रुतुराज गायकवाड के लिए बंद हो सकती है वनडे की राह, वेस्टइंडीज दौरे पर हाथ से फिसला मौका वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में रुतुराज गायकवाड तीन मैचों में कुल 101 रन ही जुटा सके, जिससे भविष्य में उनके चयन को लेकर संदेह गहरा गया है। कैरेबियाई सरजमीं पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच संपन्न हुई तीन मुकाबलों की एकदिवसीय श्रृंखला में भारतीय चयनकर्ताओं ने दूसरी पंक्ति के कई खिलाड़ियों को परखने का फैसला किया था। इसकी मुख्य वजह यह थी कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत का एक बड़ा दल एशियन गेम्स में हिस्सा लेने गया हुआ था। सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के चलते चयनकर्ताओं ने रुतुराज गायकवाड को इस दौरे पर मौका सौंपा और उन्हें तीनों ही मैचों की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया। हालांकि, मिले भरपूर मौकों के बावजूद गायकवाड अपने बल्ले से कोई बड़ी छाप छोड़ने में विफल रहे। शुरुआती मुकाबलों में नाबाद रहने के बाद जब निर्णायक तीसरे मैच में उनके पास एक लंबी पारी खेलकर अपनी जगह पक्की करने का शानदार अवसर था, तब वह सस्ते में पवेलियन लौट गए। इस लचर प्रदर्शन के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वह भविष्य में भारतीय वनडे टीम में अपनी जगह बचा पाएंगे। चार साल के करियर में मिले सीमित मौके रुतुराज गायकवाड के अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर की शुरुआत साल 2022 में हुई थी। इसके बाद से बीते करीब चार वर्षों के दौरान उन्हें राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने के बहुत गिने-चुने अवसर ही प्राप्त हुए हैं। अब तक वह केवल 12 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच ही खेल सके हैं, जिनमें उनके नाम कुल 329 रन दर्ज हैं। इस प्रारूप में उनके रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक जमाए हैं। हाल ही में समाप्त हुई वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के दौरान वह केवल एक अर्धशतकीय पारी ही खेल पाए। श्रृंखला के पहले मैच में वह 13 रन बनाकर नाबाद रहे थे, जबकि दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में उन्होंने नाबाद 31 रनों की पारी खेली थी। इन दोनों ही मैचों में उनके पास क्रीज पर बहुत अधिक समय बिताने का मौका नहीं था क्योंकि परिस्थितियां पहले ही तय हो चुकी थीं। निर्णायक मैच में गंवाया बड़ा मौका तीसरे और अंतिम वनडे मैच में टीम की स्थिति ऐसी बनी कि गायकवाड को काफी जल्दी बल्लेबाजी करने का अवसर मिला। यह वह समय था जब वह संभलकर खेलते हुए एक बड़ी पारी खड़ा कर सकते थे और चयनकर्ताओं को अपनी उपयोगिता साबित कर सकते थे, लेकिन वह इस मौके को भुनाने में पूरी तरह नाकाम रहे। पूरी तीन मैचों की श्रृंखला में वह कुल मिलाकर केवल 101 रन ही अपने खाते में जोड़ पाए। ऐसे समय में जब भारतीय क्रिकेट में हर एक पायदान के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है, इस प्रकार के प्रदर्शन से किसी भी खिलाड़ी का दावा कमजोर पड़ जाता है। न्यूजीलैंड दौरे पर वापसी की राह बेहद कठिन वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मुकाबले पूरे होने के बाद अब भारतीय टीम को पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलनी है, जिसके दल में गायकवाड को जगह नहीं दी गई है। वहीं 50 ओवरों के प्रारूप की बात करें तो टीम इंडिया अब सीधे 4 नवंबर को मैदान पर उतरेगी, जिसमें करीब एक महीने का समय शेष है। उस आगामी दौरे पर भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ उसी के घरेलू मैदानों पर एकदिवसीय श्रृंखला खेलनी है। न्यूजीलैंड दौरे पर गायकवाड को टीम में चुने जाने की संभावनाएं बेहद कम नजर आ रही हैं, क्योंकि तब तक नियमित खिलाड़ी श्रेयस अय्यर चयन के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। मुख्य