रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचा तीसरा वनडे, ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम गेंद पर जिम्बाब्वे को 1 विकेट से हराया तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में कंगारू टीम ने अंतिम गेंद पर आखिरी विकेट बचाकर 272 रनों का लक्ष्य पा लिया। इस दिल दहला देने वाली जीत के साथ ही मेहमानों ने 3 मैचों की श्रृंखला 3-0 से जीत ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब दो टीमों के बीच कांटे की टक्कर हो और फैसला आखिरी गेंद तक खिंचे, तो खेल का उत्साह कई गुना बढ़ जाता है। तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में कुछ ऐसा ही अविश्वसनीय नजारा देखने को मिला, जहां मुकाबला आखिरी गेंद और अंतिम विकेट पर जाकर टिका था। मेजबान जिम्बाब्वे ऐतिहासिक विजय दर्ज करने के बेहद करीब था, मगर ऑस्ट्रेलियाई निचले क्रम ने मैदान पर गजब का जुझारूपन दिखाया। मेहमान टीम ने 1 गेंद शेष रहते हुए 1 विकेट से रोमांचक जीत हासिल कर ली। इस संघर्षपूर्ण जीत के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 3 मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला पर 3-0 से कब्जा जमा लिया। शीर्ष क्रम के धराशायी होने के बाद लड़खड़ाई ऑस्ट्रेलियाई पारी लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम को 272 रनों का लक्ष्य हासिल करना था, लेकिन दोनों मुख्य सलामी बल्लेबाज सस्ते में निपट गए। कप्तान मिचेल मार्श सिर्फ 8 रन के निजी स्कोर पर चलते बने, वहीं विस्फोटक बल्लेबाज ट्रेविस हेड भी 6 रन से आगे नहीं बढ़ सके। इन दोनों प्रमुख खिलाड़ियों को ब्रैड इवांस ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ पर फंसाकर पवेलियन का रास्ता दिखाया। शुरुआत में ही दो बड़े झटके लगने के कारण मेहमान खेमे पर भारी दबाव बन गया था। इसके बाद कूपर कोनोली और जोश इंग्लिस ने टीम को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की उपयोगी साझेदारी की। हालांकि जब यह जोड़ी पैर जमाती दिख रही थी, तभी ग्रीम क्रीमर ने कोनोली को 21 रन पर बोल्ड करके इस साझेदारी का अंत कर दिया। इंग्लिस और कैरी की अर्धशतकीय साझेदारी से लौटी उम्मीद कोनोली के आउट होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज जोश इंग्लिस को एलेक्स कैरी का मजबूत सहारा मिला। दोनों बल्लेबाजों ने स्थिति की नजाकत को समझते हुए संभलकर बल्लेबाजी की और चौथे विकेट के लिए 85 रन जोड़े। एलेक्स कैरी ने उपयोगी योगदान देते हुए 34 रन बनाए और दूसरे छोर पर इंग्लिस का पूरा साथ दिया। यह साझेदारी टीम को जीत की पटरी पर वापस लाती दिख रही थी। लेकिन जैसे ही ऑस्ट्रेलियाई टीम हावी होने लगी, ब्रैड इवांस ने जिम्बाब्वे को बहुमूल्य ब्रेकथ्रू दिला दिया। इवांस ने कैरी को कैच करवाकर इस खतरनाक दिख रही पार्टनरशिप को तोड़ दिया और मैच में फिर से जान फूंक दी। अचानक बिखरा मध्यक्रम, 206 रन पर गंवाए 7 विकेट कैरी के मैदान छोड़ते ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम में अचानक भगदड़ मच गई। एक समय 3 विकेट के नुकसान पर 162 रन बनाकर मजबूत नजर आ रही टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज एक-एक करके पवेलियन लौट गए। देखते ही देखते टीम का स्कोर 7 विकेट पर 206 रन हो गया। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली थी और मेजबान समर्थक अपनी टीम की जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आने लगे थे। बिना किसी छक्के के जोश इंग्लिस का अनुशासित शतक एक छोर से लगातार गिरते विकेटों के बावजूद जोश इंग्लिस अडिग रहे। