कुल छह विकेट झटके, जिसमें दूसरी पारी में 33 रन देकर तीन विकेट शामिल रहे। दूसरी पारी में ओडिशा के सस्ते में सिमटने के बाद गुजरात को जीत के लिए सिर्फ 47 रन का मामूली लक्ष्य मिला, जिसे टीम के सलामी बल्लेबाजों ने 9.3 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए आसानी से हासिल कर लिया। ग्रुप डी: हरियाणा ने रोमांचक मुकाबले में हिमाचल प्रदेश को 7 विकेट से दी शिकस्त बंसी लाल क्रिकेट स्टेडियम में ग्रुप डी के तहत खेले गए मैच में हरियाणा ने हिमाचल प्रदेश को सात विकेट से पराजित किया। पहली पारी में हिमाचल प्रदेश ने 253 रन बनाए थे, जिसके जवाब में हरियाणा ने 296 रन बनाकर पहली पारी के आधार पर 43 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त ली थी। मैच के चौथे दिन हरियाणा को मुकाबला जीतने के लिए 71 रनों का छोटा लक्ष्य मिला था, लेकिन टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। लक्ष्य का पीछा करते हुए हरियाणा की टीम ने एक समय महज 26 रन पर अपने तीन शीर्ष विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद हिमांशु राणा और धीरू सिंह ने क्रीज पर टिककर बेहद धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की और अपनी टीम को किसी बड़े उलटफेर से बचा लिया। हिमांशु राणा ने नाबाद 37 रन और धीरू सिंह ने नाबाद 24 रन बनाकर अटूट साझेदारी निभाई और टीम को 18.1 ओवर में तीन विकेट पर 71 रन पहुंचाकर सात विकेट से शानदार जीत दिला दी। इसका आप पर असर रणजी ट्रॉफी के पहले दौर के नतीजों से टूर्नामेंट की अंक तालिका में टीमों की शुरुआती स्थिति तय हो गई है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: घरेलू सत्र की शुरुआत में टीमों के प्रदर्शन से पता चलता है कि कौन से खिलाड़ी मजबूत लय में हैं। इससे प्रशंसकों को राष्ट्रीय चयन के लिए उभरती प्रतिभाओं पर नजर रखने का मौका मिलता है। • खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर: आयुष बडोनी, सिद्धार्थ देसाई और हिमांशु राणा जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन चयनकर्ताओं का ध्यान खींचेगा। शुरुआती मुकाबलों में बनाए गए रन और चटकाए गए विकेट पूरे सत्र के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। • बोनस अंकों का असर: गुजरात द्वारा 10 विकेट की जीत से हासिल किए गए 7 अंक नॉकआउट दौर की रेस में बेहद काम आएंगे। बड़ी जीत दर्ज करने वाली टीमें आगे के राउंड में मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करेंगी। • हारने वाली टीमों के लिए: दिल्ली, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश जैसी टीमों को अगले दौर में वापसी के लिए अपनी रणनीतियों की समीक्षा करनी होगी। शुरुआती राउंड में अंक गंवाने से बाकी मैचों में जीत का दबाव बढ़ जाता है। ऐसा क्यों हुआ रणजी ट्रॉफी के पहले दौर में टीमों की जीत और हार मुख्य रूप से पहली पारी की बढ़त, सटीक गेंदबाजी और दबाव में संयम बरतने पर निर्भर रही। • पहली पारी की बड़ी बढ़त: बंगाल और हरियाणा दोनों को उनकी पहली पारी की बढ़त ने जीत की मजबूत नींव दी। बंगाल के 429 रनों ने दिल्ली को बैकफुट पर धकेल दिया, जिससे चौथी पारी में लक्ष्य बेहद छोटा हो गया। • सिद्धार्थ देसाई की फिरकी: गुजरात की जीत में स्पिनर सिद्धार्थ देसाई की गेंदबाजी निर्णायक साबित हुई। उन्होंने 36 रन देकर पांच विकेट झटके और ओडिशा के बल्लेबाजों को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। • दबाव में धैर्यपूर्ण साझेदारी: हरियाणा के 26 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद हिमांशु राणा और धीरू सिंह ने शांत रहकर बल्लेबाजी की। उनकी नाबाद साझेदारी ने हिमाचल प्रदेश को मुकाबले में वापसी करने से रोक दिया। सवाल-जवाब 1. रणजी ट्रॉफी 2026-27 के ग्रुप सी मैच में बंगाल ने दिल्ली को कितने विकेट से हराया? बंगाल ने दिल्ली को चौथे और अंतिम दिन नौ विकेट से मात दी। 2. दिल्ली के लिए दूसरी पारी में सर्वाधिक रन किस बल्लेबाज ने बनाए? कप्तान आयुष बडोनी ने 134 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 85 रन बनाए। 3. गुजरात को ओडिशा के खिलाफ जीत में बोनस अंक सहित कितने अंक मिले? गुजरात ने 10 विकेट से मुकाबला जीतकर बोनस अंक सहित कुल सात अंक हासिल किए। 4. ओडिशा के खिलाफ दूसरी पारी में गुजरात के किस गेंदबाज ने पांच विकेट लिए? बाएं हाथ के स्पिनर सिद्धार्थ देसाई ने 36 रन देकर पांच विकेट चटकाए। 5. हरियाणा और हिमाचल प्रदेश का ग्रुप डी मुकाबला किस मैदान पर खेला गया? यह मैच बंसी लाल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। 6. हरियाणा की दूसरी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए किन बल्लेबाजों ने नाबाद पारियां खेलीं? हिमांशु राणा ने नाबाद 37 रन और धीरू सिंह ने नाबाद 24 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। https://trendkia.com/cricket/ranji-trophy-men-bengal-ne-delhi-ko-9-viketa-se-haraya-gujarat-aura-haryana-bhi-jite-47607 TrendKia — Har trend, sabse pehle.