रणजी ट्रॉफी राउंडअप: कर्नाटक मजबूत स्थिति में, असम और उत्तर प्रदेश ने भी कसा शिकंजा रणजी ट्रॉफी के दूसरे मुकाबले के दूसरे दिन कर्नाटक ने सौराष्ट्र के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। वहीं असम और उत्तर प्रदेश जैसी टीमों ने भी अपने-अपने मैचों में शिकंजा कस दिया है। भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में दूसरे दौर के मुकाबले रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। खेल के दूसरे दिन कई मैदानों पर गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला तो कुछ स्थानों पर बल्लेबाजों ने अपनी टीमों को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कर्नाटक और सौराष्ट्र के बीच खेले जा रहे मुकाबले से लेकर असम और त्रिपुरा के बीच चल रहे संघर्ष तक, हर मैच का नतीजा अब धीरे-धीरे साफ होने लगा है। खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन ने इस दौर को बेहद दिलचस्प बना दिया है। कर्नाटक और सौराष्ट्र का कड़ा मुकाबला बेंगलुरु में खेले जा रहे मैच में मनवंत कुमार के शानदार और करियर के पहले प्रथम श्रेणी शतक के दम पर कर्नाटक ने अपनी पहली पारी में 342 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। मनवंत ने 214 गेंदों का सामना करते हुए 135 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 11 चौके और छह छक्के शामिल रहे। उन्होंने अपनी पारी के दौरान अनुभवी गेंदबाज जयदेव उनादकट पर कवर के ऊपर से शानदार छक्के भी जड़े। दिन की शुरुआत कर्नाटक ने आठ विकेट पर 281 रन से की थी और मनवंत उस समय 86 रन बनाकर खेल रहे थे। तेज गेंदबाज चेतन सकारिया की गेंद पर चौका लगाकर उन्होंने 147 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। दूसरे छोर से अभिलाष शेट्टी ने उनका पूरा साथ निभाया और 137 गेंदों का सामना करते हुए 14 रन बनाकर नाबाद लौटे। इन दोनों बल्लेबाजों ने नौवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण 146 रनों की साझेदारी करके टीम को संकट से निकाला। सौराष्ट्र के लिए स्पिनर पार्थ भुट सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने पांच विकेट झटके, अंततः उन्होंने ही मनवंत को अपना शिकार बनाया। सौराष्ट्र की पारी और गेंदबाजी का पलटवार बड़े स्कोर के जवाब में खेलने उतरी सौराष्ट्र की शुरुआत बेहद शानदार रही। सलामी बल्लेबाज हेत्विक कोटक ने 46 रन और हार्विक देसाई ने 77 रनों की पारी खेलकर पहले विकेट के लिए 110 रन जोड़े। हालांकि, इसके बाद कर्नाटक के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की और सौराष्ट्र के शीर्ष क्रम को झकझोर कर रख दिया। तेज गेंदबाज विद्वत कावेरप्पा ने हार्विक को आउट कर इस खतरनाक साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अभिलाष ने 33वें और 35वें ओवर में क्रमशः चिराग जानी और जय गोहिल को पवेलियन का रास्ता दिखाया। तेज गेंदबाज विशाख विजयकुमार ने हेत्विक कोटक को आउट करके सौराष्ट्र की मुश्किलें और बढ़ा दीं, जिससे स्कोर चार विकेट पर 128 रन हो गया। दिन का खेल खत्म होने तक सौराष्ट्र ने चार विकेट के नुकसान पर 164 रन बना लिए थे। अनुभवी बल्लेबाज अर्पित वासवदा 25 रन और प्रेरक मांकड़ 13 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं, और टीम अभी भी 169 रन से पीछे है। हैदराबाद, असम और पंजाब का शानदार प्रदर्शन विजयवाड़ा में खेले जा रहे मुकाबले में हैदराबाद ने आंध्र की पूरी टीम को 184 रन पर समेट दिया। इस तरह हैदराबाद ने पहली पारी के आधार पर 91 