# सहवाग की दो टूक: रोहित शर्मा के संन्यास तक यशस्वी जायसवाल को वनडे में पक्की जगह मिलना आसान नहीं

> वीरेंद्र सहवाग का कहना है कि रोहित शर्मा के रिटायर होते ही यशस्वी जायसवाल वनडे और वाइट-बॉल टीम में नियमित खिलाड़ी बन जाएंगे, क्योंकि अभी ओपनिंग की दोनों जगहें भरी हुई हैं।

**Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/sahavaga-ki-do-tuka-rohita-sharma-ke-snnyasa-taka-yashasvi-jayasavala-ko-vanade--459

टेस्ट क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से नाम कमा चुके भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के लिए वनडे टीम का दरवाजा फिलहाल पूरी तरह नहीं खुल पा रहा। प्रतिभा की कोई कमी नहीं, लेकिन ओपनिंग की कुर्सियां पहले से भरी हैं — और यही वजह है कि उन्हें मौके के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने इस पूरी स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी है।

## मौका मिला तो किस्मत से, प्रदर्शन के दम पर नहीं रुके
जायसवाल को इस बार वनडे टीम में जगह तब मिली जब विराट कोहली चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज से बाहर हो गए और चयनकर्ताओं को विकल्प तलाशना पड़ा। सहवाग के मुताबिक यह कोई संयोग नहीं कि जायसवाल टीम में अंदर-बाहर होते रहते हैं — असल वजह यह है कि टॉप ऑर्डर में जगह ही खाली नहीं है।

सहवाग का साफ मानना है कि जायसवाल में तीनों फॉर्मेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने का दमखम है। दिक्कत सिर्फ इतनी है कि रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने ओपनिंग में अपनी जगह इतनी मजबूती से जमा ली है कि किसी तीसरे के लिए वहां फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं बची। जायसवाल को बल्ला तभी थमाया जाता है जब इन दोनों में से कोई सीनियर खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होता।

## जब-जब मिला मौका, बल्ले ने जवाब दिया
सहवाग ने इस बात पर जोर दिया कि जायसवाल को कभी खराब प्रदर्शन के चलते बाहर नहीं किया गया। जितने भी गिने-चुने वनडे मौके उन्हें मिले, उनमें उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की। इसकी सबसे बड़ी मिसाल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापट्टनम में खेली गई उनकी नाबाद पारी है, जिसमें उन्होंने 121 गेंदों पर नाबाद 116 रन बनाए।

क्रिकबज शो पर बात करते हुए सहवाग ने कहा, “अभी जगह नहीं है। शुभमन गिल कप्तान हैं। रोहित शर्मा खेल रहे हैं। जैसे ही रोहित शर्मा रिटायर होंगे, आप जायसवाल को वाइट-बॉल और वनडे क्रिकेट में खेलते देखेंगे। रुतुराज गायकवाड़ उनके प्रतिद्वंदी हो सकते हैं। अगर आप तीन ओपनर लेते हैं, तो जायसवाल उनमें जरूर होंगे।”

उन्होंने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए जोड़ा, “देखिए, वह वनडे टीम में तभी आए हैं जब गिल या शर्मा उपलब्ध नहीं थे। ऐसा नहीं था कि उन्हें मौका मिला और उन्होंने प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने जब मौका मिला, बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसा नहीं था कि उन्हें खराब प्रदर्शन के बाद बाहर किया गया। वह टीम में इसलिए थे क्योंकि कोई और नहीं खेल रहा था।”

## सिर्फ जायसवाल नहीं, यह खिलाड़ी भी कतार में
सहवाग ने इस मौके पर एक और नाम याद दिलाया। उनके मुताबिक ईशान किशन भी इस समय वनडे क्रिकेट का हिस्सा नहीं हैं, जबकि उनके नाम वनडे की सबसे तेज दोहरी शतक का रिकॉर्ड दर्ज है। सहवाग ने उन्हें भी एक मजबूत दावेदार बताया।

अंत में सहवाग ने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा, “मैं जायसवाल को वनडे और टी20 में यानी तीनों फॉर्मेट में देखना चाहूंगा। वह ऐसा खिलाड़ी है जो तीनों फॉर्मेट में खेल सकता है।” यानी सहवाग की नजर में जायसवाल का असली दौर तब शुरू होगा जब टॉप ऑर्डर में जगह बनेगी — और वह दिन रोहित शर्मा के संन्यास के साथ आने की संभावना है।

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