रेड बॉल क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी को लीडरशिप देने में जल्दबाजी न करें चयनकर्ता, सचिन तेंदुलकर ने दी सलाह सचिन तेंदुलकर ने 15 वर्षीय युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में उपकप्तान बनाए जाने को जल्दबाजी भरा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि लाल गेंद के प्रारूप में युवा खिलाड़ी को बिना अतिरिक्त दबाव के स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने देना चाहिए। भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्रिकेट जगत में व्यापक चर्चा जारी है। न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टी20 टीम में शामिल रहे वैभव को केवल दो मैचों में मैदान पर उतरने का अवसर मिला था, जहां उन्होंने एक मुकाबले में अपने बल्ले से बेहतरीन प्रभाव छोड़ा था। अब सबकी निगाहें 19 नवंबर से कतर में शुरू होने वाले इमर्जिंग एशिया कप पर टिकी हैं, जहां वैभव एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना कौशल दिखाने के लिए तैयार हैं। कम उम्र में लगातार मिल रहे बड़े मौकों के बीच अब पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने इस युवा प्रतिभा के विकास और जिम्मेदारियों को लेकर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की है। दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी सौंपने पर सचिन तेंदुलकर का नजरिया सचिन तेंदुलकर 3 नवंबर को रेडिट पर एक प्रश्नोत्तर सत्र में प्रशंसकों के साथ संवाद कर रहे थे। इस बातचीत के दौरान एक प्रशंसक ने उनसे पूछा कि सिर्फ 15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को नेतृत्व की जिम्मेदारी देने के बारे में उनका क्या दृष्टिकोण है। इस पर अपने विचार साझा करते हुए सचिन ने कहा कि उन्हें लगता है कि दलीप ट्रॉफी में वैभव को उपकप्तान बनाना थोड़ा जल्दबाजी भरा निर्णय था। सचिन तेंदुलकर का मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए रेड बॉल क्रिकेट में खुद को स्थापित करना एक क्रमिक प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवा बल्लेबाज को लाल गेंद के फॉर्मेट में अधिक से अधिक मैच खेलने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वह खेल की बारीकियों को समझ सकें। उनके अनुसार खिलाड़ी को एक-एक कदम आगे बढ़ाना चाहिए ताकि उस पर खेल के साथ-साथ नेतृत्व का गैर-जरूरी मानसिक दबाव न पड़े। इसी संवाद सत्र में मानसिक एकाग्रता को लेकर पूछे गए एक अन्य सवाल पर सचिन ने सलाह दी कि कुछ देर आंखें बंद करके केवल अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करने से भटकाव से बचने में सहायता मिलती है। वैभव का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अनुभव वैभव सूर्यवंशी का अब तक का सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। 15 वर्ष की उम्र में ही वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10 टी20 मैच खेल चुके हैं, और उनका प्रदर्शन वैश्विक क्रिकेट प्रशंसकों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है। घरेलू सर्किट में भी उनका रिकॉर्ड उल्लेखनीय है, जहां वह अब तक 11 प्रथम श्रेणी मुकाबले खेल चुके हैं। घरेलू सत्र में दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतने वाली ईस्ट जोन की टीम में वैभव को न केवल शामिल किया गया था, बल्कि चयनकर्ताओं ने उन्हें उपकप्तानी का दायित्व भी सौंपा था। यही वह फैसला था जिसे लेकर सचिन तेंदुलकर ने चयनकर्ताओं को अत्यधिक जल्दबाजी न दिखाने की सलाह दी है। इमर्जिंग एशिया कप में सीनियर टीम के लिए दावेदारी का मौका बीसीसीआई ने कतर में 19 नवंबर से आयोजित होने वाले इमर्जिंग एशिया कप के लिए तिलक वर्मा के नेतृत्व में भारत-ए टीम की घोषणा की है। इस टीम में वैभव सूर्यवंशी के साथ अभिषेक शर्मा को भी शामिल किया गया है। टूर्नामेंट में अभिषेक शर्मा के साथ वैभव की ओपनिंग जोड़ी बनना लगभग तय माना जा रहा है। भारतीय सीनियर टीम की प्लेइंग 11 में अभी वैभव की जगह पूरी तरह से तय नहीं