बल्लेबाजों की वापसी के बाद रुतुराज को आगे वनडे टीम में कब और कैसे मौका मिल पाएगा, यह देखना काफी दिलचस्प रहेगा। इसका आप पर असर रुतुराज गायकवाड के हालिया प्रदर्शन से भारतीय वनडे टीम में शीर्ष क्रम की प्रतिस्पर्धा और चयन समीकरणों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: टीम इंडिया के प्रशंसकों को आगामी दौरों पर शीर्ष क्रम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। श्रेयस अय्यर की वापसी से रुतुराज जैसे बैकअप बल्लेबाजों को एकादश में जगह मिलना अब काफी मुश्किल हो जाएगा। • रुतुराज गायकवाड के करियर पर: वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों में 101 रन बनाने के बाद उनका वनडे औसत और चयनकर्ताओं का भरोसा दोनों प्रभावित हुए हैं। टी20 टीम से पहले ही बाहर होने के बाद अब 4 नवंबर से शुरू होने वाली न्यूजीलैंड वनडे सीरीज में भी उनका चुना जाना संदिग्ध है। • टीम इंडिया के चयन समीकरण: चयनकर्ताओं को रिजर्व ओपनर और मध्यक्रम के विकल्पों पर फिर से विचार करना होगा। जब मुख्य खिलाड़ी उपलब्ध होंगे, तो बेंच स्ट्रेंथ में उन खिलाड़ियों को वरीयता मिलेगी जो मिले मौकों पर बड़ी पारियां खेल चुके हैं। • घरेलू क्रिकेट की महत्ता: गायकवाड को राष्ट्रीय टीम में दोबारा दावा ठोकने के लिए अब घरेलू सर्किट में भारी रन बनाने होंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले मौकों को न भुनाने के कारण उन्हें अपनी लय साबित करने के लिए दोबारा लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ रुतुराज गायकवाड को वेस्टइंडीज दौरे पर मौका मिलने और फिर उनके भविष्य पर सवाल खड़े होने के पीछे चयन संबंधी परिस्थितियां और मैदान पर उनका प्रदर्शन मुख्य कारण रहे हैं। • सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति: श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में एक भारतीय टीम एशियन गेम्स में हिस्सा लेने गई हुई थी। इसी कारण चयनकर्ताओं को दूसरे दर्जे के खिलाड़ियों को मौका देना पड़ा और रुतुराज को तीनों वनडे मैचों में खेलने का अवसर मिला। • महत्वपूर्ण मौके को भुनाने में नाकामी: पहले दो मैचों में नाबाद 13 और 31 रन बनाने के बाद तीसरे मुकाबले में उनके पास लंबी पारी खेलने का पूरा मौका था। जल्दी क्रीज पर आने के बावजूद वह बड़ा स्कोर नहीं बना सके और पूरी सीरीज में सिर्फ 101 रन ही जुटा पाए। • नियमित खिलाड़ियों की वापसी: चार नवंबर को होने वाले न्यूजीलैंड दौरे तक श्रेयस अय्यर चयन के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहेंगे। सीनियर खिलाड़ियों की वापसी से स्क्वॉड में जगह सीमित हो जाएगी, जिससे गायकवाड का पत्ता कटना तय माना जा रहा है। सवाल-जवाब 1. रुतुराज गायकवाड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों में कुल कितने रन बनाए? रुतुराज गायकवाड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज में कुल 101 रन बनाए। 2. गायकवाड को वेस्टइंडीज दौरे पर वनडे टीम में क्यों शामिल किया गया था? श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का एक दल एशियन गेम्स खेलने गया हुआ था, जिसके चलते नियमित खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में गायकवाड को मौका मिला। 3. रुतुराज गायकवाड का अब तक का वनडे करियर रिकॉर्ड क्या है? साल 2022 में डेब्यू करने वाले गायकवाड ने करीब चार वर्षों में 12 वनडे खेले हैं, जिनमें उनके नाम एक शतक और दो अर्धशतक सहित 329 रन दर्ज हैं। 4. भारतीय टीम अब अगली एकदिवसीय सीरीज कब और किसके खिलाफ खेलेगी? भारतीय टीम अपनी अगली वनडे सीरीज 4 नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ उसी की सरजमीं पर खेलेगी। https://trendkia.com/cricket/ruturaj-gaikwad-ke-lie-bnda-ho-sakati-hai-vanade-ki-raha-west-indies-daure-para-hatha-se-phisala-mauka-43178 TrendKia — Har trend, sabse pehle.