सचिन का रिकॉर्ड टूटते ही कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी को दिया भरोसे का सर्टिफिकेट मेनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में डेब्यू करते ही वैभव सूर्यवंशी ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, और कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस के दौरान उनकी जमकर तारीफ की। मेनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में शामिल किया गया, और इसी के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करते हुए एक बड़ा इतिहास रच दिया। वैभव भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं, और इस उपलब्धि के साथ उन्होंने दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। टॉस पर कप्तान ने जताया भरोसा टॉस के दौरान टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर ने सबसे पहले पहले बल्लेबाजी करने का फैसला सुनाया। इसके बाद उन्होंने बताया कि इस मैच के लिए संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया है। वैभव पर बात करते हुए अय्यर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हर किसी ने देखा है कि यह युवा बल्लेबाज कितनी शानदार फॉर्म में है, और उन्हें पूरा यकीन है कि वैभव इस टीम में जगह पाने के पूरी तरह हकदार हैं। अय्यर ने आगे जोड़ा कि वैभव किसी भी दबाव में नहीं आते और बिना किसी डर के खेलते हैं। उनके मुताबिक, वैभव को अच्छी तरह पता है कि आने वाले मैचों में उनके सामने कैसी चुनौतियां आ सकती हैं। कप्तान ने यह भी कहा कि नेट्स में वैभव जिस अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं और गेंदबाजों को खेलते हैं, उससे ही उनकी काबिलियत झलकती है। सचिन का रिकॉर्ड टूटा, इतिहास की किताब में दर्ज हुआ नाम प्लेइंग XI में जगह मिलते ही वैभव सूर्यवंशी भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। फुल मेंबर देशों की लिस्ट में दूसरा सबसे युवा डेब्यू इतना ही नहीं, वैभव ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वो फुल मेंबर टीमों के बीच खेले जाने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में सबसे ऊपर पाकिस्तान के हसन रजा का नाम है, जिन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ महज 14 साल 227 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। वैभव अब इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। इनके बाद बांग्लादेश के मोहम्मद शरीफ (15 साल 116 दिन), पाकिस्तान के मुश्ताक मोहम्मद (15 साल 124 दिन) और आकिब जावेद (16 साल 127 दिन) का नंबर आता है। इतनी कम उम्र में दुनिया के इन दिग्गज खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शामिल होना वैभव सूर्यवंशी के करियर के लिए बेहद खास पल है। वैभव के लिए क्यों खास है ये पल टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना और उसी मैच में डेब्यू कर लेना, वैभव सूर्यवंशी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शुमार हो गया है। कप्तान श्रेयस अय्यर का खुलकर समर्थन करना यह भी दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट को इस युवा बल्लेबाज की काबिलियत पर पूरा भरोसा है। आने वाले मैचों में सबकी नजरें इस बात पर रहेंगी कि वो इस मौके को कैसे भुनाते हैं। इसका आप पर असर • क्रिकेट फैंस के लिए: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू के साथ ही भारतीय टीम में एक नया युवा चेहरा जुड़ गया है, जिस पर आने वाले टी20 मैचों में फैंस की खास नजर रहेगी। सवाल-जवाब 1. वैभव सूर्यवंशी ने कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा? उन्होंने भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनकर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। 2. वैभव को किसकी जगह प्लेइंग XI में शामिल किया गया? उन्हें संजू सैमसन की जगह टीम में शामिल किया गया। 3. यह मैच कहां खेला जा रहा है? यह दूसरा टी20 मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ मेनचेस्टर में खेला जा रहा है। 4. कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस पर क्या कहा? उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी प्लेइंग XI में जगह डिजर्व करते हैं और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला भी सुनाया। 5. फुल मेंबर टीमों के बीच सबसे कम उम्र में डेब्यू का रिकॉर्ड किसके नाम है? यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के हसन रजा के नाम है, जिन्होंने 14 साल 227 दिन की उम्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू किया था। 6. इस लिस्ट में वैभव सूर्यवंशी के बाद कौन-कौन आता है? उनके बाद बांग्लादेश के मोहम्मद शरीफ (15 साल 116 दिन), पाकिस्तान के मुश्ताक मोहम्मद (15 साल 124 दिन) और आकिब जावेद (16 साल 127 दिन) का नंबर आता है। प्रेरणा और सबक • दबाव में भी शांत रहना सीखें: कप्तान श्रेयस अय्यर के मुताबिक वैभव किसी भी दबाव में नहीं आते, यह आदत उन्हें बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है। • निडर होकर खेलना: वैभव बिना किसी डर के खेलते हैं, जो युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी सीख है। • तैयारी पर भरोसा: नेट्स में लगातार अभ्यास और गेंदबाजों का डटकर सामना करना ही वैभव को असली मैच के लिए तैयार करता है। • उम्र नहीं, काबिलियत मायने रखती है: महज़ कम उम्र में ही वैभव ने दिखा दिया कि सही मौका मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। https://trendkia.com/cricket/sachin-ka-rikorda-tutate-hi-kaptana-shreyas-iyer-ne-vaibhav-suryavanshi-ko-diya-bharose-ka-sartiphiketa-4718 TrendKia — Har trend, sabse pehle.