हुई है, ऐसे में इमर्जिंग एशिया कप उनके लिए अपने प्रदर्शन को और मजबूत करने तथा चयनकर्ताओं का विश्वास जीतने का एक बड़ा मंच साबित हो सकता है। इसका आप पर असर यह घटनाक्रम भारतीय क्रिकेट व्यवस्था में युवा प्रतिभाओं के संरक्षण और उनके क्रमिक विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। • युवा खिलाड़ियों पर असर: सचिन तेंदुलकर की सलाह चयनकर्ताओं को युवा खिलाड़ियों पर कप्तानी का दबाव डालने से रोक सकती है। इससे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी जैसे उभरते एथलीटों को बिना मानसिक बोझ के अपनी तकनीक पर ध्यान देने की छूट मिलेगी। • आगामी टूर्नामेंट का महत्व: 19 नवंबर से कतर में होने वाले इमर्जिंग एशिया कप पर दर्शकों और चयनकर्ताओं की पैनी नजर रहेगी। इस प्रतियोगिता में वैभव और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग साझेदारी उनके सीनियर टीम में नियमित चयन का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। • घरेलू क्रिकेट की भूमिका: प्रथम श्रेणी और दलीप ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंटों में युवाओं को नेतृत्व के बजाय खेलने के अधिक अवसर देने पर बल दिया जाएगा। इससे खिलाड़ियों का स्वाभाविक विकास संभव हो सकेगा। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: प्रशंसकों को युवा प्रतिभाओं से अवास्तविक अपेक्षाएं रखने से बचने की सीख मिलती है। किसी भी खिलाड़ी को खेल के सबसे लंबे प्रारूप में परिपक्व होने के लिए पर्याप्त समय देना आवश्यक है। ऐसा क्यों हुआ यह चर्चा तब शुरू हुई जब 15 वर्षीय युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतने वाली ईस्ट जोन की टीम का उपकप्तान बनाया गया और बाद में सचिन तेंदुलकर से इस पर सवाल पूछा गया। • दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी का फैसला: ईस्ट जोन चयनकर्ताओं ने 11 प्रथम श्रेणी मैचों के अनुभव वाले वैभव को खिताब जीतने वाले अभियान में उपकप्तानी का जिम्मा सौंपा था। इतनी कम उम्र में घरेलू टूर्नामेंट में नेतृत्व पद दिए जाने से खेल जगत में बहस छिड़ गई। • रेडिट पर सवाल-जवाब सत्र: 3 नवंबर को एक फैन ने सीधे सचिन तेंदुलकर से वैभव को 15 साल की उम्र में मिली इस जिम्मेदारी पर उनकी राय पूछी। तेंदुलकर ने स्पष्ट किया कि लाल गेंद प्रारूप में इतनी जल्दी कप्तानी का जिम्मा देना उचित नहीं है। • सीनियर स्तर पर जगह पक्की करने की चुनौती: वैभव भारत के लिए 10 टी20 मैच खेल चुके हैं और न्यूजीलैंड दौरे पर भी टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन सीनियर प्लेइंग 11 में उनकी जगह अभी पक्की नहीं है। इसी वजह से विशेषज्ञों का मानना है कि उनका पूरा ध्यान पहले अपनी बल्लेबाजी पर होना चाहिए। सवाल-जवाब 1. सचिन तेंदुलकर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या कहा? सचिन तेंदुलकर ने कहा कि 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में उपकप्तान बनाना थोड़ा जल्दबाजी भरा फैसला था और उन्हें रेड बॉल क्रिकेट में कदम-दर-कदम आगे बढ़ने देना चाहिए। 2. वैभव सूर्यवंशी अब तक कितने अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी मैच खेल चुके हैं? वैभव सूर्यवंशी अब तक 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच और 11 प्रथम श्रेणी मैच खेल चुके हैं। 3. इमर्जिंग एशिया कप कब और कहां आयोजित होगा? इमर्जिंग एशिया कप 19 नवंबर से कतर में आयोजित होने जा रहा है। 4. इमर्जिंग एशिया कप में इंडिया-ए टीम का कप्तान कौन है? इमर्जिंग एशिया कप के लिए घोषित इंडिया-ए टीम के कप्तान तिलक वर्मा हैं। 5. सचिन तेंदुलकर ने ध्यान केंद्रित करने के लिए क्या सुझाव दिया? सचिन ने सलाह दी कि कुछ देर के लिए आंखें बंद करके केवल अपनी सांस पर ध्यान लगाने से भटकाव को दूर करने में मदद मिलती है। https://trendkia.com/cricket/reda-bola-kriketa-men-vaibhav-sooryavanshi-ko-lidarashipa-dene-men-jaldabaji-na-karen-chayanakarta-sachin-tendulkar-ne-di-salaha-56098 TrendKia — Har trend, sabse pehle.