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य का परिचय दिया और 102 गेंदों का सामना करते हुए 103 रनों की बेजोड़ शतकीय पारी खेली। इंग्लिस की इस पारी की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने इस दौरान एक भी छक्का नहीं जड़ा। उन्होंने केवल चौकों और दौड़कर लिए गए रनों के जरिए अपनी टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की पारी में छक्का लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज कप्तान मिचेल मार्श ही रहे। सिकंदर रजा का दोहरा वार और 245 पर नौवां झटका मुकाबला जब नाजुक मोड़ पर था, तब 42वें ओवर की पहली ही गेंद पर सिकंदर रजा ने शतकवीर जोश इंग्लिस को आउट करके पूरे मैच का पासा पलट दिया। इंग्लिस के आउट होने पर ऑस्ट्रेलिया की जीत बेहद दूर नजर आने लगी, क्योंकि जीत के लिए अभी भी 45 रन बनाने थे और टीम के हाथ में विकेट नहीं बचे थे। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने शिकंजा कसते हुए 245 रन के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया का नौवां विकेट भी गिरा दिया। अब मैच पूरी तरह जिम्बाब्वे की झोली में जाता दिख रहा था और उसे सिर्फ एक विकेट की तलाश थी। नेथन एलिस और स्पेंसर जॉनसन की साहसिक बल्लेबाजी जब ऑस्ट्रेलिया की हार लगभग तय मानी जा रही थी, तब दसवें और ग्यारहवें नंबर के बल्लेबाजों ने करिश्मा कर दिखाया। नेथन एलिस ने मोर्चा संभालते हुए 36 रनों की अमूल्य पारी खेली और दबाव को अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया। दूसरे छोर पर खड़े स्पेंसर जॉनसन ने भी धैर्य बनाए रखा और हर गेंद पर एलिस का भरपूर साथ दिया। दोनों खिलाड़ियों ने अंतिम विकेट के लिए जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए मुकाबले को बिल्कुल आखिरी गेंद तक पहुंचा दिया। अंतिम गेंद पर फैसला और जिम्बाब्वे का 271 रनों का संघर्ष अंतिम ओवर में दोनों टीमों के बीच रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया था। आखिरी गेंद पर ऑस्ट्रेलिया को जीत की दरकार थी और उनके पास सिर्फ 1 विकेट बचा था। मेहमान टीम ने संयम बरतते हुए जरूरी रन पूरा कर लिया और 1 गेंद शेष रहते 1 विकेट से अविश्वसनीय जीत दर्ज कर ली। इससे पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था और निर्धारित ओवरों में 271 रन बनाए थे। मेजबान टीम के लिए कप्तान सिकंदर रजा ने सबसे ज्यादा 81 रन बनाए, जबकि क्रेग एर्विन ने 59 और इनोसेंट काइया ने 55 रनों की उम्दा पारियां खेली थीं। गेंदबाजी में ब्रैड इवांस ने 4 विकेट झटके, वहीं सिकंदर रजा और ग्रीम क्रीमर के खाते में 2-2 विकेट आए, लेकिन अंत में जिम्बाब्वे की यह कड़ी मेहनत जीत में नहीं बदल सकी। इसका आप पर असर इस रोमांचक मुकाबले के नतीजे का सीधा असर दोनों देशों की एकदिवसीय रैंकिंग और आगामी द्विपक्षीय सीरीज के रणनीतिक समीकरणों पर पड़ेगा। • क्रिकेट प्रशंसकों पर असर: इस तरह के रोमांचक मैचों से एकदिवसीय प्रारूप की लोकप्रियता में फिर से इजाफा होता दिख रहा है। दर्शकों को पचास ओवर के क्रिकेट में आखिरी गेंद तक जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। • ऑस्ट्रेलियाई टीम की बेंच स्ट्रेंथ: शीर्ष बल्लेबाजों के नाकाम होने के बावजूद पुछल्ले बल्लेबाजों ने दबाव में मैच जिताकर अपना दावा मजबूत