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद अपनी दूसरी पारी में भी हैदराबाद ने दो विकेट खोकर 78 रन बना लिए और कुल बढ़त को 169 रन तक पहुंचा दिया। गुवाहाटी में असम और त्रिपुरा के बीच खेले जा रहे मैच में असम ने अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। असम ने अपनी पहली पारी में 334 रन बनाए और फिर त्रिपुरा की पूरी पारी को मात्र 62 रन पर समेटकर उन्हें फॉलोआन खेलने के लिए मजबूर कर दिया। त्रिपुरा की टीम अपनी दूसरी पारी में भी संघर्ष करती नजर आई और पांच विकेट पर 143 रन ही बना पाई। त्रिपुरा की टीम अभी भी 129 रन से पीछे है और उसके केवल पांच ही विकेट शेष हैं। मुल्लांपुर में खेले जा रहे मैच में पंजाब के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। उदय सहारन ने 161 रन और सलिल आरोड़ा ने 107 रनों की शानदार शतकीय पारियां खेलीं, जिनकी बदौलत पंजाब ने पहली पारी में 456 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में छत्तीसगढ़ की टीम ने दिन का खेल समाप्त होने तक अपने पांच विकेट मात्र 72 रन पर ही गंवा दिए, जिससे पंजाब ने इस मुकाबले में अपना शिकंजा पूरी तरह कस लिया है। इसका आप पर असर घरेलू क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी के इन मुकाबलों का सीधा असर खिलाड़ियों के चयन और घरेलू सर्किट के प्रदर्शन पर पड़ता है। • भारत में: घरेलू क्रिकेट मुकाबलों के नतीजे युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम के चयन की दौड़ में आगे आने का मौका देते हैं। इन मैचों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की पैनी नजर रहती है। • कर्नाटक में: स्थानीय खेल प्रेमियों के लिए कर्नाटक टीम का यह प्रदर्शन उत्साहजनक है, क्योंकि टीम ने सौराष्ट्र जैसी मजबूत टीम के खिलाफ पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाकर बढ़त हासिल की है। ऐसा क्यों हुआ यह स्थिति दोनों टीमों के बल्लेबाजों की तकनीकी क्षमता और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के कारण बनी है। • बल्लेबाजी का अनुशासन: कर्नाटक की ओर से मनवंत कुमार और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने लंबी साझेदारियां करके पारी को संभाला, जिससे बड़ा स्कोर संभव हो सका। • गेंदबाजी की वापसी: सौराष्ट्र के खिलाफ कर्नाटक के तेज गेंदबाजों और त्रिपुरा के खिलाफ असम के आक्रमण ने शुरुआती सफलताएं हासिल करके विपक्षी टीमों को दबाव में ला दिया। • बढ़त का आधार: पहली पारी में बड़े स्कोर बनाने वाली टीमों ने विपक्षी बल्लेबाजों पर शुरुआत से ही कड़ा दबाव बनाए रखा, जिससे उन्हें महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई। सवाल-जवाब 1. कर्नाटक ने सौराष्ट्र के खिलाफ पहली पारी में कितने रन बनाए? कर्नाटक ने अपनी पहली पारी में 342 रन का स्कोर खड़ा किया। 2. मनवंत कुमार ने कितने रन की पारी खेली? मनवंत कुमार ने 214 गेंदों में 135 रन बनाए, जो उनका पहला प्रथम श्रेणी शतक था। 3. सौराष्ट्र के लिए सबसे सफल गेंदबाज कौन रहा? पार्थ भुट सौराष्ट्र के सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने पांच विकेट लिए। 4. हैदराबाद ने आंध्र के खिलाफ कितनी बढ़त हासिल की? हैदराबाद ने पहली पारी के आधार पर 91 रन की बढ़त हासिल की। 5. पंजाब के लिए किन बल्लेबाजों ने शतक बनाए? पंजाब के लिए उदय सहारन ने 161 रन और सलिल आरोड़ा ने 107 रन बनाए। https://trendkia.com/cricket/ranji-trophy-roundup-karnataka-takes-control-as-assam-and-uttar-pradesh-tighten-grip-51090 TrendKia — Har trend, sabse pehle.