किया है। इससे आगामी वैश्विक टूर्नामेंटों के लिए चयनकर्ताओं को निचले क्रम पर अधिक भरोसा मिलेगा। • जिम्बाब्वे क्रिकेट का मनोबल: सीरीज 0-3 से गंवाने के बावजूद बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर देने से मेजबान खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। आने वाले मुकाबलों में टीम बड़े उलटफेर करने के लिए मानसिक रूप से तैयार दिखेगी। • खिलाड़ियों के व्यक्तिगत करियर: जोश इंग्लिस और नेथन एलिस के इस प्रदर्शन से टीम में उनकी जगह और अधिक पक्की हो जाएगी। दबाव में खेली गई यह पारियां खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय साख को मजबूत करती हैं। ऐसा क्यों हुआ तीसरे एकदिवसीय मैच का फैसला आखिरी गेंद तक जाने के पीछे दोनों टीमों का बेहतरीन खेल और बार-बार बदलते मैच के हालात मुख्य वजह रहे। • जिम्बाब्वे की ठोस बल्लेबाजी: कप्तान सिकंदर रजा के 81 रनों के साथ-साथ क्रेग एर्विन और इनोसेंट काइया के अर्धशतकों ने टीम को 271 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इस स्कोर ने ऑस्ट्रेलियाई टीम पर शुरुआती दबाव बनाने का काम किया। • ब्रैड इवांस के शुरुआती और मध्य झटके: इवांस ने 4 विकेट लेकर पहले शीर्ष क्रम को ध्वस्त किया और बाद में जमी हुई साझेदारियों को तोड़ा। इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम एक समय 206 रन पर 7 विकेट गंवाकर बैकफुट पर चली गई थी। • जोश इंग्लिस की नियंत्रित शतकीय पारी: इंग्लिस ने जोखिम मुक्त क्रिकेट खेलते हुए 103 रन बनाए और एक छोर को मजबूती से संभाले रखा। इस पारी ने ऑस्ट्रेलिया को मैच में पूरी तरह बाहर होने से बचाए रखा। • नेथन एलिस और स्पेंसर जॉनसन की साझेदारी: नौ विकेट गिरने के बाद अंतिम जोड़ी ने धैर्य से बल्लेबाजी करते हुए 36 रन जोड़े। इसी जुझारूपन के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम गेंद पर रोमांचक जीत दर्ज की। सवाल-जवाब 1. तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे को कितने विकेट से हराया? ऑस्ट्रेलिया ने सांस रोक देने वाले इस मैच में 1 गेंद शेष रहते 1 विकेट से जीत दर्ज की। 2. इस जीत के साथ वनडे सीरीज का क्या नतीजा रहा? ऑस्ट्रेलिया ने 3 मैचों की इस एकदिवसीय सीरीज को 3-0 से अपने नाम कर लिया। 3. जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कुल कितना स्कोर बनाया था? जिम्बाब्वे की टीम ने निर्धारित ओवरों में 271 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया था। 4. जिम्बाब्वे के लिए सबसे ज्यादा रन किस बल्लेबाज ने बनाए? कप्तान सिकंदर रजा ने सर्वाधिक 81 रनों की पारी खेली, जबकि क्रेग एर्विन ने 59 और इनोसेंट काइया ने 55 रन बनाए। 5. ऑस्ट्रेलिया की ओर से शतक किस खिलाड़ी ने लगाया? विकेटकीपर बल्लेबाज जोश इंग्लिस ने 102 गेंदों में बिना कोई छक्का लगाए 103 रनों की शतकीय पारी खेली। 6. जिम्बाब्वे का कौन सा गेंदबाज सबसे सफल रहा? ब्रैड इवांस ने शानदार गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। 7. अंतिम विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की तरफ से किन खिलाड़ियों ने संघर्ष किया? नेथन एलिस ने 36 रन बनाए और स्पेंसर जॉनसन के साथ मिलकर टीम को जीत की दहलीज पार कराई। https://trendkia.com/cricket/romancha-ki-parakashtha-para-pahuncha-tisara-vanade-australia-ne-antima-genda-para-zimbabwe-ko-1-viketa-se-haraya-35395 TrendKia — Har trend, sabse pehle.